1. Hindi News
  2. एजुकेशन
  3. परीक्षा
  4. CBSE ने Three-Language Rule को लेकर जारी किया गाइडलाइन, 10वीं के छात्रों को मिली यह राहत

CBSE ने Three-Language Rule को लेकर जारी किया गाइडलाइन, 10वीं के छात्रों को मिली यह राहत

 Edited By: Adarsh Pandey
 Published : Jun 29, 2026 02:05 pm IST,  Updated : Jun 29, 2026 03:38 pm IST

CBSE ने एक गाइडलाइन जारी की है और उसके मुताबिक 10वीं कक्षा के मौजूदा छात्रों पर New Language Policy लागू नहीं होगी। वहीं 7वीं, 8वीं और 9वीं में पढ़ने वाले स्टूडेंट्स को क्लास 10 में जाने पर तीसरी भाषा में बोर्ड एग्जाम देने की जरूरत नहीं होगी।

प्रतीकात्मक फोटो- India TV Hindi
प्रतीकात्मक फोटो Image Source : PTI

आपको बता दें कि सेंट्रल बोर्ड ऑफ़ सेकेंडरी एजुकेशन यानी CBSE ने Three-Language Rule को लेकर एक गाइडलाइन जारी की है। उस गाइडलाइन की मानें तो 10वीं कक्षा के मौजूदा बैच पर नई भाषा पॉलिसी लागू नहीं होगी। वहीं क्लास 7, 8 और 9 में पढ़ने वाले स्टूडेंट्स को भी 10वीं कक्षा में जाने पर तीसरी भाषा में बोर्ड एग्जाम देने की जरूरत नहीं होगी। उस गाइडलाइन में आगे लिखा है, 'कक्षा 7वीं, 8वीं और 9वीं के मौजूदा बैच जिन्होंने पहले ही 2 विदेशी भाषाएं ले ली हैं, वो एक और भारतीय भाषा के साथ वही जारी रखेंगे।

CBSE की तीन भाषाओं की गाइडलाइंस

CBSE ने जो गाइडलाइन जारी की है, उसमें लिखा है, 'चुनी गई तीन भाषाओं में से दो भारतीय भाषाएं होनी चाहिए। तीसरी भाषा (R3) के तौर पर एक बाहरी भाषा चुनी जा सकती है मगर शर्त यह होगी कि अन्य दो भाषाएं भारतीय हों।' उसी गाइडलाइन में आगे लिखा है कि ट्रांज़िशनल पीरियड के दौरान रिलैक्सेशन और एग्जेम्प्शन भी दिया जाएगा।

क्लास 10 के स्टूडेंट्स को क्या राहत मिली

जारी गाइडलाइन के मुताबिक 10वीं कक्षा (2026-27) के छात्र दो भाषाओं के पुराने सिस्टम के साथ पढ़ाई को आगे जारी रहेंगे। इस बैच को कोई तीसरी भाषा लेने की जरूरत नहीं है। आइए अब आपको बताते हैं कि उस गाइडलाइन में कक्षा 9वीं के छात्रों के लिए क्या लिखा है। उसमें लिखा है कि, '9वीं कक्षा(2026-27) के छात्र तीन भाषाएं पढ़ेंगे, जिनमें से एक भारतीय भाषा होगी। वहीं तीसरी भाषा (R3) का मूल्यांकन आपके स्कूल द्वारा केवल आंतरिक स्कूल-आधारित मूल्यांकन के माध्यम से किया जाएगा। जब यह बैच 2027-28 में कक्षा 10 में पहुंचेगा तो इस तीसरी भाषा के लिए कोई CBSE बोर्ड परीक्षा नहीं होगी।

भारतीय भाषाएं क्या-क्या है?

आइए अब आपको बताते हैं कि भारतीय भाषाएं क्या-क्या होंगी। बता दें कि भारतीय भाषाओं की लिस्ट में हिंदी, संस्कृत, तमिल, तेलुगु, कन्नड़, मलयालम, मराठी, बंगाली, पंजाबी, गुजराती, उड़िया, असमिया, आदि हैं। वहीं गैर-देशी भाषाओं की बात करें तो इसमें अंग्रेजी, फ्रेंच, जर्मन, अरबी, स्पेनिश, आदि शामिल हैं।

आखिर ये Three-Language Rule क्या है?

CBSE के सेकेंडरी स्कूल करिकुलम के अनुसार, भाषा विषयों को तीन लेवल- R1, R2 और R3 में बांटा जाएगा। इसमें R1 (भाषा 1) छात्र की मुख्य भाषा होगी, R2 एक अलग भाषा होगी और R3 (तीसरी भाषा) 2026-27 एकेडमिक सेशन से क्लास 6 से अनिवार्य होगी और 2030-31 तक क्लास 10 तक पूरी तरह लागू हो जाएगी।

आपको बता दें कि R1 और R2 के लिए चुनी गई भाषाएं एक जैसी नहीं हो सकती हैं और उन्हें एक ही समय में एक से ज्यादा लेवल पर नहीं पढ़ाया जाना चाहिए। CBSE के नोटिफ़िकेशन में कहा गया है, 'भाषाओं में भारत की दो आधिकारिक भाषाएं यानी हिंदी, अंग्रेजी और 42 अन्य भाषाएं शामिल हैं। इस तरह, भारत के संविधान की 8वीं अनुसूची में शामिल सभी भाषाओं के साथ-साथ अन्य भारतीय क्षेत्रीय भाषाएं और विदेशी भाषाएं भी पढ़ाई जाएंगी।' आप अगर CBSE के तीन-भाषा नियम के बारे में और अधिक जानकारी प्राप्त करना चाहते हैं तो उसके लिए आप आधिकारिक वेबसाइट - cbse.gov.in पर जा सकते हैं।

ये भी पढ़ें-

IIT पटना में 54% और खड़गपुर में 51% पद खाली, दिल्ली, बॉम्बे और कानपुर में भी हालत खराब, 4,804 पोस्ट में भर्ती का इंतजार

Advertisement

India TV हिंदी न्यूज़ के साथ रहें हर दिन अपडेट, पाएं देश और दुनिया की हर बड़ी खबर। Exams से जुड़ी लेटेस्ट खबरों के लिए अभी विज़िट करें एजुकेशन