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CBSE पोर्टल की खामी पकड़ने वाला लड़का बना IIT कानपुर का इंजीनियर, कोई डिग्री नहीं पर मिला इंटेलिजेंस इंजीनियर का पद

 Edited By: Shakti Singh
 Published : Jun 12, 2026 02:52 pm IST,  Updated : Jun 13, 2026 06:00 am IST

निसर्ग ने सीबीएसई के ऑन स्क्रीन मार्किंग सिस्टम में मौजूदा खामियों को उजागर किया था। इसमें कोई भी व्यक्ति शिक्षक के रूप में लॉगइन कर सकता था। इसके बाद उन्हें आईआईटी कानपुर में इंटेलिजेंस इंजीनियर बनाया गया है।

Nisarg IIT Kanpur- India TV Hindi
निसर्ग को IIT कानपुर में इंजीनियर बनाया गया है Image Source : REPORTER INPUT

सीबीएसई के पोर्टल में खामियां पकड़कर चर्चा में आए निसर्ग अधिकारी को आईआईटी कानपुर ने अपनी साइबर सिक्योरिटी टीम में जगह दी है।  19 वर्षीय एथिकल हैकर निसर्ग अधिकारी को इंटेलिजेंस इंजीनियर के पद पर नियुक्त किया गया है। खास बात यह है कि निसर्ग ने अभी हाल ही में 12वीं की परीक्षा पास की है और उनके पास कोई इंजीनियरिंग या तकनीकी डिग्री नहीं है। इसके बावजूद उनकी असाधारण साइबर सुरक्षा क्षमता ने देश के प्रतिष्ठित संस्थान आईआईटी कानपुर को प्रभावित कर दिया।

छात्र निसर्ग अधिकारी उस समय चर्चा में आए थे, जब उन्होंने केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड के ऑन-स्क्रीन मार्किंग सिस्टम में मौजूद सुरक्षा खामियों को उजागर किया था। उन्होंने दावा किया था कि पोर्टल में कई ऐसी कमजोरियां मौजूद थीं, जिनका फायदा उठाकर कोई भी व्यक्ति शिक्षक या परीक्षक की तरह लॉगिन कर सकता था। इतना ही नहीं, सिस्टम में लॉग इन करने के बाद परीक्षा मूल्यांकन से जुड़े कई संवेदनशील कार्यों तक पहुंच संभव थी।

निसर्ग के ब्लॉग से मचा बवाल

निसर्ग ने अपनी तकनीकी जानकारी का दुरुपयोग नहीं किया। उन्होंने जिम्मेदार नागरिक और एथिकल हैकर की भूमिका निभाते हुए इन कमियों की विस्तृत रिपोर्ट तैयार की और उसे भारतीय कंप्यूटर इमरजेंसी रिस्पॉन्स टीम को सौंप दिया। इसके साथ ही उन्होंने एक ब्लॉग के जरिए भी सिस्टम की खामियों को सामने रखा, जिससे शिक्षा और साइबर सुरक्षा जगत में हलचल मच गई। ऐसे में निसर्ग की इसी रिपोर्ट और तकनीकी समझ ने आईआईटी कानपुर का ध्यान अपनी ओर खींचा। संस्थान के साइबर सुरक्षा विशेषज्ञों ने उनसे संपर्क किया और उनकी खोज तथा तकनीकी क्षमता का मूल्यांकन किया। जांच के दौरान विशेषज्ञों ने पाया कि निसर्ग की साइबर सिक्योरिटी, थ्रेट एनालिसिस और सिस्टम सुरक्षा को लेकर समझ बेहद गहरी है।

क्या है निसर्ग की जिम्मेदारी

आईआईटी कानपुर के टेक्नोलॉजी इनोवेशन हब C3iHub में उन्हें ओपन सोर्स इंटेलिजेंस और थ्रेट इंटेलिजेंस इंजीनियर के रूप में नियुक्त कर लिया गया। उनकी जिम्मेदारी सार्वजनिक स्रोतों से उपलब्ध सूचनाओं का विश्लेषण करना, वेबसाइटों और एप्लिकेशन में मौजूद सुरक्षा खामियों की पहचान करना तथा साइबर हमलों से बचाव के लिए तकनीकी समाधान विकसित करने में सहयोग देना होगी। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, आईआईटी कानपुर के निदेशक ने भी निसर्ग की प्रतिभा की सराहना करते हुए उन्हें संस्थान द्वारा नियुक्त सबसे कम उम्र के इंजीनियरों में से एक बताया है।

(कानपुर से अनुराग श्रीवास्तव की रिपोर्ट)

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