पंजाब की भगवंत मान सरकार ने शिक्षा के क्षेत्र में भी सराहनीय कार्य किए हैं। पूरे पंजाब में इसका बड़े पैमाने पर असर देखने को मिल रहा है। शिक्षा व्यवस्था को और बेहतर बनाने के लिए भगवंत मान की सरकार लाइब्रेरी प्रोजेक्ट को बढ़ावा दे रही है। युआवों में पढ़ाई की आदत विकसित करने के लिए पंजाब सरकार ग्रामीण इलाकों में लाइब्रेरी खुलवा रही है। मान सरकार ने गांव में अब तक 114 लाइब्रेरी खुलवाई है, जबकि 179 लाइब्रेरी निर्माणाधीन हैं। योजना को लेकर मुख्यमंत्री भगवंत मान का ग्रामीण क्षेत्रों पर खास ध्यान रहा है। मुख्यमंत्री ने इस पहल का उद्घाटन कर इसे बच्चों और युवाओं के लिए प्रेरणादायक कदम बताया था।
लाइब्रेरी प्रोजेक्ट के लिए पंजाब सरकार ने प्रति निर्वाचन क्षेत्र 64 रुपये लाख आवंटित किए हैं और प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र में 6 लाइब्रेरी स्थापित किए जाएंगे। पंजाब सरकार ने एक मॉडल लाइब्रेरी की अवधारणा के साथ संगरूर जिले के विभिन्न गांवों में 28 पुस्तकालयों का निर्माण किया है, जिसे अब पूरे पंजाब में दोहराया जा रहा है। संगरूर में 35 लाख रुपये की लागत से एक मॉडल लाइब्रेरी का निर्माण किया गया है। वहीं, लुधियाना शहर के सिर्फ 7 निर्वाचन क्षेत्रों में 14 नए पुस्तकालय निर्माणाधीन हैं।
जिला पुस्तकालयों का नवीनीकरण
एक अलग प्रोजेक्ट के तहत जिला पुस्तकालयों का नवीनीकरण किया जा रहा है। उदाहरण के तौर पर, संगरूर जिला पुस्तकालय को 1.12 करोड़ रुपये की लागत से नवीनीकरण किया गया।
संगरूर जिला पुस्तकालय में बदलाव
आम आदमी पार्टी की सरकार से पहले यह पुस्तकालय एक संकुचित स्थान था, जिसमें कई कमरे बंद थे और फालतू सामान जमा था। आप की सरकार ने 1.12 करोड़ की लागत से इसका नवीनीकरण कराया। आप की भगवंत मान सरकार ने 21 जून 2023 को संगरूर जिला पुस्तकालय का उद्घाटन किया। इसके बाद जीवनभर सदस्यता में 66% का इजाफा हुआ और अब 10,000+ सदस्य हैं। इस जिला पुस्तकालय में बैठने की क्षमता को केवल 70 से बढ़ाकर 235 किया गया।
संगरूर जिला पुस्तकालय में सुविधाएं
- एसी हॉल, फ्री WiFi, और CCTV निगरानी जैसी आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध हैं।
- कंप्यूटर सेक्शन, एयर कंडीशनिंग, RO जल आपूर्ति और अत्याधुनिक लैंडस्केपिंग जैसी सुविधाएं।
- यह पुस्तकालय 7 दिन खुले रहते हैं, सुबह 8 बजे से रात 9 बजे तक।
- पुस्तकालय में 65,000 किताबें हैं और प्रतियोगी परीक्षा (UPSC, CAT, JEE, NEET, CUET) पर भी नई किताबें जोड़ी गई हैं।
- पुस्तकालय में एक कैफेटेरिया है, जो NGO 'Pehal' द्वारा चलाया जाता है, जहां चाय, कॉफी और स्नैक्स उपलब्ध हैं।
- यह पुस्तकालय 3.7 एकड़ में फैला हुआ है, जिसमें पार्किंग की सुविधा और हरे-भरे क्षेत्र भी हैं।
- इस पुस्तकालय की स्थापना 1912 में हुई थी।
अन्य जिला पुस्तकालय
एक और आधुनिक पुस्तकालय 3.41 करोड़ रुपये की लागत से विकसित किया गया है, जिसमें 130 की सीटिंग क्षमता है और यह पूरी तरह से एयर कंडीशंड है।
रोपनगर जिला पुस्तकालय
रोपनगर जिले के पुस्तकालय का भी आधुनिक रूप में नवीनीकरण किया गया है, जिससे यह और भी आकर्षक और सुविधाजनक हो गया है। यह कदम पंजाब सरकार की ओर से शिक्षा और लाइब्रेरी कल्चर को बढ़ावा देने के लिए उठाए जा रहे एक बड़े प्रयास के रूप में देखा जा रहा है।
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