1. Hindi News
  2. लोकसभा चुनाव 2024
  3. बिहार विधान सभा चुनाव 2020
  4. बिहार: महागठबंधन में अभी तक सीट बंटवारे को लेकर सहमति नहीं

बिहार: महागठबंधन में अभी तक सीट बंटवारे को लेकर सहमति नहीं

 Reported By: IANS
 Published : Sep 15, 2020 02:31 pm IST,  Updated : Sep 15, 2020 02:33 pm IST

बिहार में अक्टूबर-नवंबर में संभावित विधानसभा चुनाव को लेकर सभी राजनीतिक दलों की सक्रियता बढ गई है।

bihar, mahagathbandhan- India TV Hindi
बिहार चुनाव के पहले कुनबा बढ़ाने में जुटा महागठबंधन! Image Source : FILE

पटना: बिहार में अक्टूबर-नवंबर में संभावित विधानसभा चुनाव को लेकर सभी राजनीतिक दलों की सक्रियता बढ गई है। इधर, राष्ट्रीय जनता दल (राजद) नेतृत्व वाले विपक्षी दलों के महागठबंधन में अभी तक सीट बंटवारे को लेकर सहमति नहीं बनी है, लेकिन महागठबंधन के 'थिंकटैंक' गठबंधन के कुनबे को बढ़ाने में जुटे हैं।

कहा जा रहा है इस साल होने वाले विधानसभा चुनाव में वामपंथी दल तो महागठबंधन के घटक दलों में शामिल होंगे ही, झारखंड की सत्तारूढ़ पार्टी झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) भी महागठबंधन में शामिल होकर चुनाव मैदान में उतरने वाली है, जिसके संकेत झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन खुद दे चुके हैं।

झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन दो दिन पूर्व रांची में राजद अध्यक्ष लालू प्रसाद से मिलने के बाद कह चुके हैं कि झामुमो बिहार में राजद के साथ मिलकर चुनाव मैदान में उतरेगी।

उल्लेखनीय है कि झारखंड में झामुमो, कांग्रेस और राजद की सरकार है। सूत्र बताते हैं कि कई छोटे दलों को बड़े दलों में मर्ज करने के लिए भी दबाव बनाया जा रहा है।

सूत्रों का कहना है कि राजद राज्य के सभी 243 सीटों पर घटक दलों के प्रभाव और क्षेत्रों में उम्मीदवारों की लोकप्रियता का भी आकलन कर रही है। कहा जा रहा है कि राजद इस चुनाव को प्रतिष्ठा से जोड़कर देख रही है, यही कारण है कि राजद महागठबंधन में शामिल सभी घटक दलों से इच्छुक सीटों की सूची भी मांग रही है।

राजद नेतृत्व घटक दलों को स्पष्ट संकेत भी भेज चुका है कि इस चुनाव में जिताउ उम्म्ीदवारों को ही चुनाव मैदान में उतारा जाए।

राजद के प्रवक्ता मृत्युंजय तिवारी भी कहते हैं कि महागठबंधन का आकार अभी और बढ़ेगा। उन्होंने कहा कि कई दलों से अभी बात हो रही है। इधर, सूत्र कहते हैं कि राजद ऐसे दलों को ही महागठबंधन में शामिल करना चाहता है जो राजद अध्यक्ष लालू प्रसाद के उतराधिकारी उनके छोटे पुत्र तेजस्वी यादव को मुख्यमंत्री उम्मीदवार को लेकर उंगली नहीं उठा पाए।

राजद प्रवक्ता तिवारी स्पष्ट कहते हैं कि राजद महागठबंधन में सबसे बड़ा दल है। राजद पूर्व में ही घोषणा कर चुकी है कि पार्टी तेजस्वी यादव के नेतृत्व में चुनाव मैदान में उतरेगी और तेजस्वी ही मुख्यमंत्री के उम्मीदवार होंगे।

उल्लेखनीय है कि पिछले विधनसभा चुनाव में महागठबंधन में शामिल कांग्रेस, राजद और जदयू बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के नेतृत्व में चुनाव मैदान में उतरे थे और राजद सबसे बड़ी पार्टी के रूप में उभरी थी।

इस चुनाव में जदयू राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन में शामिल है। ऐसे में कहा जा रहा है कि राजद इस चुनाव में किसी भी हाल में पिछले चुनाव की तुलना में अधिक सीटों पर जीतने की योजना बना रही है, जिससे कोई भी तेजस्वी के नेतृत्व पर उंगली नहीं उठा सके।

सूत्रों का कहना है कि राजद नेतृत्व बहुजन समाज पार्टी (बसपा) को भी महागठबंधन में लाने को लेकर प्रयासरत है।

बहरहाल, महागठबंधन का नेतृत्व भले ही अपना कुनबा बढ़ाकर खुद को और मजबूत करने में जुटी है, लेकिल कुनबा बढ़ने के बाद सभी की सहमति से सीट बंटवारा हो जाए, यह आसान नहीं होगा।

Advertisement

India TV हिंदी न्यूज़ के साथ रहें हर दिन अपडेट, पाएं देश और दुनिया की हर बड़ी खबर। Bihar Vidhan Sabha Chunav 2020 से जुड़ी लेटेस्ट खबरों के लिए अभी विज़िट करें लोकसभा चुनाव 2024