लखनऊ। पश्चिम बंगाल में सियासी पारा चरम पर है। अब बंगाल की लड़ाई दूसरे प्रदेशों के नेता भी कूदने लगे हैं। यूपी की पूर्व मुख्यमंत्री और बहुजन समाज पार्टी की अध्यक्ष मायावती ने गुरुवार को बंगाल में हो रही हिंस के लिए भाजपा को जिम्मेदार ठहराया है। मायावती ने गुरुवार को कहा कि देश में जब से लोकसभा चुनाव की घोषणा हुई है तबसे खासकर बंगाल में आए दिन कोई ना कोई खबर जरूर सुर्खियों में रहती है जिसके लिए वहाँ पूरे तौर से बीजेपी और आरएसएस के लोग ही जिम्मेवार है।
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‘गुरु-चेले हाथ धोकर ‘दीदी’ के पीछे पड़े’
मायावती ने एक बयान में कहा ''खासकर इस चुनाव में जहाँ तक बंगाल में आये दिन चुनावी हिंसा व बवाल आदि होने का सवाल है तो ऐसा साफ तौर से लगता है कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी व इनके चेले अमित शाह के नेतृत्व में उनकी पूरी पार्टी व सरकार ने सोची-समझी रणनीति के तहत ही ममता बनर्जी सरकार को निशाने पर लिया हुआ है। चुनाव में इनको षड्यन्त्र के तहत निशाना बनाया जा रहा है।उन्होंने कहा, ''इतना ही नहीं बल्कि अब तो वहाँ ये दोनों गुरु व चेले जिस प्रकार से हाथ धोकर ममता बनर्जी व उनकी पार्टी के पीछे पड़े हैं वह एक खतरनाक प्रवृत्ति है जो कतई भी उचित व न्यायसंगत नहीं है।''
चुनाव आयोग पर उठाए सवाल
मायावती ने कहा कि इससे भी ज्यादा दुःख की बात यह है कि केन्द्र सरकार के दबाव में आकर चुनाव आयोग ने एक दिन पहले वहाँ चुनाव प्रचार पर रोक लगा दी है और वह भी वहाँ आज पीएम की दो रैलियों के बाद। इसकी हमारी पार्टी कडे़ शब्दों में निन्दा करती है। उन्होंने कहा कि यह साफ जाहिर है कि वर्तमान मुख्य चुनाव आयुक्त के रहते इस बार लोकसभा चुनाव पूरे तौर से स्वतन्त्र व निष्पक्ष नहीं हो रहा है जिससे लोकतन्त्र को भारी आघात पहुँच रहा है। यह अति-निन्दनीय व अति शर्मनाक भी है। बसपा सुप्रीमो ने कहा कि यह सब देश के प्रधानमंत्री को बिल्कुल भी शोभा नहीं देता ।
‘मुद्दों से ध्यान भटकाना चाहती है भाजपा’
उन्होंने कहा, ''वास्तव में भाजपा व पीएम मोदी की कोशिश यह है कि बंगाल के मुद्दे को इतना ज्यादा गर्माया जाये कि बाकी सभी मुद्दों से फिर लोगों का ध्यान भटक जाए। लेकिन अब देश की जनता बीजेपी की इन सब साजिशों को खूब समझने लगी है और अब यूपी की तरह बंगाल की भी जनता बीजेपी को इसका करारा जवाब जरूर देगी।’’