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भगवंत मान होंगे पंजाब में AAP के सीएम फेस, केजरीवाल बोले- 21 लाख से ज्यादा लोगों की पसंद

आम आदमी पार्टी ने मुख्यमंत्री उम्मीदवार की घोषणा कर दी है। मोहाली में अरविंद केजरीवाल ने भगवंत मान के नाम पर मुहर लगा दी। साथ ही अरविंद केजरीवाल ने भगवंत मान को अपना छोटा भाई बताया।

IndiaTV Hindi Desk Edited by: IndiaTV Hindi Desk
Updated on: January 18, 2022 15:13 IST
भगवंत होंगे आम आदमी पार्टी के सीएम उम्मीदवार- India TV Hindi
Image Source : ANI/TWITTER भगवंत होंगे आम आदमी पार्टी के सीएम उम्मीदवार

Highlights

  • आम आदमी पार्टी ने मुख्यमंत्री उम्मीदवार की घोषणा कर दी है
  • अरविंद केजरीवाल ने भगवंत मान के नाम पर मुहर लगा दी
  • अरविंद केजरीवाल ने भगवंत मान को अपना छोटा भाई बताया

पंजाब में विधानसभा चुनाव होने जा रहे हैं। आम आदमी पार्टी ने मुख्यमंत्री उम्मीदवार की घोषणा कर दी है। मोहाली में अरविंद केजरीवाल ने भगवंत मान के नाम पर मुहर लगा दी। साथ ही अरविंद केजरीवाल ने भगवंत मान को अपना छोटा भाई बताया। भगवंत मान 2014 से आम आदमी पार्टी के लोकसभा सदस्य हैं। मई 2014 में भगवंत मान पंजाब के संगरूर निर्वाचन क्षेत्र से सांसद चुने गए थे। वह लगातार दो बार संगरूर लोकसभा सीट जीते हैं।

राजनीतिक करियर

भगवंत मान ने अपने राजनीतिक करियर की शुरुआत मनप्रीत सिंह बादल की पार्टी पंजाब पीपल्स पार्टी से की थी। वह 2012 में लहरा विधानसभा सीट से चुनाव लड़े थे लेकिन हार गए। बाद में मनप्रीत कांग्रेस में शामिल हो गए और भगवंत मान आम आदमी पार्टी में आ गए।

कैसे आए राजनीति में

कभी अपनी कॉमेडी से लोगों को हंसाने वाले भगवंत मान ने राजनीति की रपटीली राह को चुना। उन्होंने राजनीति की गंभीरता को जाना और मनप्रीत सिंह बादल की पार्टी पंजाब पीपल्स पार्टी से उन्होंने राजनीति में कदम रखा। वह 2012 में लहरा विधानसभा सीट से चुनाव लड़े थे लेकिन हार गए। बाद में मनप्रीत कांग्रेस में शामिल हो गए और भगवंत मान आम आदमी पार्टी में आ गए।

जन्म और शिक्षा संगरूर में ही

17 अक्टूबर 1973 को पंजाब के संगरूर जिले के सतोज गांव में जन्मे भगवंत मान ने संगरूर में स्थित एसयूएस कॉलेज से बीकॉम किया है। राजनीति में आने के बाद उन्होंने अपने परिवार को समय नहीं दे पाए। इस बात को उन्होंने खुद बताया था कि कैसे राजनीति की डगर पर चलने के कारण उनका पारिवारिक जीवन समयाभाव के कारण प्रभावित हो रहा था। अपने परिवार को समय नहीं दे पाने के कारण उनकी पत्नी और वह सहमति से अलग हो गए।

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