1. Hindi News
  2. लोकसभा चुनाव 2024
  3. इलेक्‍शन न्‍यूज
  4. UP Election 2022: चुनावी रैलियों में प्रियंका गांधी ने योगी आदित्यनाथ को पीछे छोड़ा, अब 10 मार्च का इंतजार

UP Election 2022: चुनावी रैलियों में प्रियंका गांधी ने योगी आदित्यनाथ को पीछे छोड़ा, अब 10 मार्च का इंतजार

 Reported By: IndiaTV Hindi Desk
 Published : Mar 08, 2022 09:15 pm IST,  Updated : Mar 08, 2022 09:15 pm IST

विभिन्न दलों से एकत्रित जानकारी के मुताबिक, प्रियंका गांधी ने यूपी के सत्‍ता संग्राम में कांग्रेस उम्मीदवारों की जीत के लिए 209 रैलियां और रोड शो किए।

UP Election 2022, UP Election Yogi Adityanath, Yogi Adityanath, Priyanka Gandhi- India TV Hindi
Congress Leader Priyanka Gandhi and Uttar Pradesh Chief Minister Yogi Adityanath. Image Source : PTI FILE

Highlights

  • कांग्रेस नेता प्रियंका गांधी ने उत्तर प्रदेश में सबसे ज्यादा सभाओं को संबोधित किया।
  • योगी आदित्यनाथ ने उत्तर प्रदेश में कुल मिलाकर 203 रैलियां और रोड शो किए।
  • कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने भी अतिथि के रूप में 2 रैलियों को संबोधित किया।

लखनऊ: उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव के 7 चरणों के प्रचार अभियान में चुनावी सभाओं की संख्या पर नजर डालें तो सभी शीर्ष नेताओं में से कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाद्रा ने सबसे अधिक पसीना बहाया है। उन्होंने प्रदेश में सबसे ज्यादा सभाओं को संबोधित किया। प्रदेश के मुख्‍यमंत्री योगी आदित्‍यनाथ चुनावी सभाओं के मामले में प्रियंका के बाद दूसरे नंबर पर रहे। उत्तर प्रदेश की 403 विधानसभा सीटों के लिए 10 फरवरी से 7 मार्च तक 7 चरणों में मतदान हुआ और मतगणना 10 मार्च को होगी।

अखिलेश ने 131 रैलियों और रोड शो में हिस्सा लिया

विभिन्न दलों से एकत्रित जानकारी के मुताबिक, प्रियंका गांधी ने यूपी के सत्‍ता संग्राम में कांग्रेस उम्मीदवारों की जीत के लिए 209 रैलियां और रोड शो किए। अभियान के स्कोर बोर्ड के मुताबिक, योगी आदित्यनाथ ने पार्टी को लगातार दूसरी बार सत्ता में वापस लाने के लिए राज्य भर का दौरा कर 203 रैलियां और रोड शो किए। यूपी में सरकार बनाने की दौड़ में प्रमुख दावेदार राज्य की मुख्य विपक्षी समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने सपा गठबंधन के उम्मीदवारों के लिए 131 रैलियां और रोड शो किये।

मोदी ने 28 रैलियों और रोड शो को संबोधित किया
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने पार्टी के मूल मंत्र ‘आएंगे तो योगी ही’ पर जोर देने के लिए बड़ी संख्या में रैलियों को संबोधित किया और रोड शो भी किये। अपने व्यस्त कार्यक्रम के बावजूद मोदी ने राजनीतिक रूप से महत्वपूर्ण राज्य में 7 चरणों के मतदान के दौरान 28 रैलियों और रोड शो को संबोधित किया। मोदी अपने संसदीय निर्वाचन क्षेत्र वाराणसी में एक रात ठहरे और 5 मार्च को सातवें और अंतिम चरण के लिए अभियान समाप्त होने से पहले वाराणसी के खजूरी गांव में एक रैली के साथ अपना अभियान समाप्त किया।

अमित शाह ने 54 रैलियों और रोड शो में भाग लिया
यूपी में 2017 में बीजेपी की प्रचंड बहुमत की जीत के प्रमुख रणनीतिकार अमित शाह ने राज्य भर में बीजेपी और एनडीए के सहयोगियों के पक्ष में 54 रैलियों और रोड शो में भाग लिया। रक्षामंत्री राजनाथ सिंह जो लखनऊ संसदीय क्षेत्र से लोकसभा सदस्य भी हैं, ने महीने भर के चुनाव प्रचार के दौरान 43 रैलियों और रोड शो को संबोधित किया। बीजेपी अध्यक्ष जेपी नड्डा ने यूपी में 41 चुनावी रैलियां और रोड शो किए।

मायावती ने 18 रैलियों और रोड शो को संबोधित किया
बीएसपी प्रमुख और यूपी की पूर्व मुख्यमंत्री मायावती, जिनकी चुनावों से पहले जमीन पर अनुपस्थिति ने उनकी पार्टी के सत्ता की दौड़ से बाहर होने की अटकलों को जन्म दिया, ने अपनी पार्टी की उम्मीदों को बनाए रखने के लिए राज्य में 18 रैलियों और रोड शो को संबोधित किया। लेकिन एग्जिट पोल के दावे प्रियंका गांधी वाद्रा के प्रयासों से मेल नहीं खाते हैं हालांकि वाद्रा ने अपनी पार्टी की खोई हुई जमीन हासिल करने के लिए जमकर चुनाव प्रचार किया। कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी ने अपने रायबरेली निर्वाचन क्षेत्र में एक आभासी रैली को छोड़कर, राज्य में कहीं भी पार्टी के उम्मीदवारों के लिए कोई सभा नहीं की।

राहुल गांधी ने कुल 2 रैलियों को संबोधित किया
कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने भी अतिथि के रूप में 2 रैलियों को संबोधित किया जिसमें एक अमेठी और दूसरी वाराणसी में थी। बीजेपी ने 'यूपी प्‍लस योगी, बहुत है उपयोगी' नारे पर जोर देते हुए बड़ी संख्या में केंद्रीय और राज्‍य के नेताओं को चुनाव प्रचार में उतारा। प्रारंभ में, प्रधानमंत्री, अमित शाह और नड्डा ने 5 चुनावी राज्यों-यूपी, पंजाब, उत्तराखंड, गोवा और मणिपुर को समय दिया। लेकिन इन राज्यों में मतदान समाप्त होने के बाद वे सबसे अधिक आबादी वाले राज्य में बीजेपी और उसके सहयोगी दलों अपना दल (सोनेलाल) और निषाद पार्टी के लिए चुनाव प्रचार में लग गए।

अखिलेश ने बीजेपी पर बोला जोरदार हमला
राज्य के नेताओं में योगी के अलावा, उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य और उनके एक अन्य उपमुख्यमंत्री सहयोगी दिनेश शर्मा ने लोगों को राज्य के विकास और कानून-व्यवस्था की दुहाई देकर बीजेपी सरकार को बनाये रखने की जरूरत को रेखांकित किया। अपनी पार्टी और सहयोगी दलों के लिए अखिलेश यादव ने बीजेपी के स्टार प्रचारकों के बयानों के खिलाफ मोर्चा संभाला और जवाबी पलटवार करने के साथ ही अपने ऊपर लगाए आरोपों का भी पुरजोर खंडन किया। साथ ही उन्होंने बीजेपी पर किसान, युवा और महिला विरोधी होने का आरोप भी लगाया।

बेटे अखिलेश के लिए मुलायम भी मैदान में उतरे
राष्‍ट्रीय लोकदल के अध्यक्ष जयंत चौधरी पश्चिमी उत्तर प्रदेश में पड़ने वाले निर्वाचन क्षेत्रों में मतदान के शुरुआती 2 चरणों में अखिलेश यादव के साथ थे, जहां दावा किया जा रहा है कि किसानों और जाटों का समर्थन उनको मिला है। जैसे-जैसे चुनाव पूर्वांचल की ओर बढ़ा, सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी के अध्यक्ष ओम प्रकाश राजभर और अन्य नेताओं ने भी सक्रियता दिखाई। बीमार सपा संरक्षक मुलायम सिंह यादव ने 2 स्थानों पर सपा के लिए सभा को संबोधित किया जिसमें वह अपने संसदीय निर्वाचन क्षेत्र मैनपुरी जिले की विधानसभा सीट करहल में अपने बेटे सपा प्रमुख अखिलेश यादव के समर्थन में गए।

वाराणसी में ममता बनर्जी ने भी रैली को किया संबोधित
मुलायम सिंह यादव ने जौनपुर के मल्हनी में भी सभा को संबोधित किया। पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने सपा के पक्ष में वाराणसी में एक रैली को संबोधित किया। मतदान खत्म होने के साथ ही अब सभी की निगाहें 10 मार्च को उत्तर प्रदेश के साथ-साथ पंजाब, उत्तराखंड, गोवा और मणिपुर के नतीजों पर टिकी हैं।

Advertisement

India TV हिंदी न्यूज़ के साथ रहें हर दिन अपडेट, पाएं देश और दुनिया की हर बड़ी खबर। News से जुड़ी लेटेस्ट खबरों के लिए अभी विज़िट करें लोकसभा चुनाव 2024