लोद (इस्राइल): प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की आगामी इस्राइल यात्रा के दौरान दोनों देशों के राष्ट्रगान गाने के लिए चुनी गई गायिका लोरा इज़हाक अपने बॉलीवुड सपने को एक बार फिर से जीना चाहती हैं। इस्राइल में जन्मी मुंबई के भारतीय प्रवासी अभिभावकों की संतान लोरा को घर की याद सताने के कारण नब्बे के दशक में अपने सपने को अधूरा छोड़ना पड़ा था। वह पुणे के सुर सर्वधन इंस्टीट्यूट में भारतीय शास्त्रीय संगीत का अध्ययन करने के लिए 15 साल की आयु में भारत आई थीं। पद्म तलवाल्कर, पंडित सुरेश तलवाल्कर जैसे गुरुओं से भारतीय शास्त्रीय संगीत सीखने के बाद उन्होंने वर्ष 1990 और 1998 के बीच भजन और ग़ज़ल गाना सीखा।
लोरा को बॉलीवुड में पहला ब्रेक ‘दिल का डॉक्टर’ फिल्म में गाने के मौके के साथ मिला। उन्होंने मशहूर भारतीय गायक कुमार सानू, उदित नारायण और सोनू निगम के साथ भी गाने गाए। बहरहाल, जब उनका बॉलीवुड करियर शुरू ही हुआ था तो उन्हें परिवार से 8 साल दूर रहते हुए घर की याद सताने लगी और इसके बाद उन्होंने कई ऑफर्स को ठुकरा कर इस्राइल लौटने का फैसला किया। लोरा ने कहा, ‘मैं 23 साल की थी और माता-पिता तथा भाई-बहनों से दूर मुश्किल स्थितियों में रहते हुए 8 साल बीतने के बाद मुझे घर की बहुत याद सताने लगी थी। मुझे भारत से प्यार है लेकिन मैं और समय तक अलग नहीं रह सकती थी।’
उन्हें वर्ष 2016 में अपने इस्राइली बॉलीवुड गाने ‘माला-माला’ से जबर्दस्त पहचान मिली। वह एक बार फिर अपने अधूरे बॉलीवुड सपने को फिर से जीना चाहती हैं। लोरा को मशहूर गायक इदान रैचेल के साथ हिंदी और हिब्रू शब्दों के फ्यूजन वाले ‘तू है मेरा प्यार पहला’ गाने से इस्राइल में घर-घर में पहचाना जाने लगा। उन्हें वर्ष 2015 में राष्ट्रपति प्रणव मुखर्जी की इस्राइल यात्रा के दौरान उनके सम्मान में आयोजित डिनर में भी इस्राइली राष्ट्रपति के कार्यालय की ओर से गाने के लिए चुना गया था। वह मोदी के सम्मान में इस्राइली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू द्वारा आयोजित डिनर में भी अपने सुरों का जादू बिखेरेंगी। मोदी 4 जुलाई से इस यहूदी देश की यात्रा करने वाले पहले भारतीय प्रधानमंत्री होंगे।