1. Hindi News
  2. मनोरंजन
  3. बॉलीवुड
  4. मिलिए, ‘मुश्किल है अपना मेल प्रिये’ लिखने वाले कवि से, सुनिए उन्हीं की जुबानी ये कविता

मिलिए, ‘मुश्किल है अपना मेल प्रिये’ लिखने वाले कवि से, सुनिए उन्हीं की जुबानी ये कविता

 Published : Jan 25, 2018 11:38 pm IST,  Updated : Jan 25, 2018 11:38 pm IST

इस कविता को देशभर में लोकप्रियता तब मिली जब अनुराग कश्यप ने अपनी फिल्म ‘मुक्काबाज’ में इस कविता को नए अंदाज में पेश किया।

मश्किल है अपना मेल...- India TV Hindi
मश्किल है अपना मेल प्रिये

नई दिल्ली:मुश्किल है अपना मेल प्रिये, ये प्यार नहीं है खेल प्रिये’ ये कविता एक जमाने में काफी मशहूर हुई थी, लेकिन इस कविता को देशभर में लोकप्रियता तब मिली जब अनुराग कश्यप ने अपनी फिल्म ‘मुक्काबाज’ में इस कविता को नए अंदाज में पेश किया। इस गाने में नवाजुद्दीन सिद्दीकी रैप करते नजर आते हैं। इस गाने को बृजेश शांडिल्य ने अपनी आवाज दी है। इस गाने को रचिता अरोड़ा ने कंपोज किया है।

अब आपको हम उस कवि से मिलाने वाले हैं जिन्होंने यह कविता लिखी है। यह कविता सुनील जोगी ने लिखी है। ‘मुक्काबाज’ में इस्तेमाल इस गाने में सुनील जोगी को क्रेडिट भी दिया गया है। 1 जनवरी 1971 को पैदा हुए सुनील जोग न सिर्फ हास्य कवि हैं, इसके अलावा वह उत्तर प्रदेश सरकार में मंत्री भी हैं। जोगी ने एम ए के साथ-साथ हिंदी से पीएचडी भी की है। उन्होंने 75 किताबें लिखी हैं। जोगी को सरकार की तरफ से साल 2015 में पद्मश्री पुरस्कार भी मिला है। आज हम आपको सुनील जोगी की ही आवाज में ये मशहूर कविता दिखाने जा रहे हैं। देखिए ये वीडियो-

अनुराग कश्यप की फिल्म ‘मुक्काबाज’ लोगों को काफी पसंद आई। फिल्म में विनीत कुमार सिंह और जोया मुख्य किरदारों में हैं। वहीं जिमी शेरगिल ने फिल्म में विलेन की भूमिका निभाई है। कुछ इस तरह फिल्म में इस्तेमाल की गई ये कविता, देखिए गाने का मेकिंग वीडियो।

Latest Bollywood News

Advertisement

India TV हिंदी न्यूज़ के साथ रहें हर दिन अपडेट, पाएं देश और दुनिया की हर बड़ी खबर। Bollywood से जुड़ी लेटेस्ट खबरों के लिए अभी विज़िट करें मनोरंजन