नई दिल्ली: बॉलीवुड में बहुत समय नेपोटिज्म पर चर्चा चल रही है। कई सेलेब्स समय-समय पर इस चर्चा में हिस्सा लेते रहते हैं और अपने विचार रखते हैं। ज्यादातर सिलेब्रिटीज यही कहते हैं कि नेपोटिज्म की वजह से लोगों को पहली फिल्म तो मिल जाती है, लेकिन इंडस्ट्री में बने रहने के लिए उनके पास टैलेंट का होना बहुत जरूरी है। इसी बहस में वरुण धवन ने भी हिस्सा लिया है। उनका मानना है कि फिल्म इंडस्ट्री में नेपोटिज्म नहीं होना चाहिए।
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वरुण ने जीक्यू इंडिया, सितंबर 2018 के एक इंटरव्यू में कहा, "नेपोटिज्म अस्तित्व में है। यह हमारे इंडस्ट्री का हिस्सा है। यह ठीक नहीं है। इंडस्ट्री के बाहर से अधिक लोगों को एक मौका दिया जाना चाहिए, और क्यों न दिया जाए? मेरे पापा भी इसी तरह से आए थे।"
उन्होंने कहा, "मेरे पापा का जन्म अगरतला में हुआ था। जब वह बॉम्बे आए तो चार लोगों के साथ एक कमरे में रहे। जब मेरा जन्म हुआ, तो मेरा परिवार कार्टर रोड के मकान में 1 बीएचके में रहता था।"
वरुण ने कहा, ''मेरे पिता की पहली कार एक टैक्सी थी, सेंकड-हैंड एंबेस्डर, जिसे सामान्य कार की तरह रखा। उनकी उपलब्धियां जबरदस्त हैं, उन्होंने परिवार के लिए कई बलिदान किए। वह मेरे स्टार, हीरो और सुपरहीरो हैं।"
वरुण की आगामी फिल्म 'सुई धागा-मेड इन इंडिया' है, जो 28 सितंबर को रिलीज होगी। फिल्म में उनके साथ अनुष्का शर्मा हैं। फिल्म में वह दर्जी बने हैं। फिल्म के लिए वरुण ने तीन महीने तक सिलाई सीखी थी।
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