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इस एक्ट्रेस की हंसी से हिलता है बॉलीवुड, पिता थे संजय गांधी के वकील, घूस देने आए थे लोग, नोटों से भरी बोरी थी बोरी

 Written By: Jaya Dwivedie
 Published : Aug 28, 2025 04:44 pm IST,  Updated : Aug 28, 2025 04:44 pm IST

बॉलीवुड की सबसे दमदार हंसी की बात आते ही आपके ख्याल में एक ही नाम आता होगा और वो है अर्चना पूरन सिंह का। एक दौर में एक्ट्रेस के पिता का दबदबा था और उनका सीधा कनेक्शन गांधी परिवार से था। चलिए आपको इसके बारे में विस्तार से बताते हैं।

archana puran singh- India TV Hindi
अर्चना पूरन सिंह। Image Source : @ARCHANAPURANSINGH/INSTAGRAM

अर्चना पूरन सिंह को आज हर कोई उनकी हंसी, बेबाक अंदाज और टीवी शो ‘द ग्रेट इंडियन कपिल शो’ में जज की कुर्सी पर बैठने वाली हस्ती के रूप में जानता है। पर बहुत कम लोग उनकी निजी जिंदगी, उनके बचपन और उनके परिवार के बारे में जानते हैं। हाल ही में अर्चना अपने बड़े बेटे आर्यमन के व्लॉग में नजर आईं, जहां उन्होंने पहली बार अपने पिता और बचपन से जुड़ी कई बातें साझा कीं। इसी दौरान एक्ट्रेस ने अपने पिता के संजय गांधी से गहरे कनेक्शन के बारे में बात की।  

कहां से आया अर्चना का ह्यूमर

देहरादून में पली-बढ़ी अर्चना ने बताया कि उनके पिता चौधरी पूरन सिंह एक प्रतिष्ठित क्रिमिनल लॉयर थे, जो अपने ईमान और उसूलों के लिए जाने जाते थे। वह इतने मशहूर थे कि इंदिरा गांधी के बेटे संजय गांधी के केस की भी उन्होंने पैरवी की थी। अर्चना ने बताया कि उनके पिता भले ही क्रिमिनल लॉयर थे, लेकिन वे एक बेहद मासूम, ईमानदार और मजाकिया इंसान थे। उन्होंने कहा, 'मेरे अंदर जो ह्यूमर है, वो मेरे पापा से आया है।' उन्होंने आगे बताया कि उनके पापा को देहरादून में ‘कर्मयोगी’ कहा जाता था क्योंकि वे अपने काम के प्रति पूरी तरह समर्पित थे।

पिता नहीं चाहते थे कि अर्चना बनें वकील

एक बार का किस्सा सुनाते हुए अर्चना ने बताया कि उनके घर कोई एक बोरी में पैसे भरकर लेकर आ गया था और कहा कि यह केस हारने की एवज में रिश्वत है। इस पर उनके पिता ने बिना एक पल गंवाए उस व्यक्ति को पैसे सहित घर से बाहर कर दिया। उन्होंने कहा, 'उन्होंने मुझे सिखाया कि ईमानदारी सबसे बड़ी पूंजी है।' हालांकि उन्होंने यह भी बताया कि उनके पिता नहीं चाहते थे कि उनके बच्चे वकालत के पेशे में जाएं। वे कहते थे कि अगर तुम वकील बनोगे तो तुम्हें अपनी आत्मा बेचनी पड़ेगी।

क्या था संजय गांधी के केस का मामला?

उनके अनुसार एक वकील के रूप में कई बार ऐसा होता है जब आप जानते हैं कि आपका क्लाइंट दोषी है, लेकिन आपको फिर भी उसे डिफेंड करना होता है। यह द्वंद्व उनके पापा को बहुत परेशान करता था और इसलिए उन्होंने अपने बच्चों को वकील नहीं बनने दिया। संजय गांधी के केस के बारे में बताते हुए अर्चना ने बताया कि उनके पिता ने इमरजेंसी के बाद ‘किस्सा कुर्सी का’ फिल्म से जुड़े मामले में उनका केस लड़ा था। इस फिल्म के प्रिंट जलवाने का आरोप संजय गांधी पर लगा था और उन्हें इसके चलते जेल जाना पड़ा था।

आर्थिक रूप से संपन्न था अर्चना का परिवार

अपने बचपन की यादें साझा करते हुए अर्चना ने कहा कि उनका बचपन आर्थिक रूप से बहुत अच्छा था। उनके पास एक बंगला था, शानदार गाड़ियां थीं और वे स्वादिष्ट खाना खाते थे। लेकिन उन्होंने हमेशा अपने पिता की सादगी और उसूलों को ही अपना आदर्श माना। 20 साल की उम्र में जब अर्चना ने अभिनय के सपने के साथ अकेले मुंबई का रुख किया तब उनके पास न कोई फिल्मी बैकग्राउंड था और न कोई गॉडफादर। उन्होंने छोटे-छोटे विज्ञापनों से शुरुआत की और धीरे-धीरे अपनी जगह इंडस्ट्री में बनाई। उनके पहले विज्ञापन ने ही उन्हें यह अहसास दिलाया कि वह इस क्षेत्र में कुछ कर सकती हैं।

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