यूपीएसएसी की परीक्षा पास करना कोई जुमला नहीं है। सालों की कड़ी मेहनत के बाद लोग इस परीक्षा को पास कर पाते हैं। कई लोग लगातार कई अटेंप्ट में इस परीक्षा को पास करते हैं। आज हम एक ऐसे शख्स के बारे में आपको बताने जा रहे हैं, जिसने इस मुश्किल परीक्षा को पास किया और आईएएस अधिकारी बने। प्यार में मिले धोखे ने उन्हें ऐसा ट्रिगर किया कि वो यूपीएससी की परीक्षा निकाल लिए और आईएएस अधिकारी बन गए, लेकिन उन्हें ये ए क्लास अफसर की नौकरी रास नहीं आई और उन्होंने इससे भी किनारा कर लिया। ग्लैमर की दुनिया की चकाचौंध भरी दुनिया ने उनके दिमाग में एक्टिंग के लिए जुनून पैदा कर दिया। हमेशा से एक्टर बनने की चाहत रखने वाले इस आईएएस अधिकारी ने फिल्मों के लिए अपनी नौकरी छोड़ दी। हाल ही में ये कान फिल्म फेस्टिवल में भी अपनी मौजूदगी दर्ज कराने के लिए चर्चा में रहे। ये कोई और नहीं बल्कि पूर्व आईएएस अभिषेख सिंह हैं। चलिए आपको इनके बारे में बताते हैं।
फिल्मों में मारी धांसू एंट्री
आईएएस अधिकारी अभिषेक सिंह ने अभिनय की दुनिया में साल 2020 में कदम रखा। उन्होंने 2020 में एक शॉर्ट फिल्म 'चार पंद्रह' से अभिनय की शुरुआत की, जिसे केवल 72 घंटों में शूट किया गया था और इसने कई पुरस्कार भी जीते। इसके बाद उन्होंने बी प्राक के हिट सॉन्ग 'दिल तोड़ के' में अभिनय किया, जो 24 घंटों में 10 मिलियन से अधिक व्यूज के साथ वायरल हो गया। इस वीडियो के वायरल होने के बाद ही आईएएस अभिषेक चर्चा में आए। इसके इतर वे जुबिन नौटियाल के गाने 'तुझे भूलना तो चाहा' में भी अभिनय करते दिखे। ये गाना भी काफी चर्चित रहा। इसके अलावा नेटफ्लिक्स की वेब सीरीज 'दिल्ली क्राइम' के दूसरे सीजन में भी नजर आए।
इस फिल्म में आएंगे नजर
अभिषेक सिंह ने साल 2023 में आईएएस सेवा से इस्तीफा दे दिया। फिलहाल वो एक ऐतिहासिक ड्रामा फिल्म '1946: डायरेक्ट एक्शन डे' में काम कर रहे हैं, जिसमें वो लीड रोल निभाते नजर आएंगे। इसके अलावा, वे पंजाबी-हिंदी रैपर बादशाह के साथ 'स्लो स्लो' नामक म्यूजिक वीडियो में भी दिखाई दिए हैं। सनी लियोनी के साथ भी उनका गाना 'थर्ड पार्टी' काफी चर्चित रहा। बॉलीवुड की पार्टीज और मनीष मल्होत्रा फैशन गेट टुगेदर में भी उनका जलवा देखने को मिला। कई बॉलीवुड सितारों और निर्देशकों के साथ उनकी करीबी दोस्ती है।

प्यार में मिला धोखा, फिर इस तरह बदला मन
आईएएस अधिकारी से अभिनेता बने अभिषेक सिंह ने एक इंटरव्यू में अपने जीवन के उस कठिन दौर का जिक्र किया था, जब उन्हें कॉलेज के दिनों में प्यार में धोखा मिला था। इस व्यक्तिगत अनुभव ने उन्हें अंदर से तोड़ दिया था और उन्होंने बताया कि उन्होंने उस समय सुसाइड करने तक के बारे में सोच लिया था। हालांकि उन्होंने खुद को इस स्थिति से बाहर निकाला और अपनी ऊर्जा को सिविल सेवा परीक्षा (UPSC) की तैयारी में लगा दिया। अभिषेक ने कहा कि उन्होंने उस दर्द को ताकत में बदला और पूरी लगन से मेहनत की। इसके परिणामस्वरूप साल 2011 में उन्हें ऑल इंडिया रैंक 94 के साथ UPSC में सफलता मिली।
पिता और पत्नी भी हैं अधिकारी
दिल टूटने का ये अनुभव आईएएस अभिषेक के लिए ट्रिगर प्वाइंट साबित हुआ है। अभिषेक के पिता भी आईपीएस अधिकारी हैं और उनकी शादी चर्चित आईएएस दुर्गाशक्ति नागपाल से हुई है। दोनों हैप्पी कपल हैं और साथ मिलकर अपने बच्चों की परवरिश कर रहे हैं। दोनों बचपन के साथी रहे हैं। अभिषेक जहां लाइमलाइट में बने रहते हैं, वहीं दुर्गाशक्ति नागपाल ग्लैमर की दुनिया से दूर ही रहती हैं। वैसे आईएएस अभिषेक का विवादों से पुराना और गहरा नाता रहा है। नौकरी छोड़ने से पहले वो काफी चर्चित आईएएस रहे हैं।

विकलांगता कोटे से चयन पर सवाल
अभिषेक सिंह ने संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) की परीक्षा विकलांग कैटेगरी से पास की थी, जिसमें उन्होंने लोकोमोटिव डिसऑर्डर (चलने-फिरने में कठिनाई) का दावा किया था। हालांकि उनके जिम में वर्कआउट और डांस करते हुए वीडियो वायरल हुए, जिससे उनके विकलांग कोटे से चयन पर सवाल उठे। इस पर अभिषेक ने सोशल मीडिया पर प्रतिक्रिया देते हुए इसे प्रोपेगेंडा करार दिया और कहा कि उन्होंने जो कुछ भी हासिल किया, वह अपने दम पर किया है।
गुजरात विधानसभा चुनाव में प्रेक्षक के रूप में विवाद
अभिषेक सिंह को गुजरात विधानसभा चुनाव में बापूनगर और असरवा विधानसभा क्षेत्रों के लिए सामान्य पर्यवेक्षक के रूप में नियुक्त किया गया था। उन्होंने अपनी कार के सामने खड़े होकर फोटो खिंचवाई और उसे सोशल मीडिया पर साझा किया, जिसे चुनाव आयोग ने गोपनीयता का उल्लंघन मानते हुए उन्हें तत्काल प्रभाव से ड्यूटी से हटा दिया। इसके बाद उन्हें निर्वाचन क्षेत्र छोड़ने और अपने नोडल अधिकारी को रिपोर्ट करने का निर्देश दिया गया था। गुजरात चुनाव में प्रेक्षक के रूप में हटाए जाने के बाद अभिषेक सिंह ने उत्तर प्रदेश में अपना कार्यभार ग्रहण नहीं किया। नियुक्ति विभाग ने उन्हें नोटिस भेजा, लेकिन उन्होंने कोई जवाब नहीं दिया। इस पर उन्हें निलंबित कर दिया गया और राजस्व परिषद से संबद्ध कर दिया गया। इससे पहले वो दिल्ली कैडर में नियुक्त रहते हुए भी लंबी छुट्टी पर रहे थे। इसी बीच लगातार बॉलीवुड में काम कर रहे थे।