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10 की उम्र में ही पर्दे पर छा गए थे थलापति विजय, 1984 में ही शुरू हो गया था सुपरस्टार बनने का सफर

 Written By: Jaya Dwivedie
 Published : Aug 20, 2026 06:58 am IST,  Updated : Aug 20, 2026 07:29 am IST

अभिनेता से नेता बने थलापति विजय ने बतौर चाइल्ड आर्टिस्ट अपने करियर की शुरुआत की थी। सिर्फ 10 साल की उम्र में ही वो पर्दे पर छा गए थे।

Thalapathy Vijay- India TV Hindi
थलापति विजय। Image Source : PTI

दक्षिण भारतीय सिनेमा के सबसे मशहूर और प्रभावशाली अभिनेताओं में शुमार थलापति विजय का फिल्मी सफर दशकों लंबा और बेहद शानदार रहा है। उन्होंने पर्दे पर एक से बढ़कर एक यादगार किरदार निभाकर करोड़ों दर्शकों के दिलों में अपनी खास जगह बनाई है। अभिनय की दुनिया में अपार सफलता हासिल करने के बाद वे अब राजनीति के मैदान में अपनी नई जिम्मेदारी संभाल रहे हैं। हाल ही में उनकी आखिरी फिल्म 'जना नायकन' सिनेमाघरों में रिलीज हुई है, जिसे दर्शकों का मिला-जुला प्रतिसाद मिला। हालांकि बहुत कम लोग जानते हैं कि देश और दुनिया भर में विशाल फैन फॉलोइंग हासिल करने वाले थलापति विजय ने अपने अभिनय जीवन की शुरुआत एक बाल कलाकार के रूप में की थी।

पिता के निर्देशन से हुई थी सिनेमाई सफर की शुरुआत

विजय के ऑन-स्क्रीन सफर की सबसे खास बात यह रही कि एक बाल कलाकार के रूप में उनका पहला ब्रेक उनके पिता और जाने-माने फिल्म निर्माता एस. ए. चंद्रशेखर के निर्देशन में बनी फिल्म में मिला था। उन्होंने साल 1984 में प्रदर्शित हुई फिल्म 'वेत्री' से एक चाइल्ड आर्टिस्ट के रूप में अपना पहला कदम रखा था। इस फिल्म में अनुराधा, पंडारी बाई और एस. एस. चंद्रन जैसे दिग्गजों ने काम किया था। पिता और पुत्र के इस शुरुआती सिनेमाई जुड़ाव ने विजय के भविष्य के बड़े करियर की एक मजबूत नींव रख दी थी।

शुरुआती दौर में पिता की कई फिल्मों में किया अभिनय

थलापति विजय के शुरुआती करियर को तराशने में उनके पिता एस. ए. चंद्रशेखर का बहुत बड़ा और महत्वपूर्ण योगदान माना जाता है। विजय ने अपने शुरुआती दौर में अपने पिता के निर्देशन में बनी लगभग सात से आठ फिल्मों में काम किया था। 'वेत्री' के अलावा इनमें 'कुडुंबम', 'नांन सिगप्पु मनिथन', 'वसंत रागम', 'सट्टम ओरु विलायाट्टू', 'इधु एंगल नीधि', 'सेंदूरपांडी', 'रसीगन', 'देवा', 'विष्णु' और 'सुकरन' जैसी प्रमुख फिल्में शामिल थीं। इन फिल्मों के माध्यम से उन्हें अभिनय की बारीकियों को समझने और खुद को निखारने का पूरा मौका मिला।

बाल कलाकार से मुख्य अभिनेता और महानायक बनने का दौर

शुरुआती दौर में बाल कलाकार के रूप में पहचान बनाने के बाद विजय ने मुख्य अभिनेता के रूप में अपनी मुख्य यात्रा शुरू की। समय के साथ उन्होंने एक के बाद एक कई सुपरहिट फिल्में दीं और भारत ही नहीं बल्कि विदेशों में भी अपनी जबरदस्त पहचान बनाई। उनकी सबसे चर्चित और ब्लॉकबस्टर फिल्मों में 'मर्सल', 'थुप्पाक्की', 'मास्टर', 'कथ्थी', 'द ग्रेटेस्ट ऑफ ऑल टाइम', 'लियो', 'बिगिल', 'थेरी', 'पोक्किरी', 'तिरुमलाई' और 'घिल्ली' जैसे नाम प्रमुखता से शामिल हैं।

व्यक्तिगत जीवन और बेटे की सिनेमा में एंट्री

थलापति विजय के व्यक्तिगत जीवन की बात करें तो उन्होंने साल 1999 में संगीता सोर्नालिंगम से शादी की थी। इस दंपत्ति के दो बच्चे हैं बेटा जेसन संजय और बेटी दिव्या शाशा। अब विजय की अगली पीढ़ी भी मनोरंजन जगत में कदम रखने जा रही है। उनके बेटे जेसन संजय बतौर निर्देशक अपनी पहली फिल्म 'सिग्मा' के साथ सिनेमाई सफर शुरू करने जा रहे हैं। इस फिल्म में संदीप किशन, फारिया अब्दुल्ला, राजू सुंदरम, संपत राज और शिव पंडित जैसे कलाकार मुख्य भूमिकाओं में नजर आने वाले हैं। आखिरी बार विजय 'जन नायकन' में नजर आए जो अनके करियर की आखिरी फिल्म है। आप इस फिल्म को ओटीटी पर देख सकते हैं।

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