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'बहुत बड़े फैन हैं हम', नाना पाटेकर को याद कर भावुक हुए उस्ताद अमजद अली खान, बोले- 'उनकी जगह कोई नहीं ले सकता'

 Written By: Jaya Dwivedie
 Published : Oct 09, 2026 05:44 pm IST,  Updated : Oct 09, 2026 05:44 pm IST

उस्ताद अमजद अली खान ने नाना पाटेकर के निधन को कला जगत की बड़ी क्षति बताया। उन्होंने अभिनेता की अदाकारी और शास्त्रीय संगीत में दिलचस्पी को याद किया। नाना पाटेकर का 8 अक्टूबर को निधन हुआ।

nana patekar amjad ali khan- India TV Hindi
नाना पाटेकर और अमजद अली खान। Image Source : PTI, AMJAD ALI KHAN/INSTAGRAM

हिंदी सिनेमा के दिग्गज अभिनेता नाना पाटेकर के निधन से फिल्म जगत के साथ-साथ कला और संगीत की दुनिया में भी शोक की लहर है। अभिनेता के जाने से उनके प्रशंसक और उन्हें जानने वाले लोग दुखी हैं। मशहूर सरोद वादक उस्ताद अमजद अली खान ने भी नाना पाटेकर के निधन पर गहरा दुख जताया है। उन्होंने अभिनेता को याद करते हुए कहा कि उनकी अदाकारी का अंदाज बिल्कुल अलग था और उनकी जगह कोई दूसरा नहीं ले सकता। उस्ताद अमजद अली खान ने यह भी बताया कि उन्हें नाना पाटेकर से केवल एक बार मिलने का मौका मिला था। उस मुलाकात में उन्हें अभिनेता की शास्त्रीय संगीत में दिलचस्पी के बारे में पता चला था। उन्होंने कहा कि नाना पाटेकर अपनी फिल्मों के जरिए हमेशा लोगों के दिलों और यादों में जिंदा रहेंगे।

नाना पाटेकर के निधन को बताया बड़ी क्षति

उस्ताद अमजद अली खान ने इंडिया टीवी से खास बातचीत में नाना पाटेकर को याद किया। उन्होंने कहा कि दिग्गज अभिनेता का दुनिया से चले जाना बेहद दुखद है। वह नाना पाटेकर की अदाकारी के प्रशंसक रहे हैं और उनकी कई फिल्में देख चुके हैं। उनके मुताबिक अभिनेता का अभिनय करने का तरीका इतना अलग था कि दर्शकों के मन पर उसकी गहरी छाप छोड़ जाता था। उस्ताद अमजद अली खान ने कहा, 'आज सबसे बड़ा दुख है कि हमारे लीजेंडरी नाना पाटेकर जी नहीं रहे।' उन्होंने आगे कहा कि वह अभिनेता के बहुत बड़े प्रशंसक हैं और उनकी जगह कोई नहीं ले सकता। नाना पाटेकर ने अपने अभिनय से जो पहचान बनाई, वह उन्हें दूसरे कलाकारों से अलग करती है। उनके निधन को संगीतकार ने कला जगत के लिए बड़ी क्षति बताया। इस बातचीत के दौरान उस्ताद अमजद अली खान की पत्नी सुभलक्ष्मी बरुआ खान भी मौजूद थीं। उन्होंने भी अभिनेता के निधन पर दुख व्यक्त करते हुए कहा कि यह बेहद दुखद है।

एक मुलाकात में पता चली थी शास्त्रीय संगीत में दिलचस्पी

उस्ताद अमजद अली खान ने बातचीत में नाना पाटेकर के साथ हुई अपनी मुलाकात का जिक्र भी किया। उन्होंने बताया कि उन्हें अभिनेता से केवल एक बार मिलने का अवसर मिला था। उस मुलाकात के दौरान उन्हें पता चला कि नाना पाटेकर को शास्त्रीय संगीत में भी दिलचस्पी थी। संगीतकार के मुताबिक नाना पाटेकर का व्यक्तित्व और उनकी कला के प्रति रुचि उन्हें खास बनाती थी। हालांकि, उनकी मुलाकात केवल एक बार हुई, लेकिन अभिनेता की याद उनके मन में बनी हुई है। उस्ताद अमजद अली खान ने कहा कि नाना पाटेकर को उनकी फिल्मों के जरिए हमेशा याद किया जाएगा। उन्होंने प्रार्थना की कि भगवान दिवंगत अभिनेता की आत्मा को शांति और मुक्ति प्रदान करें। उन्होंने भावुक होते हुए कहा कि नाना पाटेकर लोगों के दिलों और दिमाग में हमेशा जिंदा रहेंगे। उनके जाने का दुख लंबे समय तक बना रहेगा।

गोवा में बिगड़ी थी नाना पाटेकर की तबीयत

नाना पाटेकर का निधन 8 अक्टूबर की सुबह गोवा स्थित उनके आवास पर तबीयत अचानक बिगड़ने के बाद हुआ। मणिपाल अस्पताल के ऑन्कोलॉजी विभाग के प्रमुख डॉ. शेखर सालकर के मुताबिक, अभिनेता की हालत बिगड़ने पर उन्हें अस्पताल लाया गया था। डॉक्टरों ने उन्हें बचाने की पूरी कोशिश की, लेकिन सफलता नहीं मिल सकी। उन्हें सुबह करीब 5:30 बजे मृत घोषित किया गया। डॉक्टर के अनुसार नाना पाटेकर की हालत बिगड़ने से पहले उन्होंने रात करीब 2:30 बजे अपने एक मित्र को संदेश भेजकर बताया था कि उनकी तबीयत ठीक नहीं है। देर रात होने के कारण मित्र उस समय संदेश नहीं देख पाए। बाद में उन्होंने अभिनेता को फोन किया और सुबह करीब चार बजे उनके घर पहुंचे। वहां पहुंचने पर मित्र ने देखा कि नाना पाटेकर को बहुत पसीना आ रहा था और उनकी हालत लगातार बिगड़ रही थी। वह धीरे-धीरे होश खो रहे थे। इसके बाद मदद के लिए उनके केयरटेकर को अस्पताल भेजा गया और एंबुलेंस बुलवाई गई।

डॉक्टरों ने करीब एक घंटे तक की बचाने की कोशिश

डॉ शेखर सालकर ने बताया कि आपातकालीन चिकित्सा टीम ने अभिनेता को अस्पताल ले जाने से पहले ही उन्हें बचाने के प्रयास शुरू कर दिए थे। उनकी स्थिति को देखते हुए कार्डियक मसाज और पुनर्जीवन की दूसरी प्रक्रियाएं अपनाई गईं। अस्पताल पहुंचने के बाद भी डॉक्टरों ने करीब 45 मिनट से एक घंटे तक उन्हें बचाने की कोशिश की, लेकिन उनकी हालत में सुधार नहीं हुआ। नाना पाटेकर को सुबह करीब 4:20 से 4:30 बजे के बीच अस्पताल लाया गया था। इसके बाद भी चिकित्सा टीम लगातार प्रयास करती रही। हालांकि तमाम कोशिशों के बावजूद उन्हें बचाया नहीं जा सका और सुबह करीब 5:30 बजे उनके निधन की पुष्टि की गई। नाना पाटेकर का अंतिम संस्कार 8 अक्टूबर की देर रात पूरे राजकीय सम्मान के साथ किया गया।

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