बॉलीवुड अभिनेता इमरान खान की मुश्किलें बढ़ सकती हैं। भारतीय जनता पार्टी के नेता और पूर्व सांसद किरीट सोमैया ने केंद्रीय गृह मंत्रालय और इमिग्रेशन अधिकारियों को पत्र लिखकर अभिनेता के खिलाफ लुक आउट सर्कुलर (LOC) जारी करने की मांग की है। सोमैया चाहते हैं कि मुंबई में दर्ज पुलिस मामले की जांच और उनकी ओर से दी गई शिकायत पर कार्रवाई पूरी होने तक इमरान खान को भारत छोड़ने की अनुमति न दी जाए। हालांकि अभी तक यह स्पष्ट नहीं है कि अधिकारियों ने उनकी मांग पर कोई आदेश जारी किया है या नहीं। सोमैया का यह कदम मुंबई में मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर हुए एक विरोध प्रदर्शन के बाद सामने आया है।
किरीट सोमैया ने गृह मंत्रालय को लिखा पत्र
13 अक्टूबर 2026 को केंद्रीय गृह सचिव गोविंद मोहन को लिखे पत्र में किरीट सोमैया ने इमरान खान के खिलाफ आवश्यक कार्रवाई करने का अनुरोध किया। उन्होंने गृह मंत्रालय से इमिग्रेशन एंड फॉरेनर्स एक्ट, 2025 के तहत ऐसा आदेश जारी करने की मांग की, जिससे जांच पूरी होने तक अभिनेता देश से बाहर न जा सकें। इसके साथ ही उन्होंने ब्यूरो ऑफ इमिग्रेशन से इमरान खान के खिलाफ लुक आउट सर्कुलर खोलने और अभिनेता के भारत छोड़ने की कोशिश करने पर पुलिस को सूचना देने की अपील की है। सोमैया ने अपने पत्र में कहा कि मामले से जुड़ी जांच और उनके द्वारा की गई शिकायत पर कार्रवाई अभी लंबित है। ऐसे में इमरान खान के विदेश चले जाने से संबंधित अधिकारियों के लिए आगे की प्रक्रिया पूरी करना मुश्किल हो सकता है। उन्होंने अधिकारियों से अपनी मांग पर की गई कार्रवाई की जानकारी लिखित रूप में देने का भी अनुरोध किया है।
मुंबई में विरोध प्रदर्शन के बाद दर्ज हुई FIR
यह मामला 10 अक्टूबर 2026 को मुंबई के अगस्त क्रांति मैदान में हुए विरोध प्रदर्शन से जुड़ा है। इस प्रदर्शन में मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग की गई थी। किरीट सोमैया के पत्र के अनुसार इस सभा के लिए आवश्यक अनुमति नहीं ली गई थी। उन्होंने आरोप लगाया कि इमरान खान भी प्रदर्शन में शामिल हुए और उसमें सक्रिय रूप से हिस्सा लिया। इसके बाद मुंबई पुलिस ने उन्हें प्रदर्शन स्थल से हिरासत में लिया था। पत्र में कहा गया है कि इस घटना के संबंध में मुंबई के गांवदेवी पुलिस स्टेशन में एफआईआर संख्या 813/2026 दर्ज की गई है, जिसमें इमरान खान का नाम शामिल है। हालांकि सोमैया ने यह भी स्पष्ट किया कि उन्हें अब तक एफआईआर की प्रति उपलब्ध नहीं कराई गई है। इस मामले में पुलिस की जांच और आगे की कानूनी प्रक्रिया की स्थिति अधिकारियों के रिकॉर्ड से ही स्पष्ट हो सकेगी।
इमरान खान की नागरिकता को लेकर भी उठाए सवाल
किरीट सोमैया ने अपने पत्र में इमरान खान की नागरिकता का मुद्दा भी उठाया है। उनका दावा है कि अभिनेता कथित तौर पर अमेरिका के नागरिक हैं और उनके पास ओवरसीज सिटीजन ऑफ इंडिया (OCI) कार्ड है। इसी आधार पर उन्होंने गृह मंत्रालय और ब्यूरो ऑफ इमिग्रेशन से यह जांच करने का अनुरोध किया है कि विरोध प्रदर्शन में उनकी कथित भागीदारी के मामले में नागरिकता अधिनियम, 1955 की धारा 7D और इमिग्रेशन एंड फॉरेनर्स एक्ट, 2025 के तहत कोई कार्रवाई की जा सकती है या नहीं। सोमैया ने 12 अक्टूबर को गृह मंत्रालय, ब्यूरो ऑफ इमिग्रेशन और मुंबई स्थित फॉरेनर्स रीजनल रजिस्ट्रेशन ऑफिस (FRRO) के समक्ष भी अपनी शिकायत दी थी। 13 अक्टूबर के पत्र में उन्होंने कहा कि उनकी ओर से प्रस्तुत शिकायत और एफआईआर से जुड़ी जांच अभी लंबित है। हालांकि नागरिकता और कानून के प्रावधानों के संबंध में अंतिम निर्णय संबंधित अधिकारियों को ही लेना है।
क्यों चाहते हैं इमरान खान के खिलाफ LOC?
सोमैया ने लुक आउट सर्कुलर जारी करने के पीछे तर्क दिया है कि यदि इमरान खान विदेशी नागरिक हैं तो वह जांच पूरी होने से पहले भारत छोड़ सकते हैं। उनके अनुसार ऐसी स्थिति में पूछताछ, बयान दर्ज करने, नोटिस देने और जरूरत पड़ने पर अभिनेता को अधिकारियों के सामने उपस्थित कराने में परेशानी हो सकती है। उन्होंने इमिग्रेशन एंड फॉरेनर्स एक्ट, 2025 की धारा 7(1) और धारा 7(2)(b) का हवाला देते हुए अभिनेता की विदेश यात्रा पर रोक लगाने का अनुरोध किया है। इसके अलावा उन्होंने इसी कानून की धारा 3(2) और इमिग्रेशन एंड फॉरेनर्स ऑर्डर, 2025 के पैराग्राफ 5 का भी उल्लेख किया है। सोमैया ने ब्यूरो ऑफ इमिग्रेशन से लागू दिशानिर्देशों के तहत LOC जारी करने और सार्वजनिक हित का हवाला देते हुए अभिनेता को देश छोड़ने से रोकने पर विचार करने की अपील की है।
पुलिस और इमिग्रेशन अधिकारियों से कार्रवाई की मांग
किरीट सोमैया ने अधिकारियों से यह भी कहा है कि यदि इमरान खान भारत छोड़ने का प्रयास करते हैं, तो ब्यूरो ऑफ इमिग्रेशन गांवदेवी पुलिस स्टेशन को इसकी सूचना दे। पत्र की प्रतियां मुंबई पुलिस आयुक्त, गांवदेवी पुलिस स्टेशन के वरिष्ठ निरीक्षक और मुंबई FRRO को भी भेजी गई हैं। उन्होंने पुलिस से इस पत्र को एफआईआर संख्या 813/2026 के रिकॉर्ड में शामिल करने और FRRO से 12 अक्टूबर को दी गई शिकायत के साथ इसे संलग्न करने का अनुरोध किया है।