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नाम शबाना

 Written By: ज्योति जायसवाल
 Published : Mar 31, 2017 06:27 pm IST,  Updated : Apr 04, 2017 02:43 pm IST
Naam Shabana
Naam Shabana
  • फिल्म रिव्यू: Naam Shabana
  • स्टार रेटिंग 2.5/5
  • पर्दे पर: 31 मार्च 2017
  • डायरेक्टर: शिवम नायर
  • शैली: एक्शन

अभिनेत्री तापसी पन्नू की फिल्म ‘नाम शबाना’ आज रिलीज हो गई है। यह फिल्म साल 2015 में आई फिल्म ‘बेबी’ का प्रीक्वल है। इसे स्पिन ऑफ फिल्म भी कह सकते हैं, क्योंकि यह फिल्म पिछली फिल्म ‘बेबी’ के एक किरदार शबाना को लेकर बनाई गई है। अगर आपने बेबी देखी है तो तापसी का कैरेक्टर आपको याद ही होगा। तापसी ने छोटे से रोल में अपनी जान डाल दी थी। उस वक्त फिल्म में कसाव रखने के लिए निर्देशक नीरज पांडे ने शबाना के कैरेक्टर को ज्यादा स्पेस नहीं दिया था, लेकिन इस बार तापसी को लेकर ही नीरज ने पूरी फिल्म बनाई है। आइए इस फिल्म की समीक्षा करते हैं और जानते हैं क्या बेबी जैसा जादू दिखा पाएगी ‘नाम शबाना’?

यह कहानी मुंबई की चॉल में रहने वाली लड़की शबाना की है। उसकी जिंदगी तकलीफों से भरी है। उसकी जिंदगी में कुछ ऐसा होता है कि उसे 4 लड़कों से बदला लेना होता है जिसमें उसकी मदद स्पेशल टास्क फोर्स के हेड यानी मनोज बाजपेयी करते हैं। लेकिन वो ऐसा इसलिए करते हैं क्योंकि उन्हें अपनी स्पेशल टास्क फोर्स की टीम के लिए शबाना की जरूरत होती है। शबाना कड़ी ट्रेनिंग के बाद तैयार होती है और फिर उसे एक मिशन के लिए मलेशिया भेजा जाता है। जहां अक्षय कुमार के साथ मिलकर वह अपने मिशन को पूरा करती है। फिल्म में दिखाया गया है कि शबाना ‘बेबी’ प्रोजेक्ट का हिस्सा कैसे बनती है। ‘नाम शबाना’ में ‘बेबी’ जैसा सस्पेंस नहीं है क्योंकि दर्शकों को पहले से ही पता है होता है कि शबाना अपनी हर चुनौती को पूरा करेगी और फिर फिल्म ‘बेबी’ का हिस्सा बनेगी।

इंटरवल के पहले तक कहानी स्लो होती है और पूरा वक्त सिर्फ शबाना के किरदार से परिचय करवाने में बीत जाता है। इंटरवल के बाद फिल्म थोड़ी फास्ट हो जाती है और अक्षय कुमार के आने से फिल्म में चार चांद लग जाते हैं।

तापसी पन्नू ने दमदार एक्शन सीन में जान डाल दी है। बिना बॉडी डबल के तापसी को एक्शन करते देखना आपको पसंद आएगा। ‘पिंक’ के बाद तापसी की एक्टिंग में और सुधार हुआ है। वे अपने रोल में बिल्कुल फिट लगी हैं। फिल्म में अनुपम खेर और मनोज वाजपेयी जैसे दमदार सह कलाकार हैं। यह फिल्म ये साबित करती है कि किसी फिल्म को अच्छा बनाने के लिए सह-कलाकारों का सहयोग होना कितना जरूरी होता है।

फिल्म की कहानी नीरज पांडे ने लिखी है। नीरज ने साल 2015 में आई फिल्म बेबी का निर्देशन भी किया था हालांकि इस फिल्म का निर्देशन नीरज ने खुद न करके शिवम नायर से करवाया है। लेकिन नीरज की मेहनत फिल्म में साफ झलकती है। इसके अलावा फिल्म में एक्शन सीन जबरदस्त हैं। फाइट सीन देखने में आपको मजा आएगा।

फिल्म में गाने की जरूरत नहीं थी लेकिन फिल्म से टी-सीरीज का नाम जुड़ा होने की वजह से फिल्म में 2-3 गाने रखे गए हैं। जो फिल्म को सुस्त करते हैं।

तापसी के अभिनय, अक्षय के कैमियो और फिल्म बेबी के लिए आप यह फिल्म देख सकते हैं। फिल्म से बेबी जैसी उम्मीद मत रखिएगा। हम इस फिल्म को ढाई स्टार देंगे।

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