बीआर चोपड़ा की 'महाभारत' में 'श्रीकृष्ण' के किरदार में नजर आए नितीश भारद्वाज हों, 'कर्ण' के रोल में नजर आए पंकज धीर या फिर 'भीष्म पितामह' बने मुकेश खन्ना, पौराणिक धारावाहिक के हर किरदार आज भी लोगों को याद हैं। इस धारावाहिक ने कई कलाकारों को घर-घर में पहचान दिलाई। इन्हीं में से एक थे सतीश कौल, जो एक समय पर पंजाबी सिनेमा के सुपरस्टार हुआ करते थे। सतीश कौल ने महाभारत में इंद्र देव का किरदार निभाया था और खूब लोकप्रियता हासिल की। लेकिन, कभी स्टारडम के मामले में बड़े-बड़े स्टार को टक्कर देने वाले सतीश कौल के आखिरी दिन काफी मुश्किलों भरे रहे।
पंजाबी सिनेमा के अमिताभ बच्चन के नाम से मशहूर थे सतीश कौल
एक समय था जब सतीश पंजाबी सिनेमा के सुपरस्टार हुआ करते थे। उनका स्टारडम बॉलीवुड सुपरस्टार्स से कम नहीं था। उन्हें 'पंजाबी सिनेमा का अमिताभ बच्चन' कहा जाता था। लेकिन, कहते हैं न कि दिन हमेशा एक जैसे नहीं रहते। कभी पंजाबी सिनेमा का टॉप स्टार होने के बाद भी उन्हें अपने आखिरी दिनों में गंभीर आर्थिक समस्या का सामना करना पड़ा और एक समय ऐसा भी आया जब उन्हें वृद्धाश्रम में गुजारा करना पड़ा।
2021 में हो गया था सतीश कौल का निधन
सतीश कौल का जन्म 8 सितंबर 1946 को हुआ था और 10 अप्रैल 2021 में उन्होंने इस दुनिया को अलविदा कह दिया। उन्होंने अपने करियर में 300 से ज्यादा फिल्मों में काम किया। इस दौरान वह पंजाबी से लेकर बॉलीवुड फिल्मों में दिखाई दिए। उन्होंने देव आनंद, दिलीप कुमार और शाहरुख खान जैसे स्टार्स के साथ स्क्रीन शेयर की। उनकी कुछ यादगार फिल्मों की बात करें तो पटोला, सुहाग चूड़ा, सस्सी पुन्नू जैसी फिल्में शामिल हैं।
2020 में लॉकडाउन के दौरान बिगड़ी हालत
सतीश कौल को पंजाबी सिनेमा में उनके योगदान के लिए 2011 में पंजाबी फिल्म अवॉर्ड्स में लाइफटाइम अचीवमेंट अवॉर्ड से भी सम्मानित किया गया था। लेकिन, इतनी लोकप्रियता और सफलता के बाद भी उनके आखिरी दिन बेहद दर्द भरे रहे। 2020 में कोविड-19 के चलते लगे लॉकडाउन ने उन्हें आर्थिक रूप से काफी प्रभावित किया। उनकी आर्थिक हालत दिन पर दिन बदतर होती गई और आखिरी दिनों में उन्हें दवाओं तक के लिए स्ट्रगल करना पड़ा।
जब सतीश कौल ने मांगी मदद
एक इंटरव्यू में खुद सतीश कौल ने इंडस्ट्री से मदद की गुहार लगाई थी। उन्होंने कहा था- 'मैं दवाओं, खाने और बुनियादी जरूरतों के लिए संघर्ष कर रहा हूं। मैं इंडस्ट्री के लोगों से मदद की अपील करता हूं।' 2015 में सतीश कौल की हालत तब बिगड़ गई थी, जब उनकी बैक साइड में बैठने वाली जगह पर फ्रैक्चर हो गया था। वहीं कोरोना ने उनकी हालत और खराब कर दी और आर्थिक तंगी में उन्हें अपना इलाज कराना तक मुश्किल हो गया।
गुमनामी में बीते आखिरी दिन
सतीश कौल की दर्द भरी कहानी जब सोशल मीडिया पर सामने आई, तो लोगों के लिए उन्हें पहचनना भी मुश्किल हो गया था। व्हीलचेयर पर बेबसी भरा जीवन जी रहे अभिनेता को देख लोग हैरान रह गए। वहीं 2021 में कोरोना के दौरान 74 वर्ष की आयु में सतीश कौल का निधन हो गया। उनके आखिरी दिनों की तरह उनकी मौत भी गुमनामी में ही हुई। बहुत ही कम लोगों को उनकी मौत का पता चल सका था।