मांड्या: कर्नाटक के मांड्या जिले में गणपति विसर्जन के लिए जा रहे जुलूस पर पथराव के बाद हालात बिगड़ गए। दो गुटों के बीच विवाद इतना बढ़ गया कि वाहनों में आगजनी और तोड़फोड़ की घटना हुई। अतिरिक्त पुलिस फोर्स को तैनात कर हालात पर काबू पाया गया है लेकिन इलाके में तनाव बरकरार है। अब सवाल यह उठता है कि आखिर मांड्या में गणपति विसर्जन के जुलूस पर पथराव किसने किया? अभी शहर में कैसे हालात हैं? प्रशासन ने इलाके में शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए क्या तैयारियां की हैं? आइए, समझते हैं।
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मस्जिद के पास से गुजरते ही शुरू हुआ पथराव
गणपति विसर्जन के जुलूस पर पथराव की यह घटना मांड्या जिले के नागमंगला टाउन पुलिस थाना क्षेत्र की है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, बदरीकोप्पलु गांव के युवक गणेश विसर्जन के लिए जुलुस निकाल रहे थे। आरोप है कि नागमंगला में जब यह जुलूस एक मस्जिद के पास से गुजरा तो मुस्लिम समुदाय के लोगों ने जुलूस पर पथराव शुरू कर दिया। पत्थरबाजी के बाद हालात बिगड़े तो दोनों गुटों के बीच झड़प शुरू हो गई जिसके बाद कई दुकानों में तोड़फोड़ की गई। उपद्रवी इतने से ही शांत नहीं हुए और उन्होंने सड़कों पर खड़ी गाड़ियों को भी निशाना बनाया और कई गाड़ियों को आग के हवाले कर दिया।

पुलिस ने उपद्रवियों पर किया लाठीचार्ज
तोड़फोड़ और आगजनी के बाद पूरे इलाके में तनाव बढ़ गया। इसी बीच घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और हालात को काबू करने के लिए उपद्रवियों पर लाठीचार्ज कर दिया। इसके साथ ही इलाके में हाई अलर्ट जारी कर BNS की धारा 163 लगाई गई और घटनास्थल पर अतिरिक्त फोर्स को भी तैनात कर दिया गया। अब पुलिस इलाके के CCTV और दूसरे वायरल वीडियोज की मदद से उपद्रवियों की पहचान कर उनके खिलाफ एक्शन की तैयारी कर रही है। हालात को काबू में करने के लिए नागमंगला तालुका में अगले दो दिनों तक धारा 144 भी लागू कर दी गई है।
क्या रही घटना की टाइमलाइन?
पता चला है कि शाम 6:30 बजे जुलूस DJ बजाते हुए मंड्या सर्कल पर मौजूद एक मस्जिद के पास पहुंचा। कुछ युवकों ने DJ बजाए जाने पर विरोध जताया और इसे बंद करने को लेकर दोनों गुटों में बहस हो गई। शाम 07:30 बजे जब जुलूस मस्जिद के पास पहुंचा तो अचानक पत्थर चलने शुरू हो गए। इस घटना में विसर्जन जुलूस में आए 3 युवकों को चोट लगी। इसी बीच हाथापाई भी शुरू हो गई और कुछ उपद्रवी तत्व तलवार और रॉड लेकर वहां पहुंच गए। रात 09:30 से 10 बजे के बीच मंड्या सर्कल पर अचानक कुछ उपद्रवियों ने दुकानों में तोड़फोड की और कुछ वाहनों में आग लगा दी। काफी मशक्कत के बाद पुलिस ने हालात पर काबू पाया।
VHP ने किया नागमंगला बंद का आह्वान
विश्व हिंदू परिषद ने घटना के विरोध में आज नागमंगला बंद का आह्वान किया है। वहीं, SDPI का आरोप है कि नागमंगला में मुस्लिमों की दुकानों और वाहनों को नुकसान पहुंचाया गया। हिंदू समाज के लोगों ने पुलिस स्टेशन पर जाकर विरोध-प्रदर्शन किया और इसके लिए जिम्मेदार लोगों की जल्द गिरफ्तारी की मांग की। हिंदू पक्ष का कहना है कि पथराव और आगजनी की घटना में मुस्लिम समुदाय के लोग शामिल थे, जिन्होंने सोची- समझी साजिश के तहत इस हमले को अंजाम दिया। आरोप यहां तक है कि मुस्लिम युवक तलवार लेकर आए थे और लोगों को धमकाने की कोशिश कर रहे थे। घटना के बाद स्थिति भले ही नियंत्रण में बताई जा रही हो लेकिन इलाके में तनाव बरकरार है।
'पुलिस ने सबूत जमा करने शुरू कर दिये हैं'
दक्षिण जोन के IG बोरॉलिंगइया ने इस पर बात करते हुए कहा, 'अभी कुछ कहा नहीं जा सकता है कि ये प्री प्लांड है या नहीं। इसका पता जांच के बाद ही लग पाएगा। हमारी पहली कोशिश हालात को कंट्रोल करने की है और हम इसमें काफी हद तक कामयाब भी हुए हैं। इसके बाद हम जांच करेंगे कि ये घटना कैसे हुई, किसने की? क्या कोई मास्टरमाइंड भी है जिसने इस घटना को अंजाम दिया है? हम 100 फीसदी कार्यवाही करेंगे, पुलिस की टीम ने सबूत जमा करने शुरू कर दिये हैं। किसी भी आरोपी को छोड़ा नहीं जाएगा। इस घटना के बाद लोगों में पैनिक न हो इसके लिए सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए हैं,लगातार पेट्रोलिंग की जा रही है।'
केंद्रीय मंत्री कुमारस्वामी ने की घटना की निंदा
मांड्या में हुई घटना को लेकर केंद्रीय मंत्री और कर्नाटक के पूर्व मुख्यमंत्री एचडी कुमारस्वामी का बयान भी सामने आया। कुमारस्वामी ने X पर अपने एक पोस्ट में कहा, ‘मैं मांड्या जिले के नागमंगला में गणेश विसर्जन के दौरान हुई घटना की कड़ी निंदा करता हूं। यह शहर में शांति व्यवस्था की विफलता का प्रमाण है कि एक समुदाय के उपद्रवियों ने जानबूझकर भगवान गणपति की शोभायात्रा में शांतिपूर्वक चल रहे भक्तों को निशाना बनाकर उत्पात मचाया, पुलिस और आम लोगों पर पत्थर और चप्पल फेंके, पेट्रोल बम फोड़े और तलवारें लहराईं।’ केंद्रीय मंत्री ने अपने पोस्ट में स्थानीय पुलिस की विफलता पर भी गंभीर चिंता व्यक्त की।