1. Hindi News
  2. Explainers
  3. ईरान से अमेरिका की लंबी खिंचती जंग की वजह से मुसीबत में यूक्रेन! Patriot की कमी पड़ रही भारी, जानें ट्रंप के इनकार से कितने बिगड़े हालात

ईरान से अमेरिका की लंबी खिंचती जंग की वजह से मुसीबत में यूक्रेन! Patriot की कमी पड़ रही भारी, जानें ट्रंप के इनकार से कितने बिगड़े हालात

 Written By: Vinay Trivedi @JournoVinay
 Published : Aug 02, 2026 06:04 pm IST,  Updated : Aug 02, 2026 06:53 pm IST

Middle East में जारी जंग के बीच अमेरिका ने Ukraine को और Patriot Interceptors देने से मना कर दिया है। साथ ही, वह यूक्रेन में ही Patriot के निर्माण के लिए भी राजी नहीं है, जिसका वादा Donald Trump ने जेलेंस्की से किया था। समझिए यह स्थिति कैसे यूक्रेन के लिए परेशानी बढ़ा रही है।

ईरान से लंबी खिंच रही अमेरिका की जंग की वजह से यूक्रेन मुसीबत में आ गया है। ऐसा इसलिए क्योंकि बीते शनिवार को रूस ने यूक्रेन की राजधानी कीव पर ड्रोन और मिसाइलों की बारिश कर दी लेकिन उसे हवा में ही रोकने में कीव बुरी तरह नाकाम रहा। इस हमले में 9 लोगों की मौत हो गई। जिसके बाद, यूक्रेनी राष्ट्रपति वोलोडिमिर जेंलेंस्की का दर्द सामने आया। जेलेंस्की ने कहा कि हमारे देश में एयर डिफेंस इंटरसेप्टर्स खत्म हो गए हैं और हम अब रूसी मिसाइलों को नहीं रोक पा रहे हैं।

27 में सिर्फ 1 बैलिस्टिक मिसाइल को इंटरसेप्ट कर पाया यूक्रेन

शुक्रवार-शनिवार की दरमियानी रात में रूस ने यूक्रेन पर 35 मिसाइलें दागीं, जिनमें 27 बैलिस्टिक मिसाइलें शामिल थीं। साथ ही, अलग-अलग प्रकार के 185 हमले ड्रोन से भी किए गए। जेलेंस्की ने बताया कि इसका मुख्य निशाना कीव था, लेकिन निप्रो, सुमी, खारकीव और पोल्टावा इलाकों में भी हमले हुए। सिर्फ एक बैलिस्टिक मिसाइल को रोका जा सका, क्योंकि पैट्रियट सिस्टम के लिए इंटरसेप्टर नहीं बचे हैं। बैलिस्टिक मिसाइल इंटरसेप्टर की इसी कमी के कारण रूस ऐसे अटैक करने के लिए आतुर है, जिनमें लोगों की मौतें हो रही हैं।

जो जंग अभी हुई नहीं उसकी चिंता क्यों- जेलेंस्की

जेलेंस्की ने यूक्रेन को अमेरिका की सेना के भंडार से Patriot निकालकर देने पर भी जोर दिया और कहा कि यह बहुत जरूरी है कि हमारे पार्टनर यह समझें कि इस समय किसी हाइपोथेटिकल सेनेरियो के लिए स्टॉक में रखने की जरूरत नहीं, बल्कि यूक्रेन में रूस के हमलों को रोकने और उस पर काबू पाने के लिए अभी एक्शन लेना चाहिए। बैलिस्टिक मिसाइल इंटरसेप्टर का हर पैकेज हमारे लोगों की जान बचाता है। और Patriot इंटरसेप्टर के बिना गुजरने वाली हर रात और ज्यादा लोगों की जान ले लेती है।

zelenskyy on patriot
Image Source : VOLODYMYR ZELENSKYY/Xयूक्रेनी राष्ट्रपति जेलेंस्की ने अमेरिका से Patriot इंटरसेप्टर देने की गुहार लगाई।

Patriot के लिए इनकार करके ट्रंप ने दिया झटका

अब समस्या ये है कि यूक्रेन की आखिरी उम्मीद अमेरिकी पैट्रियट इंटरसेप्टर ही हैं लेकिन ट्रंप ये Patriot इंटरसेप्टर यूक्रेन को देने के लिए राजी नहीं हैं क्योंकि अमेरिका के पास भंडार में ऑलरेडी Patriot कम हैं। और ट्रंप ने यूक्रेन की परेशानी तब और बढ़ा दी जब बीते शुक्रवार को उन्होंने यूक्रेन को पैट्रियट बनाने का लाइसेंस देने से इनकार कर दिया। अब ट्रंप नहीं चाहते हैं कि यूक्रेन में अमेरिका के Patriot इंटरसेप्टर्स का निर्माण हो। यूक्रेन को इसकी टेक्नोलॉजी मिल जाए। हालांकि, यूक्रेन इसके बदले अमेरिका को अपनी एंटी ड्रोन टेक्नोलॉजी देने को तैयार है लेकिन ट्रंप अब अपने वादे से पलट चुके हैं।

किसी को तकनीक दी और वह हमारे खिलाफ हो गया तो क्या करेंगे- ट्रंप

बीते शुक्रवार को कैबिनेट मीटिंग में जब Ukraine को Patriot की तकनीक देने के बारे में पूछा गया, तो डोनाल्ड ट्रंप ने कहा, "इसके लिए हमने सहमति नहीं दी है क्योंकि उस तरह की टेक्नोलॉजी को देना मुश्किल काम है। हमें इस बात का भी डर है कि जिन लोगों को आप टेक्नोलॉजी देंगे, वे कभी भी आपके खिलाफ हो सकते हैं।" डोनाल्ड ट्रंप ने आगे कहा, "अगर आप जंग को देखें, तो पिछले कुछ वर्षों में ऐसा कई बार हो चुका है। इसलिए अमेरिका को बहुत सावधान रहना होगा।"

NATO समिट में किया था टेक्नोलॉजी ट्रांसफर का वादा

गौरतलब है कि पिछले महीने 8 जुलाई को, तुर्की के अंकारा में आयोजित हुई NATO समिट के दौरान यूक्रेनी राष्ट्रपति वोलोडिमिर जेलेंस्की के साथ हुई एक मुलाकात में, डोनाल्ड ट्रंप अचानक यूक्रेन को Patriot मिसाइल बनाने के लिए अमेरिका की टेक्नोलॉजी शेयर करने पर राजी हो गए थे। तब ट्रंप ने कहा था, "हम उन्हें 'Patriots' मिसाइल बनाने का अधिकार देंगे और सिखाएंगे कि इसको कैसे बनाना है।"

भंडार में 65 प्रतिशत कम हुए Patriot इंटरसेप्टर

वॉशिंगटन स्थित थिंक टैंक सेंटर फॉर स्ट्रैटेजिक एंड इंटरनेशनल स्टडीज यानी CSIS की जुलाई में जारी की गई ताजा रिपोर्ट के मुताबिक, ईरान से युद्ध शुरू होने से पहले अमेरिका के स्टॉक में Patriot इंटरसेप्टर्स की संख्या 2 हजार 330 थी, जो अप्रैल में सीजफायर लागू होने के वक्त घटकर 1 हजार 30 रह गई थी। फिर हाल की लड़ाई के बाद, अब भंडार में Patriot 1 हजार से भी कम बची हैं। इनकी संख्या के 759 से 827 के बीच होने का अनुमान लगाया गया है, जो मध्य-पूर्व में जंग शुरू होने से पहले की तुलना में 65 प्रतिशत कम है।

चरण अमेरिका के स्टॉक में Patriot इंटरसेप्टर
ईरान से जंग शुरू होने से पहले 2,330
अप्रैल में सीजफायर लागू होने के वक्त 1,030
हालिया लड़ाई के बाद 759–827
कुल कमी करीब 65%

(सोर्स- CSIS)

Patriot की कमी कब तक पूरी होगी?

इससे पहले मई में भी CSIS की एक रिपोर्ट आई थी और उसमें दावा किया गया था कि फाइनेंशियल ईयर 2027 के लिए अमेरिका ने 3 हजार 203 Patriot की रिक्वायरमेंट दी है। जबकि फाइनेंशियल ईयर 2026 में 172 Patriot की डिलीवरी हुई थी। अमेरिका की 1 साल में 2 हजार पैट्रियट मिसाइल इंटरसेप्टर की प्रोडक्शन क्षमता है। अगर अमेरिका को अपना स्टॉक युद्ध के पहले वाले स्तर पर ले जाना है तो उसे 2029 के मध्य तक का इंतजार करना पड़ेगा।

ये भी पढ़ें- 1 महीने में ही US-Iran के शांति समझौते का पूरी तरह हो गया बंटाधार, समझिए क्या-क्या रेड लाइन क्रॉस कर कैसे खतरनाक युद्ध तक पहुंचे दोनों देश?

Advertisement

India TV हिंदी न्यूज़ के साथ रहें हर दिन अपडेट, पाएं देश और दुनिया की हर बड़ी खबर। Explainers से जुड़ी लेटेस्ट खबरों के लिए अभी विज़िट करें।