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क्या है सोशल गेमिंग? जानें रियल मनी वाले गेम बंद होने की असली कहानी, क्यों सरकार ने लिया बड़ा फैसला?

 Written By: Harshit Harsh @HarshitKHarsh
 Published : Aug 24, 2025 03:52 pm IST,  Updated : Aug 24, 2025 04:30 pm IST

सरकार ने हाल ही में 'ऑनलाइन गेमिंग बिल' संसद से पास कराया है। इस बिल में ऑनलाइन रियल मनी गेम्स के प्रमोशन और खेलने को रेगुलेट करने का फैसला किया गया है। इसके बाद कई कंपनियों ने अपने रियल मनी गेम को बंद कर दिया है। साथ ही, सोशल गेम्स को बढ़ावा देने की बात की है।

बेटिंग गेम्स- India TV Hindi
बेटिंग गेम्स Image Source : UNSPLASH

सरकार ने हाल ही में प्रमोशन एंड रेगुलेशन ऑफ ऑनलाइन गेमिंग बिल, 2025 संसद से पास करा लिया है। इस बिल को राष्ट्रपति से भी मंजूरी मिल गई है, जिसके बाद यह कानून का रूप ले चुका है। इस बिल में सरकार ने रियल मनी गेमिंग को रोकने और ई-स्पोर्ट्स तथा ऑनलाइन सोशल गेमिंग को बढ़ावा देने की बाद कही है। इस बिल में रियल मनी गेमिंग को प्रमोट करने वाले प्लेटफॉर्म पर 1 करोड़ रुपये के जुर्माने के साथ-साथ जेल की सजा का भी प्रावधान रखा है।

ऑनलाइन गेमिंग बिल

नया बिल पास होने के बाद MPL, Dream11 जैसे बड़े ऑनलाइन गेमिंग प्लेटफॉर्म ने भारत में रियल मनी गेमिंग को तत्काल प्रभाव से बंद करने का फैसला किया है। साथ ही, इन कंपनियों ने सोशल गेमिंग को बढ़ावा देने की बात कही है। सरकार ने बताया कि रियल मनी गेमिंग की वजह से देश के 45 करोड़ से ज्यादा लोग निगेटिव तरीके से प्रभावित हो रहे थे। वहीं, इसकी वजह से लोगों ने 20 हजार करोड़ रुपये गवां दिए हैं।

Realme Money Games
Image Source : UNSPLASHरियल मनी गेमिंग

सरकार ने सभी प्लेटफॉर्म पर बेटिंग, गेम्बलिंग (जुए) और लॉटरी वाले गेम पर रोक लगा दिया है। साथ ही, कार्ड वाले गेम जैसे कि पोकर, रम्मी और फैंटसी स्पोर्ट्स में कैश रिवॉर्ड वाले गेम को बैन कर दिया है। ऑनलाइन गेम की लत की वजह से सबसे ज्यादा युवा प्रभावित हो रहे हैं। वर्ल्ड हेल्थ ऑर्गेनाइजेशन ने इसे गेमिंग डिसऑर्डर का भी नाम दिया है, जिसे इंटरनेशनल क्लासिफिकेशन ऑफ डिजिज में लिस्ट किया गया है। आगे बढ़ने से पहले ऑनलाइन गेमिंग सेक्टर को समझने की कोशिश करते हैं।

ऑनलाइन गेमिंग सेक्टर

ऑनलाइन गेमिंग सेक्टर पिछले दो दशक में तेजी से बढ़ा है। खास तौर पर भारत जैसे देश में सस्ते इंटरनेट और स्मार्टफोन की वजह से ऑनलाइन गेम खेलने वाले यूजर्स तेजी से बढ़े हैं। ऑनलाइन गेमिंग को मुख्य तौर पर तीन सेग्मेंट में बांटा गया है, जिनमें ई-स्पोर्ट्स, ऑनलाइन सोशल गेम्स और ऑनलाइन मनी गेम्स, जिसे रियल मनी गेमिंग भी कहा जाता है।

Esports: ये मुख्य तौर पर कम्पीटिटिव डिजिटल स्पोर्ट्स गेम्स हैं, जिनमें टीम या इंडिविजुअली पार्टिशिपेट किया जाता है। इसके लिए टूर्नामेंट्स आयोजित किए जाते हैं और इसमें कैश रिवॉर्ड्स भी मिलते हैं। इस तरह के गेम्स में स्ट्रेटेज, को-ओर्डिनेशन और एडवांस डिसीजन मेकिंग स्किल्स की जरूरत होती है।

Social Gaming
Image Source : UNSPLASHसोशल गेमिंग

Online Social Games: ये सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स या इंटरनेट पर खेले जाने वाले कैजुअल गेम्स हैं, जिसमें ऑनलाइन एक्टिव यूजर्स एक-दूसरे के साथ गेम खेलते हैं। इस तरह के गेम खास तौर पर एंटरटेनमेंट, लर्निंग और सोशल इंटरैक्शन पर बेस्ड होते हैं। ऐसे गेम्स को सुरक्षित माना जाता है, जिसमें किसी तरह के फाइनेंशियल फ्रॉड की गुंजाइश नहीं होती है। साथ ही, इसका समाज पर किसी भी तरह का निगेटिप प्रभाव नहीं पड़ता है। उदाहरण के लिए कैंडी क्रश, फार्मविले जैसे गेम्स सोशल मीडिया पर खूब खेले जाते हैं।

Real Money Games: ऑनलाइन प्लेटफॉर्म्स पर खेले जाने वाले बेटिंग, गैम्बलिंग गेम्स को इसमें रखते हैं। इनमें पोकर, रम्मी, फैंटसी स्पोर्ट्स वाले गेम्स शामिल हैं। इस तरह के गेम में बड़े फाइनेंशिल रिस्क होते हैं। साथ ही, इनमें फ्रॉड की भी संभावना रहती है। इसकी वजह से लोगों को आर्थिक नुकसान पहुंचता है। साथ ही, समाज पर इसका दुष्प्रभाव भी पड़ता है। सरकार ने नए बिल में इस तरह के गेम को प्रतिबंधित किया है।

Betting games
Image Source : UNSPLASHबेटिंग गेम्स

क्यों पड़ी बिल लाने की जरूरत?

ऑनलाइन गेमिंग बिल की सरकार को इसलिए जरूरत पड़ी क्योंकि लोगों में जुए की लत बढ़ रही थी। साथ ही, कई लोगों ने बड़ी मात्रा में अपने पैसे गंवाए थे। कई मामलों में तो रियल मनी गेम खेलने वाले लोगों ने अपनी पूरी जिंदगी की कमाई गंवा दी थी, जिसके बाद सरकार को ये सख्त कदम उठाना पड़ा। इसके अलावा रियल मनी गेमिंग की आड़ में फ्रॉड और मनी लॉन्ड्रिंग जैसी गैरकानूनी गतिविधियां भी बढ़ गई थी, जो देश के राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए नई चुनौतियां पैदा कर रही थी।

'ऑनलाइन गेमिंग बिल' के फायदे

इस बिल के पास होने के बाद क्रिएटिव इकोनॉमी को बूस्ट मिलेगा। साथ ही, युवाओं का रुझान इसकी वजह से ई-स्पोर्ट्स या स्किल बेस्ड डिजिटल गेम की तरफ होगा। ये ई-स्पोर्ट्स सेक्टर को बढ़ावा देने का काम करेगा। रियल मनी गेम बैन होने से सुरक्षित डिजिटल वातावरण रहेगा। गेम खेलने में लोग अपनी जमा-पूंजी नहीं गवांएंगे।

Online games
Image Source : UNSPLASHऑनलाइन गेम्स

भारत में 'रियल मनी ऑनलाइन गेमिंग' का सफर

2000 के दशक में भारत में ऑनलाइन रियल मनी गेमिंग ने दस्तक दी थी। शुरुआती दशक में रमी, पोकर और क्विज बेस्ड रियल मनी गेम्स वेबसाइट्स पर खेले जाते थे। स्मार्टफोन और सस्ते इंटरनेट ने इसे मोबाइल पर पहुंचा दिया। 2010 के दशक में ये गेम्स युवाओं के बीच काफी लोकप्रिय हो गए।

ऑनलाइन गेमिंग वाली कई प्लेटफॉर्म्स जैसे कि Dream11, RummyCircle, Adda52, MPL तेजी से उभरे। धीरे-धीरे स्किल बेस्ड रियल मनी गेम्स युवाओं के बीच काफी लोकप्रिय हो गए। कई चीनी कंपनियों के स्मार्टफोन्स में ये गेम्स प्री-इंस्टॉल्ड भी आने लगे।

2022 के बाद से इस तरह के गेम्स को रेगुलेट करने की कवायद शुरू हुई। ऑनलाइन रियल मनी गेमिंग की आड़ में कई अवैध वेबसाइट्स धड़ल्ले से चलने लगे। सरकार ने इस तरह के 1400 से ज्यादा वेबसाइट्स को ब्लॉक किया। 2023 के बजट में सरकार ने रियल मनी गेम्स पर 28% का जीएसटी लगाया। वहीं, 2024 में जीती गई राशि पर 30% टैक्स लगाना शुरू कर दिया। हालांकि, इससे भी बात नहीं बनी और आखिरकार सरकार ने रियल मनी गेम पर बैन लगाने का फैसला किया और ऑनलाइन गेमिंग बिल लेकर आई।

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