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गुजरात में 'दिव्यांग बस पास' के डिजीलॉकर इंटीग्रेशन को मिली बड़ी पहचान, जानें इसके फायदे

 Written By: Kajal Kumari
 Published : Aug 08, 2026 02:05 pm IST,  Updated : Aug 08, 2026 02:05 pm IST

गुजरात में दिव्यांगों के लिए फ्री बस पास की सुविधा शुरू की गई, जिसके डिजीलॉकर इंटीग्रेशन सिस्टम को राष्ट्रीय पहचान मिली है। जानें इस बस पास से क्या क्या फायदे मिलते हैं?

दिव्यांग बस पास- India TV Hindi
दिव्यांग बस पास

गुजरात में सामाजिक न्याय और अधिकारिता विभाग ने दिव्यांग बस पास को डिजीलॉकर (DigiLocker) के साथ जोड़ दिया है और अब तक राज्य भर में ऐसे 4.42 लाख से ज़्यादा पास जारी किए हैं, जिससे लाभार्थियों को सभी GSRTC बसों में मुफ़्त यात्रा करने की सुविधा मिलती है, इससे दिव्यांग लोगों को काफी सहायता मिलेगी। सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्री डॉ. प्रद्युमन वाजा ने ये बातें कहीं। गुजरात सरकार के सामाजिक न्याय और अधिकारिता विभाग ने स्टेट ई-गवर्नेंस मिशन टीम (SeMT) के साथ मिलकर दिव्यांग बस पास को डिजीलॉकर (DigiLocker) से जोड़ दिया है।

क्या होंगे इसके फायदे

सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्री डॉ. प्रद्युमन वाजा और विभाग के सचिव हर्षद पटेल (IAS) के अनुसार, यह डिजिटल बदलाव सुरक्षित और कभी भी वेरिफिकेशन की सुविधा देता है, साथ ही पेपरलेस गवर्नेंस को आगे बढ़ाता है और दिव्यांग लोगों के लिए जीवन को आसान बनाता है।
"डिजीलॉकर के साथ जोड़ने से फ़िज़िकल पास साथ रखने की ज़रूरत खत्म हो जाती है और लाभार्थियों को इसके खोने या खराब होने से सुरक्षा मिलती है। यह मोबाइल डिवाइस के ज़रिए कभी भी सुरक्षित एक्सेस की सुविधा देता है, पेपरलेस गवर्नेंस को बढ़ावा देता है और आसानी से वेरिफिकेशन के लिए सरकार से मंज़ूर डिजिटल डॉक्यूमेंट उपलब्ध कराता है।" 

आसानी से मुफ्त यात्रा
पूरे राज्य में 4.42 लाख से ज़्यादा दिव्यांग बस पास जारी किए गए हैं। अब लाभार्थी अपने मोबाइल डिवाइस पर सरकार से मंज़ूर डिजिटल पास दिखाकर गुजरात राज्य सड़क परिवहन निगम (GSRTC) की बसों में मुफ्त यात्रा कर सकते हैं। इससे उन्हें कागज़ी दस्तावेज़ साथ रखने या उनके खोने या खराब होने की चिंता करने की ज़रूरत नहीं है।

दुर्घटना बीमा कवर
इस बस पास में 4 लाख रुपये का दुर्घटना से मौत का बीमा कवर भी शामिल है। अगर पास धारक की दुर्घटना में मौत हो जाती है, तो तय नॉमिनी या कानूनी वारिस विभाग में ज़रूरी दस्तावेज़ जमा करके इस सुविधा का लाभ उठा सकता है।

'डिजिटल इंडिया' पहल के तहत, सरकार ने लगातार पेपरलेस गवर्नेंस और सार्वजनिक सेवाओं की आसानी से डिजिटल डिलीवरी को बढ़ावा दिया है, जिससे नागरिक कभी भी और कहीं भी ज़रूरी दस्तावेज़ और कल्याणकारी योजनाओं का लाभ सुरक्षित रूप से पा सकते हैं।

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