Independence Day: देशप्रेम की भावना जगाते हैं बॉलीवुड के ये डायलॉग्स
Independence Day: देशप्रेम की भावना जगाते हैं बॉलीवुड के ये डायलॉग्स
आजादी के खास मौके के लिए बॉलीवुड में कई बार देश के प्रति भावना को दर्शाने की कोशिश की गई है। 15 अगस्त के खास मौके पर पेश हैं कुछ बेहतरीन देशभक्ति डालॉग्स...
Published : Aug 15, 2016 11:01 am IST, Updated : Aug 15, 2016 11:01 am IST
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द लैजेंड ऑफ भगत सिंह (2002):- आप नमक का हक अदा करो, मैं मिट्टी का हक अदा करता हूं।
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नमस्ते लंदन (2007):- एक कैथोलिक औरत पीएम की कुर्सी एक सिख के लिए छोड़ देती है और सिख पीएम पद की शपथ एक मुस्लिम राष्ट्रपति से लेता है। इस देश को संभालने के लिए जिसमें 80% लोग हिन्दू हैं।
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चक दे इंडिया (2007):- मुझे स्टेट्स के नाम न सुनाई देते हैं और न ही दिखाई देते हैं... सिर्फ एक ही मुल्क का नाम सुनाई देता है- INDIA
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रंग दे बसंती 2006- दूर से कॉमेंट्री देना आसान होता है, दूसरों को गाली देना और भी आसान होता है, अगर तुम्हें प्रॉब्लम है तो तुम बदलो देश को, यह तुम्हारा भी देश है।
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स्वदेश (2004):- मैं नहीं मानता कि हमारा देश दुनिया का सबसे महान देश है, लेकिन यह जरूर मानता हूं कि हममें काबिलियत है, ताकत है, इस देश को महान बनाने की।
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मां तुझे सलाम (2002):- तुम दूध मांगोगे, हम खीर देंगे
तुम कश्मीर मांगोगे, हम चीर देंगे।
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गदर (2001):- हमारा हिंदुस्तान जिंदाबाद था, जिंदाबाद है और जिंदाबाद ही रहेगा।
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सरफरोश (1999):- मैं अपने मुल्क को अपनी मां मानता हूं और अपनी को बचाने के लिए मुझे किसी की जरूरत नहीं।
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बोर्डर (1997):- शायद तुम नहीं जानते, ये धरती शेर भी पैदा करती है, ऐसे शेर जो दूसरों को मिट्टी में मिलाते हैं।
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बोर्डर 1997- अगर वे कहते है की वे नाश्ता जैसलमेर में करेंगे और डिनर दिल्ली में, तो हम कहते hai हम नास्ता भी कराची में करेंगे और लंच भी।