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दुनिया भर की दौलत को कंट्रोल करते हैं सिर्फ 56 हजार लोग, नई रिपोर्ट के आंकड़े जानकर हैरान हो जाएंगे आप!

Edited By: Shivendra Singh
Published : Dec 12, 2025 12:22 pm IST,  Updated : Dec 12, 2025 12:22 pm IST
दुनिया में गरीबी और अमीरी का फासला कितना गहरा है इसका अंदाजा अब एक ताजा रिपोर्ट ने और भी साफ कर दिया है। वर्ल्ड इनइक्वालिटी रिपोर्ट 2026 के अनुसार, पूरी धरती की संपत्ति का बड़ा हिस्सा बेहद कम लोगों के हाथ में सिमट चुका है। चौंकाने वाली बात यह है कि दुनिया की आबादी के महज 0.001% यानी लगभग 56 हजार लोग, उतनी दौलत पर कब्जा रखते हैं जितनी दुनिया की सबसे गरीब आधी आबादी (करीब 4 अरब लोगों) के पास भी नहीं। रिपोर्ट बताती है कि यह असमानता अब सिर्फ आर्थिक खतरा नहीं रही, बल्कि लोकतंत्र और वैश्विक स्थिरता के लिए गंभीर चुनौती बन चुकी है।
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दुनिया में गरीबी और अमीरी का फासला कितना गहरा है इसका अंदाजा अब एक ताजा रिपोर्ट ने और भी साफ कर दिया है। वर्ल्ड इनइक्वालिटी रिपोर्ट 2026 के अनुसार, पूरी धरती की संपत्ति का बड़ा हिस्सा बेहद कम लोगों के हाथ में सिमट चुका है। चौंकाने वाली बात यह है कि दुनिया की आबादी के महज 0.001% यानी लगभग 56 हजार लोग, उतनी दौलत पर कब्जा रखते हैं जितनी दुनिया की सबसे गरीब आधी आबादी (करीब 4 अरब लोगों) के पास भी नहीं। रिपोर्ट बताती है कि यह असमानता अब सिर्फ आर्थिक खतरा नहीं रही, बल्कि लोकतंत्र और वैश्विक स्थिरता के लिए गंभीर चुनौती बन चुकी है।
रिपोर्ट कहती है कि दुनिया के सबसे अमीर 1% लोगों के पास उस आय और संपत्ति से भी ज्यादा है, जो नीचे के 90% लोग मिलकर कमाते और रखते हैं। ग्लोबल फाइनेंशियल सिस्टम अमीर देशों के पक्ष में काम कर रहा है और इससे गरीब देशों के लोगों के अवसर लगातार सीमित होते जा रहे हैं। रिपोर्ट के मुख्य लेखक रिकार्डो गोमेज-करेरा के अनुसार असमानता तब तक चुप रहती है, जब तक यह शर्मनाक न हो जाए। यह रिपोर्ट दुनिया के उन अरबों लोगों की आवाज है, जिनकी जिंदगी असमान सामाजिक ढांचों में दम तोड़ रही है।
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रिपोर्ट कहती है कि दुनिया के सबसे अमीर 1% लोगों के पास उस आय और संपत्ति से भी ज्यादा है, जो नीचे के 90% लोग मिलकर कमाते और रखते हैं। ग्लोबल फाइनेंशियल सिस्टम अमीर देशों के पक्ष में काम कर रहा है और इससे गरीब देशों के लोगों के अवसर लगातार सीमित होते जा रहे हैं। रिपोर्ट के मुख्य लेखक रिकार्डो गोमेज-करेरा के अनुसार असमानता तब तक चुप रहती है, जब तक यह शर्मनाक न हो जाए। यह रिपोर्ट दुनिया के उन अरबों लोगों की आवाज है, जिनकी जिंदगी असमान सामाजिक ढांचों में दम तोड़ रही है।
डेटा के अनुसार, दुनिया के टॉप 10% अमीर लोग कुल वैश्विक संपत्ति का 75% हिस्सा अपने पास रखते हैं। वहीं, दुनिया के सबसे गरीब 50% लोग मात्र 2% संपत्ति में गुजारा करते हैं। यह खाई अब इतनी गहरी हो चुकी है कि इसे भरना आसान नहीं होगा।
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डेटा के अनुसार, दुनिया के टॉप 10% अमीर लोग कुल वैश्विक संपत्ति का 75% हिस्सा अपने पास रखते हैं। वहीं, दुनिया के सबसे गरीब 50% लोग मात्र 2% संपत्ति में गुजारा करते हैं। यह खाई अब इतनी गहरी हो चुकी है कि इसे भरना आसान नहीं होगा।
रिपोर्ट बताती है कि 1990 के दशक से लेकर अब तक अरबपतियों की संपत्ति हर साल औसतन 8% की दर से बढ़ी है। इसके मुकाबले गरीब आधी आबादी की संपत्ति सिर्फ 4% की रफ्तार से बढ़ पाई है। यानी अमीरी लगातार तेज़ी से ऊपर चढ़ रही है और गरीबी वहीं की वहीं है।
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रिपोर्ट बताती है कि 1990 के दशक से लेकर अब तक अरबपतियों की संपत्ति हर साल औसतन 8% की दर से बढ़ी है। इसके मुकाबले गरीब आधी आबादी की संपत्ति सिर्फ 4% की रफ्तार से बढ़ पाई है। यानी अमीरी लगातार तेज़ी से ऊपर चढ़ रही है और गरीबी वहीं की वहीं है।
चौंकाने वाला तथ्य यह भी है कि दुनिया के सबसे अमीर 10% लोग दुनिया के कुल कार्बन उत्सर्जन का 77% हिस्सा पैदा करते हैं। वहीं गरीब 50% लोग केवल 3% उत्सर्जन के जिम्मेदार हैं।
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चौंकाने वाला तथ्य यह भी है कि दुनिया के सबसे अमीर 10% लोग दुनिया के कुल कार्बन उत्सर्जन का 77% हिस्सा पैदा करते हैं। वहीं गरीब 50% लोग केवल 3% उत्सर्जन के जिम्मेदार हैं।
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