Published : Jul 14, 2026 01:58 pm IST, Updated : Jul 14, 2026 01:58 pm IST
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भारतीय रेल, अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत देश के अलग-अलग स्टेशनों का लगातार कायाकल्प कर रही है। इस योजना के तहत, अभी हाल ही में 3 और रेलवे स्टेशनों की सूरत बदली गई है। इनमें 2 रेलवे स्टेशन उत्तर मध्य रेलवे जोन के हैं, जबकि एक रेलवे स्टेशन उत्तर रेलवे जोन के अधीन आता है।
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मां विन्ध्यवासिनी धाम के प्रवेश द्वार के तौर पर सेवाएं देने वाला विन्ध्याचल रेलवे स्टेशन अब पूरी तरह से बदल चुका है। इस स्टेशन के पुनर्विकास का काम 6 अगस्त, 2023 को शुरू हुआ था। लगभग ₹23.24 करोड़ की लागत से किए गए इस पुनर्विकास ने स्टेशन को अत्याधुनिक अवसंरचना, बेहतर सुगम्यता और यात्री-केंद्रित सुविधाओं से सुसज्जित करते हुए श्रद्धालुओं और यात्रियों के लिए ज्यादा सुविधाजनक, सुरक्षित और गरिमापूर्ण यात्रा अनुभव सुनिश्चित किया है।
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विशाल प्रवेश द्वार, आधुनिक कॉन्कोर्स क्षेत्र, एग्जीक्यूटिव लाउंज, आरामदायक प्रतीक्षालय, रिटायरिंग रूम तथा आधुनिक टिकटिंग सुविधाएं यात्रियों की यात्रा को अधिक सहज और सुविधाजनक बनाती हैं। स्टेशन परिसर का भी व्यापक कायाकल्प किया गया है। सुव्यवस्थित सर्कुलेटिंग एरिया, अलग प्रवेश एवं निकास मार्ग , हरित लैंडस्केपिंग तथा पर्याप्त पार्किंग व्यवस्था यात्रियों और वाहनों की आवाजाही को अधिक सुरक्षित और सुचारु बनाती हैं। यात्रियों की बढ़ती संख्या को ध्यान में रखते हुए स्टेशन पर 12 मीटर चौड़ा नया फुट ओवर ब्रिज बनाया गया है, जिसमें भविष्य के लिए लिफ्ट लगाने का भी प्रावधान रखा गया है।
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कानपुर के पनकी धाम रेलवे स्टेशन की भी शक्ल-सूरत बदल गई है। पनकी धाम रेलवे स्टेशन अब सिर्फ एक रेलवे स्टेशन नहीं, बल्कि आधुनिक रेल अवसंरचना और धार्मिक आस्था के संगम का नया प्रतीक बन चुका है। अमृत भारत स्टेशन योजना के अंतर्गत लगभग ₹25 करोड़ की लागत से इसका व्यापक पुनर्विकास किया गया है, जिससे यात्रियों को अधिक सुरक्षित, सुविधाजनक और सुगम यात्रा अनुभव मिल रहा है।
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पनकी धाम रेलवे स्टेशन पर अब यात्रियों को दो-मंजिला आधुनिक स्टेशन भवन, विशाल प्रतीक्षालय, एक्जीक्यूटिव लाउंज, रिटायरिंग रूम, आधुनिक टिकटिंग क्षेत्र, विस्तारित और नए प्लेटफॉर्म शेल्टर, आधुनिक शौचालय, बेहतर पेयजल व्यवस्था तथा उन्नत यात्री सूचना प्रणाली विकसित की गई है। स्टेशन पर स्पष्ट साइनेज, डिजिटल सूचना डिस्प्ले और बेहतर प्रकाश व्यवस्था यात्रियों की सुविधा को और बढ़ाते हैं।
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यात्रियों की सुगम आवाजाही के लिए 12 मीटर चौड़ा फुट ओवर ब्रिज तथा 6 मीटर चौड़ा अतिरिक्त फुट ओवर ब्रिज बनाया गया है, जिसमें रैंप और लिफ्ट जैसी दिव्यांगजन-अनुकूल सुविधाएं भी उपलब्ध हैं। स्टेशन परिसर के लगभग 4,500 वर्गमीटर क्षेत्र को सुव्यवस्थित सर्कुलेटिंग एरिया के रूप में विकसित किया गया है, जहां अलग-अलग प्रवेश एवं निकास मार्ग, पार्किंग, हरित क्षेत्र और बाधारहित आवागमन की व्यवस्था की गई है।
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गाजियाबाद के मोदीनगर रेलवे स्टेशन की तस्वीर बदलने में 25.75 करोड़ रुपये का खर्च आया है। इस स्टेशन का पुनर्विकास दिव्यांगजनों के लिए सुविधाओं के साथ-साथ यात्रियों की निर्बाध आवाजाही प्रदान करने की दृष्टि से किया गया है। स्टेशन 12 मीटर चौड़ा फुट ओवर ब्रिज बनाया गया है। एक नया पार्किंग क्षेत्र, सर्कुलेटिंग एरिया, नया प्रतीक्षालय और शौचालय ब्लॉक बनाया गया है।
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मोदीनगर रेलवे स्टेशन पर प्लेटफॉर्म शेल्टर और प्लेटफॉर्म सतह में सुधार किया गया है। दिव्यांगजनों के लिए व्यापक सुविधाएं प्रदान की गई हैं, जिनमें एंट्री रैंप, टैक्टाइल पाथवे, सुगम्य शौचालय, वाटर बूथ, पार्किंग और अन्य सुविधाएं शामिल हैं। दो लिफ्ट लगाई गई हैं जो यात्रियों, विशेषकर बुजुर्गों और दिव्यांगजनों को लाभान्वित करेंगी। स्टेशन भवन पर फसाड लाइटिंग की व्यवस्था की गई है।