'क्योंकि सास भी कभी बहू थी 2' में तुलसी समझाएगी परिवार को नंदिनी का दर्द, करण लेगा तलाक का फैसला
'क्योंकि सास भी कभी बहू थी 2' में तुलसी समझाएगी परिवार को नंदिनी का दर्द, करण लेगा तलाक का फैसला
'क्योंकि सास भी कभी बहू थी 2' के अपकमिंग एपिसोड में नंदिनी और करण के तलाक को लेकर जबरदस्त तमाशा होने वाला है। वहीं तुलसी घर वालों को समझाएगी कि वे सभी नंदिनी को माफ कर दे।
Published : Sep 29, 2026 01:48 pm IST, Updated : Sep 29, 2026 01:48 pm IST
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हिट टीवी सीरियल 'क्योंकि सास भी कभी बहू थी 2' के नए एपिसोड की शुरुआत में तुलसी, रौनक, गरिमा, नकुल और समायरा से कहती हैं कि उन्हें नंदिनी के साथ इतनी सख्ती नहीं बरतनी चाहिए और न ही इतनी जल्दी उसके बारे में कोई राय बनानी चाहिए। वह समझाती हैं कि किसी और की जान बचाने के लिए अपने ही बेटे पर गोली चलाना नंदिनी के लिए सबसे मुश्किल और दिल तोड़ने वाले फैसलों में से एक था और आखिर में वह उनकी मां ही है।
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कहानी में आगे दिखाया जाएगा कि मिहिर और अनुपम, अनुपम के आने वाले बिनेस वेंचर के बारे में बात करते हैं। मिहिर उससे पूछता है कि वह मुंबई में इतना विस्तार क्यों करना चाहता है और क्या कोई ऐसी बात है जो उसे पता नहीं है। अनुपम बस इतना कहता है कि वह मुंबई में बिजनेस के एक अच्छे मौके का फायदा उठाना चाहता है, इसीलिए वह अपने बिजनेस को उस शहर तक बढ़ाना चाहता है।
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मंदिरा यह सब सुनती है और बात बदलने की कोशिश करती है, लेकिन मिहिर अनुपम के बिजनेस के बारे में पूछता रहता है। फिर वह बातचीत को अपने बच्चों और परिवार की ओर भी मोड़ देता है, जिससे अनुपम और मंदिरा दोनों हैरान रह जाते हैं। जब वह उन्हें उनके नाम- अंगद, ऋतिक और परी बताता है तो मिहिर हैरान और परेशान हो जाता है। हालांकि, वह जल्दी ही अपनी भावनाओं को छिपा लेता है और फिर से बातचीत का विषय बदल देता है।
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बाद में अनुपम को याद आता है कि कैसे तुलसी और मिहिर ने उसके बच्चों की परवरिश प्यार और देखभाल से की थी और उसे लगता है कि इतने सालों बाद उसे उन दोनों को फिर से मिला देना चाहिए। हालांकि, उन्हें यह भी याद है कि जब कोई और उनके साथ नहीं था तब मंदिरा ने उनकी मदद की थी और वे उनके कितने आभारी हैं।
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शांति निकेतन में करण आखिरकार अपनी मां के पास जाते हैं और उनके सामने रो पड़ते हैं। वे पिछले 10 सालों से तुलसी के प्रति अपने गुस्से और उस दौरान उनके साथ किए गए बुरे बर्ताव के लिए उनसे माफी मांगते हैं। फिर वे नंदिनी पर गुस्सा जाहिर करते हैं कि उन्होंने यह सब होने दिया। हालांकि, तुलसी उन्हें याद दिलाती हैं कि नंदिनी उनकी पत्नी हैं और उन्हें इतनी जल्दी उनके बारे में कोई राय नहीं बनानी चाहिए। फिर वे उनसे पूछती हैं कि क्या उन्हें सच में लगता है कि नंदिनी को बस खड़े होकर यह देखना चाहिए था कि उनका बेटा वैष्णवी का मर्डर कर रहा है।
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इसके बाद तुलसी अपने अतीत को याद करती हैं और करण को बताती हैं कि जब उन्होंने भी ऐसी ही स्थिति में नंदिनी की जान बचाने के लिए अपने बेटे अंश को गोली मारी थी तब करण उनके साथ खड़े थे और मामले को संभालने में उनकी मदद की थी। फिर वे उनसे पूछती हैं कि किसी की जान बचाने के लिए वही रास्ता अपनाने पर वे नंदिनी को अलग नजरिए से क्यों देख रहे हैं। करण फिर तुलसी को बताते हैं कि उनका गुस्सा इसलिए नहीं है कि नंदिनी ने पार्थ को गोली मारी, बल्कि उनका गुस्सा उस स्थिति और मां-बेटे के रिश्ते के खराब होने की वजह से है।
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वे तुलसी को यह भी बताते हैं कि वे बहुत परेशान हैं और उन्होंने तलाक के लिए अर्जी देने का फैसला किया है। एपिसोड का अंत तब होता है, जब करण अलग होने के लिए डिवोर्स लॉयर के पास जाता है। हालांकि, मीटिंग के दौरान लॉयर उससे बार-बार पूछता है कि वह अपनी पत्नी से अलग क्यों होना चाहता है, लेकिन करण यह सोचकर रुक जाता है कि जो हुआ। उसके बारे में वह कभी किसी को नहीं बता सकता।