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‘राम सिंह का घर कौन सा है?’, जब बचपन के दोस्त की तलाश में निकले धर्मेंद्र, आधी रात खटखटाया घर-घर का दरवाजा

Written By: Priya Shukla
Published : Nov 25, 2025 03:05 pm IST,  Updated : Nov 25, 2025 03:05 pm IST
बॉलीवुड के ‘ही-मैन’ धर्मेंद्र अब हमारे बीच नहीं रहे। उन्होंने सोमवार को यानी 24 नवंबर 2025 को आखिरी सांस ली। लेकिन उनकी सादगी और जमीन से जुड़ी जिंदगी हमेशा उनके फैंस को प्रेरित करती रहेगी। 65 साल लंबी चमकदार फिल्मी करियर के बावजूद, धर्मेंद्र हमेशा अपने पंजाब वाले बचपन और सरल जीवन को याद करते रहे।
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बॉलीवुड के ‘ही-मैन’ धर्मेंद्र अब हमारे बीच नहीं रहे। उन्होंने सोमवार को यानी 24 नवंबर 2025 को आखिरी सांस ली। लेकिन उनकी सादगी और जमीन से जुड़ी जिंदगी हमेशा उनके फैंस को प्रेरित करती रहेगी। 65 साल लंबी चमकदार फिल्मी करियर के बावजूद, धर्मेंद्र हमेशा अपने पंजाब वाले बचपन और सरल जीवन को याद करते रहे।
यह कहानी 2002 की है, जब ठंडी रात में पंजाब के गांव लालतों कलां में सब लोग चौंक गए क्योंकि दरवाजे पर खड़े थे- सुपरस्टार धर्मेंद्र। उनके फैंस उनकी झलक पाने को तरसते थे, लेकिन उस रात उन्होंने सबको हैरान कर दिया।
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यह कहानी 2002 की है, जब ठंडी रात में पंजाब के गांव लालतों कलां में सब लोग चौंक गए क्योंकि दरवाजे पर खड़े थे- सुपरस्टार धर्मेंद्र। उनके फैंस उनकी झलक पाने को तरसते थे, लेकिन उस रात उन्होंने सबको हैरान कर दिया।
धर्मेंद्र का परिवार बचपन में इसी गांव में रहता था। उनके पिता कंवल किशन देओल इसी गांव के सरकारी स्कूल में हेडमास्टर थे। धर्मेंद्र छोटे समय में राम सिंह नाम के किसान के घर किराए पर रहते थे। राम सिंह उनके दोस्त और मकान मालिक भी थे।
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धर्मेंद्र का परिवार बचपन में इसी गांव में रहता था। उनके पिता कंवल किशन देओल इसी गांव के सरकारी स्कूल में हेडमास्टर थे। धर्मेंद्र छोटे समय में राम सिंह नाम के किसान के घर किराए पर रहते थे। राम सिंह उनके दोस्त और मकान मालिक भी थे।
जब धर्मेंद्र बड़ी पहचान बना चुके थे, जनवरी 2002 में उन्होंने बिना किसी शोर-शराबे के अपने गांव की ओर रुख किया। उन्होंने आधी रात को एक किसान के घर पर दस्तक दी। जब घर की महिला ने दरवाजा खोला, तो सामने धर्मेंद्र थे। उन्होंने शांत आवाज़ में पूछा, “राम सिंह का घर कौन सा है?”
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जब धर्मेंद्र बड़ी पहचान बना चुके थे, जनवरी 2002 में उन्होंने बिना किसी शोर-शराबे के अपने गांव की ओर रुख किया। उन्होंने आधी रात को एक किसान के घर पर दस्तक दी। जब घर की महिला ने दरवाजा खोला, तो सामने धर्मेंद्र थे। उन्होंने शांत आवाज़ में पूछा, “राम सिंह का घर कौन सा है?”
महिला हैरान हो गई, पर उनकी सादगी देखकर खुद राम सिंह के घर पहुंच गई। जब राम सिंह ने दरवाजा खोला, तो उनकी आंखें फटी की फटी रह गईं — दशकों बाद उनका दोस्त, एक बड़ा हीरो, उनके सामने खड़ा था!
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महिला हैरान हो गई, पर उनकी सादगी देखकर खुद राम सिंह के घर पहुंच गई। जब राम सिंह ने दरवाजा खोला, तो उनकी आंखें फटी की फटी रह गईं — दशकों बाद उनका दोस्त, एक बड़ा हीरो, उनके सामने खड़ा था!
कुछ ही मिनटों में पूरा गांव जान गया। लोग चिल्लाने लगे, “धर्मेंद्र आ गया … धर्मेंद्र गांव आ गया!” उन्होंने बिना किसी दिखावे के पुरानी यादें ताज़ा कीं। सबको हैरानी हुई कि मега-स्टार इतनी मासूमियत और दोस्ती के साथ आया। यह घटना उनकी बायोग्राफी में दर्ज है और इससे साफ झलकती है उनकी जड़ों से जुड़ाव की कहानी।
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कुछ ही मिनटों में पूरा गांव जान गया। लोग चिल्लाने लगे, “धर्मेंद्र आ गया … धर्मेंद्र गांव आ गया!” उन्होंने बिना किसी दिखावे के पुरानी यादें ताज़ा कीं। सबको हैरानी हुई कि मега-स्टार इतनी मासूमियत और दोस्ती के साथ आया। यह घटना उनकी बायोग्राफी में दर्ज है और इससे साफ झलकती है उनकी जड़ों से जुड़ाव की कहानी।
धर्मेंद्र का पैतृक गांव तो डंगों (लुधियाना के पास) है, लेकिन उनका बचपन साहनेवाल और लालतों कलां में बीता। वे कई बार रात में चुपके से गांव पहुंचते थे — ताकि भीड़ जमा न हो। उनकी मौत की खबर ने सबको दुखी कर दिया। अमिताभ बच्चन ने उन्हें याद करते हुए लिखा: “एक और वीर योद्धा चला गया … धरम जी, आप महान थे — न सिर्फ अपनी शारीरिक ताकत के लिए, बल्कि अपने बड़े दिल और नरम-दिल अहसास के लिए।”
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धर्मेंद्र का पैतृक गांव तो डंगों (लुधियाना के पास) है, लेकिन उनका बचपन साहनेवाल और लालतों कलां में बीता। वे कई बार रात में चुपके से गांव पहुंचते थे — ताकि भीड़ जमा न हो। उनकी मौत की खबर ने सबको दुखी कर दिया। अमिताभ बच्चन ने उन्हें याद करते हुए लिखा: “एक और वीर योद्धा चला गया … धरम जी, आप महान थे — न सिर्फ अपनी शारीरिक ताकत के लिए, बल्कि अपने बड़े दिल और नरम-दिल अहसास के लिए।”
24 नवंबर को 89 साल की उम्र में धर्मेंद्र हमें छोड़कर चले गए। उन्होंने करोड़ों फैंस को आंसू दिए, लेकिन उनकी कहानियां, उनकी इंसानियत और उनकी सादगी हमेशा हमारे दिलों में जिंदा रहेंगी।
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24 नवंबर को 89 साल की उम्र में धर्मेंद्र हमें छोड़कर चले गए। उन्होंने करोड़ों फैंस को आंसू दिए, लेकिन उनकी कहानियां, उनकी इंसानियत और उनकी सादगी हमेशा हमारे दिलों में जिंदा रहेंगी।
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