निमोनिया होने से शरीर का कौन कौन सा अंग खराब हो सकता है?
निमोनिया होने से शरीर का कौन कौन सा अंग खराब हो सकता है?
निमोनिया को आमतौर पर केवल फेफड़ों की बीमारी माना जाता है, लेकिन पीएसआरआई अस्पताल में वरिष्ठ सलाहकार पल्मोनोलॉजी क्रिटिकल केयर और स्लीप मेडिसिन, डॉ. कहती हैं कि हकीकत में यह संक्रमण पूरे शरीर को प्रभावित कर सकता है।
Published : Nov 11, 2025 10:57 pm IST, Updated : Nov 11, 2025 11:01 pm IST
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निमोनिया को आमतौर पर केवल फेफड़ों की बीमारी माना जाता है, लेकिन पीएसआरआई अस्पताल में वरिष्ठ सलाहकार पल्मोनोलॉजी क्रिटिकल केयर और स्लीप मेडिसिन, डॉ. नीतू जैन, कहती हैं कि हकीकत में यह संक्रमण पूरे शरीर को प्रभावित कर सकता है। जब फेफड़ों में संक्रमण होता है, तो सूजन और पस भरने लगती है, जिससे ऑक्सीजन का आदान-प्रदान बाधित हो जाता है। शरीर को पर्याप्त ऑक्सीजन नहीं मिल पाने से धीरे-धीरे कई महत्वपूर्ण अंग प्रभावित होने लगते हैं।
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फेफड़ों की कार्यक्षमता: सबसे पहले फेफड़ों की कार्यक्षमता प्रभावित होती है। सूजन और बलगम जमा होने से सांस लेने में कठिनाई होती है। मरीज को खांसी, तेज बुखार, सीने में दर्द और थकान जैसे लक्षण महसूस होते हैं। अगर संक्रमण गंभीर हो तो फेफड़े सही तरह से ऑक्सीजन को रक्त में नहीं पहुंचा पाते, जिससे पूरे शरीर में ऑक्सीजन की कमी हो जाती है।
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दिमाग पर पड़ता है बुरा पराभव: मस्तिष्क भी ऑक्सीजन की कमी के प्रति अत्यंत संवेदनशील होता है। निमोनिया से ग्रसित मरीजों, खासकर बुजुर्गों में, भ्रम, चक्कर, बेहोशी या सुस्ती जैसे लक्षण देखे जा सकते हैं। लंबे समय तक ऑक्सीजन की कमी मस्तिष्क की कोशिकाओं को नुकसान पहुंचा सकती है।
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किडनी फेलियर का खतरा: ऑक्सीजन की कमी का असर किडनी पर भी पड़ता है। जब किडनी तक पर्याप्त ऑक्सीजन नहीं पहुंचती, तो वे खून को ठीक से फ़िल्टर नहीं कर पातीं। इससे शरीर में अपशिष्ट पदार्थ जमा होने लगते हैं और गंभीर मामलों में किडनी फेलियर का खतरा भी बढ़ जाता है।
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हृदय पर पड़ता है असर: इसका सीधा असर हृदय पर पड़ता है। हृदय को ऑक्सीजन की कमी की भरपाई के लिए अधिक मेहनत करनी पड़ती है। इसके कारण दिल की धड़कन तेज हो जाती है और उच्च रक्तचाप या पहले से मौजूद हृदय रोग वाले मरीजों में जटिलताएं बढ़ सकती हैं।
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इसके अलावा, शरीर में सूजन और संक्रमण का असर लीवर और मांसपेशियों पर भी दिखाई देता है। लीवर की कार्यक्षमता घटने से थकान, कमजोरी और पीलिया जैसी स्थितियां पैदा हो सकती हैं। इसलिए यह समझना जरूरी है कि निमोनिया सिर्फ एक श्वसन संक्रमण नहीं है, बल्कि एक गंभीर प्रणालीगत रोग है जो कई अंगों को प्रभावित कर सकता है।