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देश के 5 प्रसिद्ध शिवालय, जहां सावन के महीने में लगा रहता हैं भक्तों का तांता

Written By: Arti Azad @Azadkeekalamse
Published : Jul 31, 2026 09:24 pm IST,  Updated : Jul 31, 2026 09:24 pm IST
सावन का महीना शिव आराधना के लिए सबसे पवित्र समय माना जाता है। मान्यता है कि इस पूरे महीने में श्रद्धा भाव से शिव पूजा, जलाभिषेक और दर्शन करने से जीवन की बाधाएं दूर होती हैं और मनोकामनाएं पूरी होती हैं। यही कारण है कि सावन में देशभर के शिव मंदिरों में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ती है। भारत में कई ऐसे प्राचीन शिवालय हैं, जिनका इतिहास सदियों पुराना है और जिनकी धार्मिक मान्यता करोड़ों भक्तों की आस्था का केंद्र है। आइए जानते हैं देश के 5 प्रसिद्ध प्राचीन शिव मंदिरों के बारे में, जहां सावन के दौरान दर्शन करना बेहद शुभ माना जाता है।
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सावन का महीना शिव आराधना के लिए सबसे पवित्र समय माना जाता है। मान्यता है कि इस पूरे महीने में श्रद्धा भाव से शिव पूजा, जलाभिषेक और दर्शन करने से जीवन की बाधाएं दूर होती हैं और मनोकामनाएं पूरी होती हैं। यही कारण है कि सावन में देशभर के शिव मंदिरों में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ती है। भारत में कई ऐसे प्राचीन शिवालय हैं, जिनका इतिहास सदियों पुराना है और जिनकी धार्मिक मान्यता करोड़ों भक्तों की आस्था का केंद्र है। आइए जानते हैं देश के 5 प्रसिद्ध प्राचीन शिव मंदिरों के बारे में, जहां सावन के दौरान दर्शन करना बेहद शुभ माना जाता है।
उत्तर प्रदेश के वाराणसी में स्थित काशी विश्वनाथ मंदिर भगवान शिव के सबसे प्राचीन और पूजनीय धामों में से एक है। यह 12 ज्योतिर्लिंगों में शामिल है और काशी को शिव की प्रिय नगरी माना जाता है। सावन के महीने में यहां लाखों श्रद्धालु जलाभिषेक और दर्शन के लिए पहुंचते हैं। मान्यता है कि बाबा विश्वनाथ के दर्शन और पूजा से जीवन में सुख, शांति और मनचाहा फल प्राप्त होता है।
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उत्तर प्रदेश के वाराणसी में स्थित काशी विश्वनाथ मंदिर भगवान शिव के सबसे प्राचीन और पूजनीय धामों में से एक है। यह 12 ज्योतिर्लिंगों में शामिल है और काशी को शिव की प्रिय नगरी माना जाता है। सावन के महीने में यहां लाखों श्रद्धालु जलाभिषेक और दर्शन के लिए पहुंचते हैं। मान्यता है कि बाबा विश्वनाथ के दर्शन और पूजा से जीवन में सुख, शांति और मनचाहा फल प्राप्त होता है।
गुजरात के प्रभास पाटन (वेरावल) में समुद्र तट के किनारे स्थित सोमनाथ मंदिर 12 ज्योतिर्लिंगों में पहला माना जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार इसका निर्माण सबसे पहले चंद्रदेव ने कराया था। इतिहास में कई बार यह मंदिर आक्रमणों का शिकार हुआ, लेकिन हर बार फिर से भव्य रूप में बनाया गया। सावन में यहां भगवान शिव की पूजा करने से विशेष पुण्य और मनोकामनाओं की पूर्ति का विश्वास किया जाता है।
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गुजरात के प्रभास पाटन (वेरावल) में समुद्र तट के किनारे स्थित सोमनाथ मंदिर 12 ज्योतिर्लिंगों में पहला माना जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार इसका निर्माण सबसे पहले चंद्रदेव ने कराया था। इतिहास में कई बार यह मंदिर आक्रमणों का शिकार हुआ, लेकिन हर बार फिर से भव्य रूप में बनाया गया। सावन में यहां भगवान शिव की पूजा करने से विशेष पुण्य और मनोकामनाओं की पूर्ति का विश्वास किया जाता है।
मध्य प्रदेश के उज्जैन में शिप्रा नदी के तट पर स्थित महाकालेश्वर मंदिर अपनी दिव्य भस्म आरती के लिए दुनिया भर में प्रसिद्ध है। यह भी 12 ज्योतिर्लिंगों में शामिल है। सावन के दौरान यहां विशेष धार्मिक आयोजन होते हैं और देश-विदेश से बड़ी संख्या में श्रद्धालु बाबा महाकाल के दर्शन करने पहुंचते हैं। मान्यता है कि यहां पूजा करने से नकारात्मकता दूर होती है और जीवन में सुख-समृद्धि आती है।
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मध्य प्रदेश के उज्जैन में शिप्रा नदी के तट पर स्थित महाकालेश्वर मंदिर अपनी दिव्य भस्म आरती के लिए दुनिया भर में प्रसिद्ध है। यह भी 12 ज्योतिर्लिंगों में शामिल है। सावन के दौरान यहां विशेष धार्मिक आयोजन होते हैं और देश-विदेश से बड़ी संख्या में श्रद्धालु बाबा महाकाल के दर्शन करने पहुंचते हैं। मान्यता है कि यहां पूजा करने से नकारात्मकता दूर होती है और जीवन में सुख-समृद्धि आती है।
हिमालय की गोद में बसे केदारनाथ धाम को चार धाम और 12 ज्योतिर्लिंगों में विशेष स्थान प्राप्त है। हर साल लाखों श्रद्धालु कठिन यात्रा कर बाबा केदार के दर्शन के लिए पहुंचते हैं। सावन में यहां पूजा-अर्चना का विशेष महत्व माना जाता है। धार्मिक मान्यता है कि बाबा केदारनाथ के दर्शन से जीवन के कष्ट दूर होते हैं और भक्तों की मनोकामनाएं पूरी होती हैं।
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हिमालय की गोद में बसे केदारनाथ धाम को चार धाम और 12 ज्योतिर्लिंगों में विशेष स्थान प्राप्त है। हर साल लाखों श्रद्धालु कठिन यात्रा कर बाबा केदार के दर्शन के लिए पहुंचते हैं। सावन में यहां पूजा-अर्चना का विशेष महत्व माना जाता है। धार्मिक मान्यता है कि बाबा केदारनाथ के दर्शन से जीवन के कष्ट दूर होते हैं और भक्तों की मनोकामनाएं पूरी होती हैं।
तमिलनाडु के रामेश्वरम में स्थित यह पवित्र ज्योतिर्लिंग दक्षिण भारत के सबसे प्रमुख शिव धामों में गिना जाता है। मान्यता है कि यहां भगवान शिव के दर्शन और पूजा करने से पापों से मुक्ति मिलती है तथा जीवन में सुख और समृद्धि आती है। सावन के महीने में इस मंदिर में श्रद्धालुओं का तांता लगा रहता है और देश-विदेश से भक्त जलाभिषेक के लिए पहुंचते हैं।
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तमिलनाडु के रामेश्वरम में स्थित यह पवित्र ज्योतिर्लिंग दक्षिण भारत के सबसे प्रमुख शिव धामों में गिना जाता है। मान्यता है कि यहां भगवान शिव के दर्शन और पूजा करने से पापों से मुक्ति मिलती है तथा जीवन में सुख और समृद्धि आती है। सावन के महीने में इस मंदिर में श्रद्धालुओं का तांता लगा रहता है और देश-विदेश से भक्त जलाभिषेक के लिए पहुंचते हैं।
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