ऑस्ट्रेलिया ने इस निर्णायक मुकाबले में टॉस जीतकर गेंदबाजी का निर्णय लिया। भारत ने 46 के स्कोर पर ही डेविड वॉर्नर (3) और फिच (19) को आउट कर दबाव में डाला।
शुरुआती झटकों के बाद स्मिथ और लाबुशेन ने पारी को संभाला और दोनों के बीच 127 रन की बड़ी साझेदारी हुई। रनों की गति को तेज करने के प्रायस में लाबुशेन 54 के स्कोर पर जडेजा का शिकार बने।
लगातार विकेट गिरने के बावजूद स्मिथ टिके रहे और उन्होंने अपने वनडे करियर का 9वां शतक जड़ा। आउट होने से पहले स्मिथ ने 131 रनों की पारी खेली। ऑस्ट्रेलिया ने पहली पारी में 9 विकेट के नुकासन पर 286 रन बनाए।
भारत की ओर से मोहम्मद शमी ने सबसे अधिक 4 विकेट लिए और जडेजा को दो विकेट मिले। इसके अलावा सैनी और कुलदीप ने भी एक-एक विकेट चटकाएं।
287 रनों का पीछा करने उतरी टीम इंडिया को ऐगर ने पहला झटका केएल राहुल (19) के रूप में दिया, उस समय भारत का स्कोर 69 रन था।
इसके बाद भारतीय उप कप्तान रोहित शर्मा (119) और विराट कोहली (89) ने रन बनाने का जिम्मा उठाया और दोनों के बीच 137 रन की साझेदारी हुई। अंत में अय्यर के 44 और पांडे के 8 रन के दम पर भारत ने 7 विकेट से यह मुकाबला जीता।
भारत ने इसी जीत के साथ घर पर जीत का दोहरा शतक भी लगाया, इस सीरीज में 0-1 से पिछड़ने के बाद भारत ने कंगारुओं को 2-1 से सरीजी में मात दी।