1. Hindi News
  2. गुजरात
  3. पीएम मोदी के ‘नेट जीरो’ विजन की दिशा में गुजरात की बड़ी उपलब्धि, 1 साल में 49.79 मिलियन टन कार्बन उत्सर्जन में रिकॉर्ड कमी

पीएम मोदी के ‘नेट जीरो’ विजन की दिशा में गुजरात की बड़ी उपलब्धि, 1 साल में 49.79 मिलियन टन कार्बन उत्सर्जन में रिकॉर्ड कमी

 Published : Jul 21, 2026 10:12 pm IST,  Updated : Jul 21, 2026 10:23 pm IST

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 'नेट जीरो 2070' विजन की दिशा में कदम बढ़ाते हुए गुजरात ने एक बड़ी ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल की है। वित्तीय वर्ष 2025-26 में राज्य ने रिन्यूएबल एनर्जी से रिकॉर्ड 67,655 मिलियन यूनिट बिजली का उत्पादन कर कार्बन उत्सर्जन में 49.79 मिलियन टन की रिकॉर्ड कमी दर्ज की है।

Gujarat- India TV Hindi
गुजरात में रिन्यूएबल एनर्जी से रिकॉर्ड बिजली उत्पादन Image Source : REPORTER INPUT

गांधीनगर: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हमेशा ‘क्लीन और ग्रीन इंडिया’ के विजन को देश के विकास का महत्वपूर्ण आधार माना है। उनका स्पष्ट दृष्टिकोण रहा है कि आर्थिक प्रगति और पर्यावरण संरक्षण साथ-साथ चलें, ताकि आने वाली पीढ़ियों को सुरक्षित और टिकाऊ भविष्य मिल सके। प्रधानमंत्री के इसी विजन को गति देते हुए मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल के नेतृत्व में गुजरात ने पर्यावरण संरक्षण और ग्रीन एनर्जी के क्षेत्र में उल्लेखनीय उपलब्धि हासिल की है। एक साल की अवधि में गुजरात में कार्बन उत्सर्जन में सबसे बड़ी कटौती करने के साथ ही रिकॉर्ड 67,655 मिलियन यूनिट 'ग्रीन बिजली' का  उत्पादन भी किया है।

एक वर्ष में दर्ज की गई सबसे बड़ी कार्बन कटौती

वित्त वर्ष 2025-26 में गुजरात ने केवल एक वर्ष के भीतर 49.79 मिलियन टन (mtCO₂e) कार्बन उत्सर्जन को वातावरण में जाने से रोकने में सफलता हासिल कर एक नया कीर्तिमान स्थापित किया है। यह राज्य के इतिहास में किसी एक वर्ष में दर्ज की गई सबसे बड़ी कार्बन कटौती है। इस ऐतिहासिक उपलब्धि के पीछे राज्य के ऊर्जा क्षेत्र में सौर, पवन और अन्य रिन्यूएबल एनर्जी स्रोतों का तेज़ी से हुआ विस्तार प्रमुख कारण रहा है। इसी के परिणामस्वरूप गुजरात ने मात्र एक वर्ष में 67,655 मिलियन यूनिट ग्रीन बिजली का रिकॉर्ड उत्पादन भी दर्ज किया है।

Gujarat
Image Source : REPORTER INPUTरिन्यूएबल एनर्जी सेक्टर में गुजरात को बड़ी कामयाबी

5 वर्षों में 179 मिलियन टन उत्सर्जन में कमी, जलवायु संरक्षण में गुजरात की बड़ी उपलब्धि

राज्य सरकार की ग्रीन एनर्जी पहलों, इको-फ्रेंडली पॉलिसी और रिन्यूएबल एनर्जी सेक्टर में तेज़ी से हुए विस्तार के परिणामस्वरूप गुजरात पिछले 5 वर्षों में कुल 179 मिलियन टन कार्बन उत्सर्जन को वातावरण में घुलने से रोकने में सफल रहा है। आंकड़ों के अनुसार, राज्य में प्रतिवर्ष लगभग 442 मिलियन टन ग्रीनहाउस गैस उत्सर्जित होती है। ऐसे में बीते पांच वर्षों के दौरान कुल वार्षिक उत्सर्जन के लगभग 40 प्रतिशत के बराबर कार्बन उत्सर्जन में कमी दर्ज करना इस बात का प्रमाण है कि गुजरात ने विकास और पर्यावरण संरक्षण के बीच प्रभावी संतुलन स्थापित करते हुए सतत एवं हरित विकास का मजबूत मॉडल प्रस्तुत किया है।

Gujarat
Image Source : REPORTER INPUTरिन्यूएबल एनर्जी के क्षेत्र में बड़ी कामयाबी

विशेषज्ञों के अनुसार, बड़े स्तर पर ग्रीन एनर्जी के उपयोग से कोयला और अन्य जीवाश्म ईंधनों की खपत कम होती है, जिससे कार्बन उत्सर्जन में सीधे कमी आती है। यही कारण है कि आज दुनिया भर में रिन्यूएबल एनर्जी को जलवायु परिवर्तन से मुकाबले का सबसे प्रभावी माध्यम माना जा रहा है।

आम आदमी की जिंदगी से कैसे जुड़ा है ‘कार्बन उत्सर्जन’ का मुद्दा?

कार्बन उत्सर्जन केवल पर्यावरण का विषय नहीं है, बल्कि यह सीधे आम लोगों के स्वास्थ्य, मौसम और जीवनशैली से जुड़ा मुद्दा है। वातावरण में बढ़ता कार्बन उत्सर्जन ग्लोबल वार्मिंग, अत्यधिक गर्मी, अनियमित बारिश, बाढ़ और सूखे जैसी समस्याओं को बढ़ाता है। इसके विपरीत, ग्रीन एनर्जी के उपयोग से प्रदूषण कम होता है, हवा की गुणवत्ता बेहतर बनती है और स्वास्थ्य संबंधी जोखिमों में भी कमी आती है। पर्यावरण विशेषज्ञ मानते हैं कि सौर और पवन ऊर्जा जैसे स्वच्छ ऊर्जा स्रोत भविष्य में न केवल पर्यावरण संरक्षण का आधार बनेंगे, बल्कि ऊर्जा सुरक्षा और आर्थिक विकास के भी महत्वपूर्ण स्तंभ साबित होंगे।

पर्यावरण संरक्षण को मिली नई रफ्तार, पावर जनरेशन में बढ़ी ग्रीन एनर्जी की हिस्सेदारी

इस शानदार उपलब्धि के ज़रिए राज्य सरकार ने यह स्पष्ट संदेश दिया है कि गुजरात सिर्फ निर्धारित लक्ष्य पूरे करने तक सीमित नहीं है, बल्कि वह जलवायु परिवर्तन के खिलाफ नए मानक स्थापित कर रहा है। राज्य में लागू की गई 'इंटीग्रेटेड RE पॉलिसी 2026', 'ग्रीन हाइड्रोजन पॉलिसी' और 'गुजरात पंप स्टोरेज पॉलिसी' जैसी नीतियों ने पर्यावरण संरक्षण के अभियान को एक नई रफ्तार दी है।

Gujarat
Image Source : REPORTER INPUT‘नेट जीरो’ विजन की दिशा में गुजरात की बड़ी उपलब्धि

ऊर्जा विभाग की कड़ी निगरानी में GUVNL (गुजरात ऊर्जा विकास निगम लिमिटेड), GEDA और GPCL जैसी संस्थाओं के निरंतर प्रयासों का ही नतीजा है कि आज राज्य के पावर जनरेशन मिक्स में ग्रीन एनर्जी का हिस्सा काफी बढ़ा दिया है. , जिससे पूरे गुजरात में एयर क्वालिटी बेहतर हुई है।

2030 तक 100 GW अक्षय ऊर्जा क्षमता का लक्ष्य; गुजरात 'नेट जीरो' मिशन में आगे

गुजरात वर्ष 2070 तक 'नेट जीरो' हासिल करने के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विजन को आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। इस मिशन को सपोर्ट करने के लिए, राज्य सरकार ने 2030 तक 100 गीगावाट (GW) रिन्यूएबल एनर्जी कैपेसिटी डेवलप करने के लिए एक बड़ा रोडमैप तैयार किया है। ग्रीन एनर्जी में गुजरात की प्रगति न केवल राज्य के सतत विकास में योगदान दे रही है, बल्कि पेरिस एग्रीमेंट के तहत भारत की वैश्विक जलवायु प्रतिबद्धताओं में भी योगदान दे रही है। अपनी लगातार कोशिशों से, गुजरात ग्रीन एनर्जी अपनाने और सस्टेनेबल ग्रोथ के लिए एक मॉडल के तौर पर उभर रहा है।

ये भी पढ़ें:

देश का सबसे भरोसेमंद इन्वेस्टमेंट डेस्टिनेशन बना गुजरात, जानें दूसरे-तीसरे नंबर पर कौन?

 

Advertisement

India TV हिंदी न्यूज़ के साथ रहें हर दिन अपडेट, पाएं देश और दुनिया की हर बड़ी खबर। गुजरात से जुड़ी लेटेस्ट खबरों के लिए अभी विज़िट करें।