देश के अलग-अलग राज्यों में जमकर बारिश हो रही है। इस बीच अलग-अलग स्थानों पर कई घटनाएं भी देखने को मिल रही हैं। इसी कड़ी में गुजरात के दाहोद में भी एक हादसा देखने को मिला। दरअसल दाहोद और लिमडी को जोड़ने वाली सड़क भारी बारिश के कारण पानी भर गया। यहां राष्ट्रीय गलियारे का काम चल रहा था, इसलिए सड़क पर पानी भर गया। इस दौरान पानी के बहाव में वहां काम करने वाला एक शख्स फंस गया। इसके बाद युवक को बचाने के लिए स्थानीय लोग दौड़े और उन्होंने इसकी सूचना पुलिस को दी। स्थानीय लोगों ने पुलिस की मदद से जैसे-तैसे कर रस्सी के सहारे पानी के तेज बहाव में फंसे शख्स को रेस्क्यू कर लिया है।
गुजरात में भीषण बारिश का कहर
बता दें कि गुजरात के सूरत शहर में पिछले 36 घंटों में 400 मिमी से अधिक बारिश दर्ज की गई है। इस कारण मंगलवार को शहर के कई हिस्सों में बाढ़ जैसी स्थिति पैदा हो गई। भारी बारिश के कारण कई सड़कें और आवासीय सोसाइटियां जलमग्न हो गईं, इस कारण लोगों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। इस मामले की गंभीरता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि कुछ इलाकों में लोगों ने एक स्थान से दूसरे स्थान जाने के लिए ट्रैक्टरों का सहारा लिया, जबकि शहर के कुछ अन्य हिस्सों में लोगों को सुरक्षित एक स्थान से दूसरे स्थान तक ले जाने के लिए बाढ़ वाली सड़कों पर नाव तक चलाई गई। बता दें कि भारतीय मौसम विज्ञान विभाग ने बुधवार को सूरत और राज्य के कुछ अन्य जिलों में भारी से बहुत भारी बारिश और कुछ स्थानों पर अत्यधिक भारी बारिश का अनुमान लगाया है।
राहत बचाव कार्य जारी
नगर आयुक्त शालिनी अग्रवाल ने बताया कि सूरत शहर में मंगलवार सुबह 6 बजे तक 24 घंटों में 346 मिमी (या 13 इंच से अधिक) बारिश हुई, जबकि उसके बाद के 12 घंटों (शाम 6 बजे तक) में 66 मिमी (लगभग 2. 6 इंच) बारिश दर्ज की गई। हालांकि मंगलवार को शहर को बारिश से कुछ राहत मिली, लेकिन निचले इलाकों में बाढ़ के कारण यात्रियों पर असर देखने को मिल रहा है। अग्रवाल ने बताया कि जहां भी जरूरत है, बचाव और राहत कार्य के तहत लोगों को पहले ही निकाला जा रहा है। राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र (एसईओसी) के अनुसार, सूरत शहर में मंगलवार सुबह 6 बजे से 2. 6 इंच बारिश हुई। हालांकि दिन में बारिश कम हुई, लेकिन जलभराव से थोड़ी राहत मिली और कई इलाकों में यात्रियों को घरों के अंदर रहने के लिए मजबूर होना पड़ा। भारी बारिश के कारण शहर और विभिन्न खाड़ियों से गुजरने वाली तापी नदी में उफान आ गया, जिससे निचले इलाकों के रिहायशी इलाकों में जलभराव हो गया।
(इनपुट- पीटीआई)