1. Hindi News
  2. गुजरात
  3. नवरात्रि की रात नाबालिग से गैंगरेप, कोर्ट ने 5 दरिंदों को ठहराया दोषी, सजा की तारीख भी तय

नवरात्रि की रात नाबालिग से गैंगरेप, कोर्ट ने 5 दरिंदों को ठहराया दोषी, सजा की तारीख भी तय

 Written By: Malaika Imam
 Published : Aug 20, 2026 07:50 pm IST,  Updated : Aug 20, 2026 07:57 pm IST

साल 2024 में नवरात्रि की एक रात वडोदरा में 16 साल की एक नाबालिग लड़की के साथ गैंगरेप हुआ था। वह अपने एक दोस्त के साथ स्कूटी से लौट रही थी, तभी रास्ते में 5 लोगों ने उन्हें रोक लिया और इस घिनौनी वारदात को अंजाम दिया।

प्रतीकात्मक फोटो- India TV Hindi
प्रतीकात्मक फोटो Image Source : PEXELS.COM

गुजरात के वडोदरा की एक अदालत ने गुरुवार को 2024 में नवरात्रि की रात एक किशोर लड़की के साथ हुए गैंगरेप के मामले में पांच लोगों को दोषी करार दिया। अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश सी.एम. पवार ने सजा के ऐलान (क्वांटम ऑफ सेंटेंस) पर सुनवाई के लिए 25 अगस्त की तारीख तय की है।

विशेष लोक अभियोजक नयन सुखड़वाला ने बताया कि पांच आरोपियों में से तीन ने लड़की के साथ रेप किया था, जबकि अन्य दो मौके पर मौजूद थे और उन्होंने पीड़िता और उसके पुरुष मित्र को प्रताड़ित किया था। उन्होंने कहा कि कानून के तहत गैंगरेप के मामले में केवल तमाशबीन बने रहने वाले लोग भी उतने ही जिम्मेदार होते हैं।

कॉमन इंटेंशन को ध्यान में रखते हुए सभी पांचों दोषी

उन्होंने आगे कहा, "अदालत ने 'समान आशय' (कॉमन इंटेंशन) को ध्यान में रखते हुए सभी पांचों को दोषी पाया।" अदालत ने भारतीय न्याय संहिता (BNS) और यौन अपराधों से बच्चों का संरक्षण (POCSO) अधिनियम के प्रावधानों के तहत पांचों आरोपियों को गैंगरेप, सबूत नष्ट करने और डकैती जैसे अपराधों में दोषी ठहराया है।

अभियोजक ने बताया कि दोषियों की पहचान मुमताज, अजमल, मुन्ना बंजारा, सैफ और शाहरुख के रूप में हुई है, जिनकी उम्र 25 से 30 वर्ष के बीच है।

मित्र को बंधक बनाकर किशोरी के साथ गैंगरेप

अभियोजन पक्ष के अनुसार, यह घटना 4 अक्टूबर 2024 को नवरात्रि की एक रात को हुई थी, जब लोग शहर भर में आयोजित गरबा कार्यक्रमों में शामिल होने के लिए बड़ी संख्या में बाहर निकलते हैं, तब उस समय 16 वर्षीय पीड़िता अपने पुरुष मित्र के साथ बाहर थी। आरोपियों ने पीड़िता के मित्र को बंधक बनाकर उसके साथ गैंगरेप किया था।

पीड़िता ने पुलिस को बताया कि वह रात करीब 11 बजे शहर के लक्ष्मीपुरा इलाके में अपने बचपन के दोस्त से मिलने गई थी। वे रात करीब 12 बजे एक स्कूटी पर सवार होकर भयली इलाके से लौट रहे थे, तभी एक सुनसान रास्ते पर दोपहिया वाहन पर सवार पांच लोगों ने उन्हें रोक लिया।

फोन छीनकर नदी में फेंक दिया था

अभियोजक सुखड़वाला ने कहा, "पीड़िता और उसके साथ मौजूद उसके पुरुष मित्र के बयान दो ऐसे प्रत्यक्ष साक्ष्य थे जिन पर अदालत ने विचार किया।" इसके अलावा, पीड़िता ने सबसे पहले अपने भाई और मां को घटना की जानकारी दी थी, और उनके बयानों को भी साक्ष्य के रूप में इस्तेमाल किया गया।

पीड़िता का मोबाइल फोन लूटकर विश्वामित्री नदी में फेंक दिया गया था। पुलिस और दमकल विभाग की टीम ने इसे बरामद करने की कोशिश की, लेकिन सफलता नहीं मिली। हालांकि, अदालत ने इसे साक्ष्य के रूप में स्वीकार किया कि फोन लूटा गया था और नदी में फेंका गया था। उन्होंने यह भी जोड़ा कि 26 सीसीटीवी कैमरों के फुटेज में से, आरोपी तीन कैमरों में स्पष्ट रूप से दिखाई दे रहे थे, जिन्हें अदालत ने स्वीकार कर लिया।

ये भी पढ़ें-

जंतर-मंतर और देश भर के छात्रों पर प्रदर्शन के दौरान पुलिस कार्रवाई की जांच के लिए हाई पावर कमेटी गठित

मंत्री का पोस्टर चिपकाना पड़ा भारी, कृष्णा बयरे गौडा ने समर्थक पर ही दर्ज कराई FIR

Advertisement

India TV हिंदी न्यूज़ के साथ रहें हर दिन अपडेट, पाएं देश और दुनिया की हर बड़ी खबर। गुजरात से जुड़ी लेटेस्ट खबरों के लिए अभी विज़िट करें।