चंडीगढ़: हरियाणा में बुधवार को बारिश से जुड़ी घटनाओं में तीन लड़कियों समेत कम से कम छह लोग मारे गए। राज्य के कई हिस्सों में भारी बारिश से नदियां उफान पर हैं जिससे सामान्य जीवन प्रभावित हुआ है। भिवानी जिले के कालिंगा गांव में सात से पंद्रह साल की तीन लड़कियों की मौत हो गई और उनके माता-पिता तथा एक छोटा भाई घायल हो गया, जब उनके घर की छत गिर गई। एक अन्य हादसे में, शाहबाद मर्कंडा की अमर विहार कॉलोनी में एक घर की छत ढहने से दो लोगों की मौत हो गई और तीन गंभीर रूप से घायल हो गए। घायलों को इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है। एक अन्य हादसे में यमुनानगर जिले के बांडी गांव में एक पुरुष की मौत हुई, जब उसका कच्चा मकान ढह गया।
इस बीच, ऊर्जा और परिवहन मंत्री अनिल विज ने कहा कि तंगड़ी नदी में जलस्तर बढ़ने के कारण जिला प्रशासन हाई अलर्ट पर है। SDRF को तैनात किया गया है और सेना के साथ समन्वय स्थापित किया गया है। राजस्व एवं आपदा प्रबंधन मंत्री विपुल गोयल ने बाढ़ प्रबंधन, राहत सामग्री और बचाव उपकरणों की समीक्षा की।
हरियाणा को इस वर्ष राज्य आपदा प्रतिक्रिया कोष (एसडीआरएफ) के अंतर्गत लगभग 636 करोड़ रुपये का आवंटन प्राप्त हुआ है, जिसका उपयोग आपदा प्रबंधन और राहत कार्यों के लिए किया जाएगा। विभिन्न जिलों में लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने के लिए 151 नावें तैनात की गई हैं। किसानों के लिए ई-क्षतिपूर्ति पोर्टल 15 सितंबर तक खुला है, जिसमें अब तक लगभग चार लाख एकड़ फसल नुकसान के दावे दर्ज किए गए हैं। गोयल ने अधिकारियों को जल्द से जल्द सत्यापन और भुगतान पूरा करने के निर्देश दिए हैं।
हरियाणा में भारी बारिश के बीच आपात बैठक
हरियाणा के लोक स्वास्थ्य और अभियांत्रिकी मंत्री रणबीर गंगवा ने राज्य में लगातार हो रही भारी बारिश और कई जिलों में जलभराव की स्थिति को देखते हुए बुधवार को आपात बैठक बुलाई। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि राज्यभर में प्रभावी जल निकासी और निर्बाध पेयजल आपूर्ति सुनिश्चित की जाए। सिविल सचिवालय में आयोजित आपदा प्रबंधन समीक्षा बैठक की अध्यक्षता करते हुए गंगवा ने कहा, ‘‘हमारी पहली जिम्मेदारी है लोगों को राहत और सुरक्षित पेयजल उपलब्ध कराना। अधिकारी टीम भावना से काम करें।’’
उन्होंने संवेदनशील क्षेत्रों की पहचान कर दीर्घकालिक कार्ययोजना तैयार करने पर भी जोर दिया। बैठक में हरियाणा के विभिन्न हिस्सों में बारिश की स्थिति पर क्षेत्रवार चर्चा की गई। मंत्री ने उन क्षेत्रों में तुरंत समाधान के निर्देश दिए जहां 3-4 दिनों से जल आपूर्ति बाधित है। जरूरत पड़ने पर टैंकरों से पानी पहुंचाने के निर्देश भी दिए गए। घनी आबादी वाले इलाकों में बेहतर जल निकासी व्यवस्था, बिजली आपूर्ति के लिए बैकअप, जनरेटर, ट्रैक्टर पंप और नालियों की सफाई की निगरानी के निर्देश दिए गए। पंजाब में आई बाढ़ को देखते हुए सीमावर्ती क्षेत्रों में विशेष प्रबंध करने के लिए भी कहा गया। मंत्री ने सभी क्षेत्रीय अधिकारियों को 24 घंटे ड्यूटी पर उपलब्ध रहने को कहा। (इनपुट-भाषा)