रेवाड़ी: दसवीं कक्षा के दो छात्रों ने सोमवार की शाम अपने ही एक दोस्त का अपहरण कर उसके परिजनों से पांच लाख की फिरौती रकम मांगी। मगर इससे पहले वारदात को अंजाम दे पाते, पुलिस द्वारा पकड़े गए।
शहर मे स्वामीवाड़ा मोहल्ला निवासी छात्र के पिता की ज्वैलरी की दुकान है। शनिवार की शाम उसके साथ एक ही कक्षा मे पढ़ने वाले दो दोस्त घर पहुंच कर कंप्यूटर को ठीक करने की जरूरत बताकर उसे घर से अपने साथ ले गए, एक ही स्कूटी से घूमते हुए तीनों रामपुरा स्थित भगवत भक्ति आश्रम पहुंचे।
दोनो ने आश्रम के सुनसान कमरे में ले जाकर ज्वैलर के बेटे के हाथ पैर रस्सी से बांध कर मुंह मे रुमाल ठूस दिया और दोनो लड़को ने उसकी डंडे से पिटाई करते हुए धमकी दी कि पिता से पांच लाख रुपये नहीं मांगे तो जान से मार देंगे। नाबालिगों ने पांच लाख की रकम के लिए पिता के पास फोन भी करा दिया तथा अपहृत किशोर को आश्रम में ही एक सूखे टैंक में छुपाने के दौरान किशोर का मुंह खुल गया और उसने जोर-जोर से चिल्लाना शुरू कर दिया।
आश्रम के दो चौकीदारों उसकी आवाज सुन कर सहायता के लिए पहुंचे तब तक तो नाबालिग आरोपी मौके से फरार हो गए। पुलिस की सहायता से दोनों नाबालिगों को पकड़ रामपुरा थाना पुलिस ने जुवेनाइल जस्टिस बोर्ड के समक्ष उन्हें पेश किया, जहां से उन्हें जमानत मिल गई।
जांच अधिकारी उदयवीर ने बताया कि दोनों में एक नाबालिग अपनी मां की सोने की चेन पहन कर स्कूल गया था। मगर चेन उससे गुम हो गई। उससे दोस्त का मोबाइल भी गायब हो गया था। दोनों चीजें लौटाने के लिए उसने अपहरण की साजिश रच डाली। रात के समय यदि चौकीदार मौके पर नहीं पहुंचते तो अमित के साथ अनहोनी भी हो सकती थी।