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भारतीय नौसेना के इतिहास में पहली बार जंगी जहाज पर दो महिला अफसरों की तैनाती

 Written By: IndiaTV Hindi Desk
 Published : Sep 21, 2020 05:13 pm IST,  Updated : Sep 21, 2020 05:13 pm IST

भारतीय नौसेना के इतिहास में पहली बार लेफ्टिनेंट कुमुदिनी त्यागी और सब लेफ्टिनेंट रीति सिंह को भारतीय नेवी के युद्धक पोतों पर ऑब्जर्वर के तौर पर नियुक्त किया गया है। 

2 women officers sub lieutenants kumudini tyagi and riti singh to join crew of frontline indian navy- India TV Hindi
2 women officers sub lieutenants kumudini tyagi and riti singh to join crew of frontline indian navy warships Image Source : PTI

नई दिल्ली। भारतीय नौसेना ने महिला अधिकारियों को महत्‍वपूर्ण तैनाती दी है। भारतीय नौसेना के इतिहास में पहली बार दो महिला अधिकारियों को वॉर शिप पर तैनात किया गया है। इन दोनों महिला अधिकारियों को हेलिकॉप्टर स्ट्रीम में ऑब्जर्वर (एयरबोर्न टैक्टिशियंस) के पद में शामिल होने के लिए चुना गया है। लेफ्टिनेंट कुमुदिनी त्यागी और सब लेफ्टिनेंट रीति सिंह को भारतीय नेवी के युद्धक पोतों पर ऑब्जर्वर के तौर पर नियुक्त किया गया है। 

भारतीय नौसेना के इस ऐतिहासिक फैसले से फ्रंटलाइन जंगी जहाजों पर महिलाओं की तैनाती का रास्‍ता साफ हो गया है। दोनों महिला अधिकारी भारत की पहली महिला एयरबोर्न टैक्‍टीशियंस होंगी जो जंगी जहाजों के डेक से काम करेंगी। इसके तहत, वॉरशिप पर एयरक्राफ्ट को टेकऑफ और लैंड कराया जाता है। इसके पहले महिला अफसरों को फिक्स्ड विंग एयरकॉफ्ट तक सीमित रखा गया था। नेवी के प्रवक्ता विवेक मधवाल ने बताया है कि ये दोनों अधिकारी इतिहास में पहली बार आधिकारिक तौर पर किसी भी युद्ध की स्थिति में वॉरशिप में शामिल होने वाली महिलाएं होंगी।

कुमुदनी त्यागी और रीति सिंह उन 17 अफसरों की टीम का हिस्सा हैं जिन्हें वॉरशिप पर ऑब्जर्वर के तौर पर नियुक्त किया गया है। नौसेना ने इस ऐतिहासिक कदम के लिए 17 ऑफिसर्स में से इन दोनों को चुना है। डिफेंस स्टेटमेंट में बताया गया कि इन 17 अफसरों में चार महिला अधिकारी हैं और भारतीय तटरक्षक दल के तीन अधिकारी शामिल हैं, जिन्हें आज कोच्चि में आईएनएस गरुड़ में आयोजित हुए एक समारोह में 'ऑब्जर्वर्स' के रूप में तैनाती को लेकर 'विंग्स' से सम्मानित किया गया। ग्रुप में नियमित बैच के 13 अधिकारी और शॉर्ट सर्विस कमीशन बैच की चार महिला अधिकारी शामिल थीं।

इस समारोह में चीफ स्‍टाफ ऑफिसर (ट्रेनिंग) रियर एडमिरल ऐंटनी जॉर्ज ने सभी ऑफिसर्स को अवार्ड दिए। उन्‍होंने कहा कि यह बड़ा खास मौका है जब पहली बार महिलाएं हेलिकॉप्‍टर ऑपरेशंस में ट्रेन्‍ड होकर जंगी जहाजों पर तैनात होने जा रही है। गौरतलब है कि दोनों 'ऑब्‍जर्वर्स' एक खास टीम का हिस्‍सा थे। इन्‍हें एयर नेविगेशन, फ्लाइंग प्रोसीजर्स, हवाई युद्ध के दौरान की आजमाई जाने वाली तरकीबों, ऐंटी-सबमरीन वारफेयर के अलावा एवियॉनिक सिस्‍टम्‍स की भी ट्रेनिंग दी गई है। अबतक महिलाओं की एंट्री फिक्‍स्‍ड विंग एयरक्राफ्ट तक सीमित थी जो समुद्र तटों के पास ही टेकऑफ और लैंड करते थे।

भारतीय वायुसेना के राफेल बेड़े में जल्द शामिल होंगी पहली महिला पायलट

भारतीय वायुसेना की एक महिला लड़ाकू पायलट जल्द ही ‘गोल्डन ऐरो’ स्क्वाड्रन में शामिल होंगी जिसमें हाल ही में राफेल युद्धक विमानों को शामिल किया गया है। आधिकारिक सूत्रों ने सोमवार को यह जानकारी दी। उन्होंने कहा कि यह महिला पायलट राफेल विमान उड़ाने का प्रशिक्षण ले रही हैं। सूत्रों ने कहा कि वह मिग-21 लड़ाकू विमान उड़ाती रही हैं और उन्हें राफेल के लिए आंतरिक चयन प्रक्रिया द्वारा चुना गया है। वतर्मान में भारतीय वायुसेना में लड़ाकू विमान उड़ाने वाली 10 महिला पायलट और 18 महिला नेविगेटर हैं। वायुसेना में इस समय महिला अधिकारियों की कुल संख्या 1,875 है। गत सप्ताह, रक्षा राज्य मंत्री श्रीपद नाइक ने संसद में कहा था कि वायुसेना में रणनीतिक आवश्यकताओं को देखते हुए महिला लड़ाकू पायलटों को शामिल और तैनात किया गया है। पिछले साल 10 सितंबर को वायुसेना की ‘गोल्डन ऐरो’ स्क्वाड्रन का पुनर्गठन किया गया था।

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