1. Hindi News
  2. भारत
  3. राष्ट्रीय
  4. निर्भया के चारों दोषियों को 20 मार्च को होगी फांसी, पटियाला हाउस कोर्ट ने जारी किया नया डेथ वॉरंट

निर्भया के चारों दोषियों को 20 मार्च को होगी फांसी, पटियाला हाउस कोर्ट ने जारी किया नया डेथ वॉरंट

 Edited By: IndiaTV Hindi Desk
 Published : Mar 05, 2020 02:40 pm IST,  Updated : Mar 05, 2020 03:00 pm IST

निर्भया के चारों दोषियों के लिए फांसी की नई तारीख मुकर्रर हो गई है। 2012 में निर्भया से बलात्कार और हत्या के चारों दोषियों को 20 मार्च को फांसी दी जाएगी। दिल्ली की पटियाला हाउस कोर्ट ने डेथ वॉरंट जारी करते हुए बताया कि चारों को 20 मार्च को सुबह 5.30 बजे फांसी दी जाएगी।

Nirbhaya Convicts - India TV Hindi
Nirbhaya Convicts 

निर्भया के चारों दोषियों के लिए फांसी की नई तारीख मुकर्रर हो गई है। 2012 में निर्भया से बलात्कार और हत्या के चारों दोषियों को 20 मार्च को फांसी दी जाएगी। दिल्ली की पटियाला हाउस कोर्ट ने डेथ वॉरंट जारी करते हुए चारों दोषियों -मुकेश कुमार सिंह (32), पवन गुप्ता (25), विनय कुमार शर्मा (26) और अक्षय कुमार सिंह (31) को 20 मार्च को सुबह 5.30 बजे फांसी देने के लिए डेथ वॉरंट जारी किया है। बुधवार को ही राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने निर्भया के दोषी पवन की दया याचिका को खारिज कर दी थी। अन्य तीन दोषी पहले ही अपनी सभी न्यायिक विकल्प समाप्त कर चुके हैं। 

नया डेथ वारंट जारी होने के बाद निर्भया की मां आशा देवी ने कहा कि उम्मीद है कि यह आखिरी तारीख होगी और उन्हें 20 मार्च को फांसी के फंदे से लटका दिया जाएगा। जब तक उन्हें फांसी नहीं दी जाती तब तक मेरी लड़ाई जारी है। 20 मार्च की सुबह हमारे लिए जिंदगी की सुबह होगी। आशा देवी ने कहा ​कि निर्भया ने मरने से पहले यह वादा लिया था कि इन दरिंदों को ऐसी सजा मिलनी चाहिए कि फिर किसी लड़की के साथ ऐसा न हो। यदि मौका मिले तो मैं उसे मरता देखना चाहूंगी। 

अदालत ने चारों को 16 दिसंबर 2012 को दक्षिणी दिल्ली में एक चलती बस में 23 वर्षीय फिजियोथेरेपी की छात्रा से दुष्कर्म का दोषी पाया था निर्भया की सिंगापुर के एक अस्पताल में इलाज के दौरान मौत हो गई थी। दिल्ली उच्च न्यायालय ने 13 मार्च 2014 को मृत्युदंड के फैसले पर अपनी मुहर लगाई थी। दोषियों ने इसके खिलाफ उच्चतम न्यायालय में पुनर्विचार और सुधारात्मक याचिकाएं दायर की थीं। इन याचिकाओं के खारिज होने पर मृत्युदंड से बचने के लिये दोषियों ने राष्ट्रपति के समक्ष दया याचिकाएं दायर की थीं।

Advertisement

India TV हिंदी न्यूज़ के साथ रहें हर दिन अपडेट, पाएं देश और दुनिया की हर बड़ी खबर। National से जुड़ी लेटेस्ट खबरों के लिए अभी विज़िट करें भारत