भुवनेश्वर: कटक के एससीबी मेडिकल कॉलेज अस्पताल के फॉरेंसिक एवं विष विभाग के चिकित्सकों के एक दल ने पुरी पुलिस द्वारा एक मकान से बरामद की गई सभी 27 खोपड़ियों का परीक्षण कर बताया कि यह मानव खोपड़ियां ही हैं।
एससीबी के प्रशासनिक अधिकारी बी. एन. मोहराणा ने बताया कि पहले यह दावा किया जा रहा था कि इनमें से कुछ खोपड़ी नकली हो सकती हैं लेकिन चिकित्सकों के दल ने हर खोपड़ी का अलग अलग परीक्षण किया है और यह सभी मानव खोपड़ियां हैं।
मोहराणा ने बताया कि चिकित्सक अब इनके कई और परीक्षण करेंगे ताकि उनके लिंग और उम्र का निर्धारण किया जा सके। साथ ही यह भी पता लगाएंगे कि क्या खोपड़ियों को कोई नुकसान पहुंचाया गया है और यदि पहुंचाया गया है तो वह मृत्यु के उपरांत है या पहले। खोपड़ियों की जांच की रिपोर्ट दो हफ्तों के भीतर पुलिस को सौंप दी जाएगी।
पुलिस ने रविवार को पुरी में सिद्ध महावीर पटना आश्रम के एक कमरे से ये खोपड़ियां बरामद की थीं। इस आश्रम का मालिक एक इंजीनियर मनोरंजन जेना उर्फ मनु भाई उर्फ मनु बाबा है। ये खोपड़ियां, स्थानीय लोगों द्वारा जादू-टोना करने के आरोप के बाद बरामद की गई थीं।
जेना को पुलिस ने हिरासत में ले लिया है। उसने दावा किया है कि वह मुंबई में ओएनजीसी में बतौर इंजीनियर काम करता है। ये खोपड़ियां जेना के घर की अलमारी में मिली थी।
पुलिस ने कहा कि कमरे में ऐसा कुछ संदिग्ध नहीं लगा और न ही ऐसा कोई संदिग्ध दस्तावेज मिला जिससे काला जादू का पता चले। पुलिस ने स्वत: संज्ञान लेते हुए एक मामला दर्ज कर लिया है और जेना को रविवार को निजी मुचलके पर छोड़ दिया गया।