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ये 5 बातें अपने बॉस से कभी न कहें

 Written By: India TV News Desk
 Published : Nov 24, 2015 06:14 pm IST,  Updated : Nov 24, 2015 06:14 pm IST

ख़राब बॉस से आपका ऑफ़िस में काम करना दूभर हो जाता है लेकिन बॉस के ज़रा क़रीबी होने से भी आपकी मुश्किलें बढ़ सकती हैं। बॉस कैसा/कैसी भी हो कुछ ऐसी बातें होती हैं जिसे

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ये 5 बातें अपने बॉस से कभी न कहें

ख़राब बॉस से आपका ऑफ़िस में काम करना दूभर हो जाता है लेकिन बॉस के ज़रा क़रीबी होने से भी आपकी मुश्किलें बढ़ सकती हैं। बॉस कैसा/कैसी भी हो कुछ ऐसी बातें होती हैं जिसे आपको अपने बॉस से कभी नहीं कहनी चाहिये। आप अपने घर में किसी विषय पर एक ख़ास तरह से बोलने के आदी रहते हैं लेकिन उसी विषय पर ऑफ़िस में बोलना मुश्किल हो जाता है।

बॉस से बात करते वक्त आपका रवैया हमेशा पेशेवर होना चाहिये भले ही भॉस आपका कितना ही क़रीबी दोस्त क्यों न हो। हम यहां पांच ऐसी बात बता रहे हैं जो आपको अपने बॉस से कभी नहीं कहने चाहिये।

1.गुज़री रात पार्टी का ज़िक्र

अगर आप अपने बॉस के क़रीब हैं तो गुज़री रात की पार्टी के बारे में बताना कोई बड़ी बात नही है। आप बेझिझक बॉस से पार्टी की चर्चा कर लेते हैं और आपको लगता है इसमें कुच भी ग़लत नहीं है क्योंकि इससे आपके काम पर तो कोई असर पड़ नहीं रहा। लेकिन आपका ये सोचना ग़लत है। अगर आप लगातार पार्टी मे उड़ाए गए मज़े का ज़िक्र करते हैं और फिर 10 या 15 मिनच लेट से ऑफ़िस पहुंचने लगते हैं तो बॉस को लग सकता है कि ये आपकी शराब पीने की आदत की वजह से हो रहा है। आपकी ये आदत आपके वेतन वृद्धि या बोनस पर असर डाल सकती है।

2.अपनी ग़लती का ठीकरा सहयोगी पर न फोड़ें

किसी भी ऑफ़िस में कर्मचारियों को एक टीम के रुप में देखा जाता है क्योंकि टीम वर्क से ही कंपनी निर्धारित लक्ष्य प्राप्त करती है। लेकिन अपनी ग़लती को छुपाकर टीम के किसी सदस्य को नीचा दिखाने से पूरी टीम का मनोबल गिर सकता है। बजाये दूसरे साथी को दोषी ठहराने के बेहतर होगा कि आप अपनी ग़लती मानें और बॉस को विश्वास दिलायें कि ऐसा फिर नहीं होगा। और अगर ग़लती आपके साथी कर्मचारी की है तो मामला बॉस पर छोड़ देना चाहिये।

3. मकान का किराया भारी पड़ रहा है इसलिये वेतन-वृद्धि की मांग

अक़सर ऑफ़िस में सुनने को आता है कि कोई कह रहा होता कि उसका वेतन बढ़ना चाहिये क्योंकि वह मकान का किराया नहीं देने में दिक़्कत हो रही है। लेकिन ये बात ध्यान में रखनी चाहिये आप किराये पर कहां मकान लेते हैं ये बात आपका बॉस तय नहीं करता/करती।

अगर आपको लगता है कि आपको इसलिये वेतन-वृद्धि मिलनी चाहिये क्योंकि आपको आपके पद के हिसाब से पैसा नहीं मिल रहा है या फिर ये कि आपको कुछ सालों से कड़ी मेहनत के बावजूद वेतन-वृद्धि नहीं मिली है तो आपको सीधे अपने बॉस से बात करनी चाहिये।  आपको साफ़ साफ़ कहना चाहिये कि आपकी तनख़्वाह बढ़नी चाहिये क्योंकि आप इसके हक़दार हैं।

4. “नो”

अगर आपका आपका बॉस कुछ करने को कहता है तो आपको कभी भी नो नहीं कहना चाहिये। हां अगर आपका बॉस आपको कुछ ग़लत या ग़ैरकानूनी करने को कहता है तो आपको फ़ैरन नो कह देना चाहिये। अगर आपको पास पहले से ही काम है और बॉस और काम दे देता है तो आपको बॉस से पूछ लेना चाहिये कि कौन सा काम पहले ख़त्म करना है। अगर बॉस समझदार है तो वो ज़रुर आपकी मदद करेगा।

5. बॉस पर लाइन मारने से बाज़ आएं

अपने बॉस पर कभी भी लाइन मारने यानी उसे रिझाने की कोशिश कभी न करें क्योंकि ये एकदम ग़ैरपेशेवर बात होगी। और अगर आप और आपके बॉस के बीच कुछ हो भी जाता है तो कर्मचारी-मालिक का रिश्ता पेचीदा हो जाएगा। ऑफ़िस में यूं भी इस तरह के रिश्तों को लेकर कानाफूसी होती रहती है हालंकि कभी-कभी इन रिश्तों का सुखद अंत भी होता यानी दोनों घर बसा लेते हैं। लेकिन दो सहयोगी के बीच संबंध और बॉस के सात संबंद में बहुत फर्क होता है और ये जटिल भी होते हैं।

अगर आपका बॉस आपको गंदे जोक या मेल भेजता है तो आपको फ़ौरन बॉस को बता देना चाहिये कि ये आपको पसंद नहीं है।

 

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