नई दिल्ली: ड्रंकन ड्राइविंग से जुड़े साल 2002 के मामले में बॉलीवुड अभिनेता सलमान खान को भले ही बॉम्बे हाईकोर्ट ने बरी कर दिया हो, लेकिन आपको जानकर हैरानी होगी कि सिर्फ हिंदुस्तान भर में ही हर साल 6 हजार लोग पियक्कड़ ड्राइवरों के कारण ही मौत की नींद सो जाते हैं। आपको जानकर हैरानी होगी कि भारत में हर साल 2000 हजार मामले ऐसे दर्ज होते हैं जिनमें पियक्कड़ ड्राइवरों के कारण सड़क दुर्घटना की शिकायतें सामने आती हैं। भारत सरकार के सड़क परिवहन मंत्रालय के ये आंकड़े इस मामले में एक नई तस्वीर पेश करते हैं जो एक गंभीर सवाल पैदा करती हैं।

सलमान खान को 13 साल पुराने हिट एंड रन मामले में पहले 5 साल की सजा सुनाई गई थी लेकिन बाद में बॉम्बे हाईकोर्ट ने साक्ष्यों के अभाव में सभी आरोपों से बरी कर दिया। ऐसा नहीं है कि हिट एंड रन जैसा मामला हिंदुस्तान में पहला मामला था। सलमान के इस केस के अलावा भी हजारों केस हर साल देश के थानों में दर्ज होते हैं, जिसमें से अधिकांश में पीड़ितों की मौत हो चुकी होती है। कुल मिलाकर भारत में हर साल 130,000 लोग हर साल सड़क दुर्घटनाओं के कारण मौत के आगोश में चले जाते हैं। अगर आप सिर्फ आंकड़ों की बात करें तो साल 2010 के मुकाबले साल 2013 में भले ही घायलों की संख्या में कमी आई हो लेकिन ड्रंकन ड्राइविंग के कारण मरने वाले लोगों की संख्या में सिर्फ मामूली कमी ही देखने को मिली है।
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