नई दिल्ली: जहां एक ओर बोर्ड परीक्षाओं (यूपी और बिहार) में खुले आम नकल की खबरें सामने आ रही हैं वहीं इसी बीच कोई ऐसा भी है जिसमें अब भी इस बार पास होने का दमखम बचा है। यूपी और बिहार बोर्ड की परीक्षाओं में नकल की खबरों के चलते भले ही ये परीक्षाएं मजाक बनकर रह गई हों, लेकिन राजस्थान के अलवर जिले के रहने वाले शिवचरण एक बार फिर से 10वीं की परीक्षा देने को तैयार हैं।
आपको बता दें कि वो 46 बार दसवीं की परीक्षा दे चुके हैं, लेकिन उन्हें अभी तक सफलता नहीं मिली। उनकी उम्र 82 वर्ष की है, लेकिन फिर भी उन्होंने आजतक कोशिश करना नहीं छोड़ा। गांववालों की माने तो जब शिवचरण 10 साल के थे तभी उनकी मां की मृत्यु हो गई थी। कुछ ही समय बाद पिता का साया भी सिर से उठ गया। उसके बाद से ही शिवचरण का पालन-पोषण उनके ताऊ और बाकी रिश्तेदारों ने किया। खेती-बाड़ी करके शिवचरण ने अपना जीवन निकाला। जब शिवचरण बड़ा हुआ तो उसके लिए रिश्ते ढूंढने शुरू हो गए लेकिन हर किसी ने शिवचरण को यह कहकर ठुकरा दिया क्योंकि वह पढ़ा-लिखा नहीं था। लड़की वालों ने शादी करने से पहले खुद के पैरों पर खड़ा होने के लिए शिवचरण के सामने 10वीं की पढ़ाई पूरी कर लेने की शर्ते रख दी।
तब शिवचरण ने ठाना की अब वह 10वीं की परीक्षा पास करके रहेंगे। इस जिद को पूरा करने के लिए अब तक वे 46 बार परीक्षा दे चुके हैं, लेकिन पास नहीं हो पा रहे हैं। लेकिन आज भी उन्होंने कोशिश करना नहीं छोड़ा है।