नई दिल्ली: पंजाब की राजनीति एक बार फिर गर्माती दिख रही है। पंजाब में आम आदमी पार्टी के विधायक और विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष सुखपाल सिंह खैहरा के ट्वीट के बाद सोशल मीडिया पर खालिस्तान का मुद्दा फिर से सुर्खियों में आ गया है। आप विधायक सुखपाल ने शनिवार को ट्विट करते हुए लिखा कि यद्दपि मैं 2020 में सिखों के लिए अलग देश की मांग को लेकर होने जा रहे जनमत संग्रह में वोट करने नहीं जा रहा हूं लेकिन मुझे ये कहने में ज़रा भी संकोच नहीं है कि आजादी के बाद से लगातार सिख समुदाय के साथ हो रहे भेदभाव का ही ये नतीजा है। चाहे वो दरबार साहिब पर हमला हो या 1984 में सिखों का नरसंहार।
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उनके इस ट्विट के बाद पंजाब की राजनीति में उथल-पुथल शुरू हो गई। पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने सुखपाल सिंह खैहरा के इस ट्विट पर सीधे आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल से ही जवाब मांग लिया। कैप्टन अमरिंदर सिंह ने ट्विट करके लिखा कि मिस्टर अरविंद केजरीवाल मैं भारत संघ से पंजाब को अलग करने के उद्देश्य से 2020 में जनमत संग्रह कराने के आपके नेता प्रतिपक्ष के इस बयान की घोर निंदा करता हूं। कृपया इस पर अपने विचार स्पष्ट करें और अपनी पार्टी नेताओं से जिम्मेदार व्यवहार करने के लिए कहें। क्या आप जानते हैं कि ये जनमत संग्रह किस बात के लिए कराने के मांग हो रही है। अरविंद केजरीवाल की तरफ से तो कैप्टन अरविंदर के ट्विट का कोई जवाब नहीं आया है।