नई दिल्ली: 'जनता के राष्ट्रपति' के रूप में लोकप्रिय हुए पूर्व राष्ट्रपति डॉ. एपीजे अब्दुल अब हमारे बीच नहीं रहे। सोमवार शाम आईआईएम में एक व्याख्यान देने के दौरान गिरने के बाद निधन हो गया।
पूर्व राष्ट्रपति, वैज्ञानिक और लेखक अब्दुल कलाम ने अपने जीवन में बहुत उल्लेखलिये कार्य किये और ख्याति प्राप्त की लेकिन वो अपना एक सपना पूरा नहीं कर पाये। आप जानते हैं उनका वो सपना क्या था?
उनका 'सबसे प्रिय सपना' पायलट बनने का था। अपने इस सपने को वे पूरा नहीं कर सके। कलाम ने अपनी पुस्तक 'माई जर्नी : ट्रांसफॉर्मिंग ड्रीम्स इन टू एक्शंस' में इसपर प्रकाश डाला है।
लेकिन वह अपने सपने के बहुत करीब पहुंचकर चूक गए थे। भारतीय वायुसेना में तब केवल आठ जगहें खाली थीं और कलाम को चयन में नौंवा स्थान मिला था।
रूपा पब्लिकेशंस द्वारा प्रकाशित इस किताब में कलाम ने लिखा है कि वह पायलट बनने के लिए बहुत बेताब थे। कलाम ने मद्रास प्रौद्योगिकी संस्थान से एयरोनॉटिकल इंजीनियरिंग की पढ़ाई की थी।
कलाम ने इस किताब में लिखा था, "मैं हवा में ऊंची से ऊंची उड़ान के दौरान मशीन को नियंत्रित करना चाहता था, यही मेरा सबसे प्रिय सपना था।" कलाम को दो साक्षात्कारों के लिए बुलाया गया था। इनमें से एक साक्षात्कार देहरादून में भारतीय वायुसेना का और दूसरा दिल्ली में रक्षा मंत्रालय के तकनीकी विकास एवं उत्पादन निदेशालय (डीटीडीपी) का था।