नई दिल्ली: असम के पूर्व मुख्यमंत्री और असम गण परिषद (अगप) के नेता प्रफुल्ल कुमार महंत ने घोषणा की कि भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) और अगप आगामी विधानसभा चुनाव साथ मिलकर लडेगी। यहां शीर्ष अगप नेतृत्व की भाजपा अध्यक्ष अमित शाह से करीब घंटे भर तक चली बातचीत के बाद यह घोषणा की गई। महंत ने कहा, ‘हमारी भाजपा अध्यक्ष के साथ बैठक हुई जिसमें हमने असम विधानसभा चुनाव साथ मिलकर लड़ने का फैसला किया है’।
दो बार मुख्यमंत्री रहे महंत ने कहा कि इन दोनों दलों के बीच गठबंधन की औपचारिक घोषणा एक दो दिन में की जाएगी और बताया जाएगा कि कौन सी पार्टी कितनी सीटों पर चुनाव लड़ेगी। भाजपा के मुख्यमंत्री पद के उम्मीदवार सर्वानंद सोनोवाल, अगप के अध्यक्ष अतुल बोरा आदि कई नेता इस बैठक में मौजूद थे। बोरा ने कहा कि दोनों दल शीघ्र ही न्यूनतम साझा कार्यक्रम की घोषणा करेंगे। उन्होंने कहा, यह गठबंधन असम में तरूण गोगाई की अगुवाई वाली भ्रष्ट और निकम्मी कांग्रेस सरकार को उखाड़ फेंकेगा। एक सौ 26 सदस्यीय असम विधानसभा के लिए अप्रैल-मई में चुनाव होने की आशा है।
भाजपा और अगप ने 2009 का लोकसभा चुनाव मिलकर लड़ा था तथा भगवा पार्टी को चार सीटें और अगप को महज एक सीट मिली थी। वैसे इन दोनों दलों ने 2014 के लोकसभा चुनाव से पहले भी गठबंधन करने पर विचार किया था लेकिन यह क्षेत्रीय दल शायद यह सोचकर पीछे हट गया था कि ऐसा गठजोड़ अगप के लिए फायदेमंद नहीं होगा। वर्ष 2014 के लोकसभा चुनाव में भाजपा ने राज्य की 14 सीटों में से सात सीटें जीती थी और अगप को एक भी सीट नहीं मिली थी। भाजपा ने डिब्रूगढ़, जोरहट, नौगांव, तेजपुर, लखीमपुर, मोंगोलडोई और गुवाहाटी में जीत दर्ज की थी जो पहले अगप की पकड़ वाले क्षेत्र समझे जाते थे। चार साल पहले सोनोवाल भाजपा में आने से पहले अगप में थे। वह 2004-09 के बीच अगप सांसद थे।