हैदराबाद: एयर इंडिया ने 19 छात्रों को अमेरिका जा रही अपनी एक उड़ान पर इस आधार पर चढ़ने नहीं दिया गया कि जिन दो विश्वविद्यालयों से उनका ताल्लुक है वे अमेरिकी अधिकारियों की छानबीन के घेरे में हैं। राष्ट्रीय विमानन कंपनी ने अपने कर्मचारियों से कहा कि वे 19 छात्रों को राजीव गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे से सैन फ्रांसिस्को जा रहे विमान पर बैठने नहीं दें। एयर इंडिया के एक अधिकारी ने बताया कि इन छात्रों ने सैन फ्रांसिस्को आधारित जिन दो विश्वविद्यालयों में दाखिला लिया है वो अमेरिकी सरकार की जांच के घेरे में हैं।
अधिकारी ने कहा कि अतीत में हमने देखा है कि इन संस्थानों में जिन छात्रों ने दाखिला लिया उन्हें अमेरिका पहुंचने के साथ ही वापस रवाना कर दिया गया। इनको शर्मिंदगी से बचाने और उनके पैसे को सुरक्षित रखने के लिए हमने उन्हें विमान में चढ़ने से रोका। उन्होंने कहा कि एयरलाइन इन छात्रों को टिकट के पूरे पैसे लौटा रही है। एक बयान में एयर इंडिया ने कहा कि 19 दिसंबर को उन्हें अमेरिकी सीमाशुल्क और सीमा संरक्षण एजेंसी से सूचना मिली थी कि ये दोनों विश्वविद्यालय जांच के घेरे में हैं और जो छात्र सैन फ्रांसिस्को पहुंचे उन्हें अमेरिका में प्रवेश करने की इजाजत नहीं दी गई और उनको वापस भेज दिया गया। एयर इंडिया के बयान में कहा गया है कि अब तक ऐसे 14 छात्रों को भारत वापस भेजा गया है जो एयर इंडिया की उड़ान से सैन फांसिस्को पहुंचे थे।
छात्र एक तरफ का टिकट लेकर अमेरिका जाते हैं और वापस भेजे जाने की स्थिति में उन्हें टिकट पर भारी रकम खर्च करनी पड़ती है और कई बार तो वापस आने वाली उड़ान में सीट भी उपलब्ध नहीं होती। हालात को देखते हुए इन विश्वविद्यालयों में दाखिला लेने वाले छात्रों की टिकट बुकिंग को स्वीकार नहीं किया जा रहा है।
उधर, सवालों के घेरे में आए इन विश्वविद्यालयों में से एक ने अपनी वेबसाइट पर कहा कि कुछ मीडिया समूहों द्वारा पूरी तरह गलत खबरें दी जा रही हैं कि संस्थान को अमेरिकी सरकार ने प्रतिबंधित कर दिया है। संपर्क किए जाने पर हवाई अड्डे के एक आव्रजन अधिकारी ने बताया कि विमान पर बैठने से संबंधित मंजूरी एयरलाइन की ओर से दी जाती है। अमेरिकी वाणिज्य दूतावास के अधिकारियों ने कहा है कि वे इस घटनाक्रम को लेकर जानकारी एकत्र करने का प्रयास कर रहे हैं। वाणिज्य दूतवास ने कहा कि जैसे ही इस संदर्भ में नई जानकारी आती है हम आपको इससे तत्काल अवगत कराएंगे।