नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को आंध्र प्रदेश की नई राजधानी अमरावती की नींव रखी। आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन चंद्रबाबू नायडू का अमरावती को वर्ल्ड टॉप क्लास सिटी बनाने का सपना है। सिंगापुर सरकार ने नायडू के सामने सीड कैपिटल एरिया मास्टर प्लान पेश किया। अमरावती के इस निर्माण में सिंगापुर की कंपनियां काम करेगी।
वर्ल्ड क्लास राजधानी होगी अमरावती
आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू ने वादा किया है कि अमरावती को वर्ल्ड क्लास राजधानी बनाया जाएगा। कैपिटल सिटी को डिजाइन करने में जापान और सिंगापुर सरकार की कंपनिया मास्टर प्लान तैयार कर रही है। सिंगापुर मॉडल की तर्ज पर बनने वाली यह सिटी 54,000 एकड़ में बसाई जाएगी। 10 सालों के भीतर यहां राज्य सचिवालय, हाई कोर्ट और विधानसभा जमीन पर आ जाएंगे। यह सिटी 3 लेयर में होगी- सीड कैपिटल, कैपिटल सिटी और कैपिटल रीजन।
10 बातें जिनके चलते अमरावती होगी देश की सबसे अलग स्मार्ट सिटी
1. अमरावती, भारती की पहली ऐसी राजधानी होगी जिसे जमीन जुटा कर बनाया जा रहा है। इसे लैंड पुलिंग कॉन्सेप्ट कहते है। इस योजना के मुताबिक जमीन के मालिकों को जमीन के विकास और उसकी कीमत बढ़ जाने के बाद उसमें हिस्सा मिलेगा।
2. राज्य सरकार यहां स्पोर्ट्स हब, एंटरटेनमेंट और अन्य आर्थिक गतिविधियों की योजना पर काम कर रही है। तेलुगू असोसिएशन ऑफ नॉर्थ अमेरिका (TANA) भी अमरावती के लिए फंड जुटा रहा है।
3. अमरावती विजयवाड़ा और गुंटुर जैसे शहरों के बीच में आता है। ये शहर नई राजधानी के डेवलपमेंट में कैटेलिस्ट की भूमिका निभा सकते हैं। अमरावती से सटे चार नेशनल हाईवे, एक नेशनल वाटर हाईवे, रेलवे का ग्रैंड ट्रंक रूट, तेजी से बढ़ रहा एयरपोर्ट और एक सीपोर्ट है। यह शहर को फायदा पहुंचाएगा।
4. नए डिजाइन के तहत अमरावती को ईस्ट कोस्ट पर इसे 'गेटवे ऑफ इंडिया' के रूप में स्थापित किया जाएगा।
5. यह ऐसा पहला शहर होगा जहां पोस्ट डेवलपमेंट में मालिकों को शेयर मिलेगा।
6. इस सिटी का विकास उद्योग और कारोबार के बड़े केंद्र के रूप में भी किया जाएगा। 2050 तक यहां 50 लाख रोजगार पैदा करना राज्य सरकार का लक्ष्य है।
7. 21वीं सदी के सिंगापुर के रूप में राजधानी के तौर पर अमरावती इस इलाके के विकास और तरक्की को रफ्तार देने में हैदराबाद व बेंगलुरू जैसे शहरों को भी पीछे छोड़ देगा।
8. इसमें नवरत्न का कॉन्सेप्ट रखा गया है। इसके तहत नॉलेज सिटी, फाइनेंशियल सिटी, हेल्थ सिटी, टूरिज्म सिटी, गवर्नमेंट सिटी, स्पोर्ट्स सिटी, इलेक्ट्रॉनिक्स सिटी, जस्टिस सिटी और एजुकेशन सिटी बसाने की कोशिश होगी।
9. प्राइवेट बिल्डिर्स को 50 मंजिला बिल्डिंग बनाने की मंजूरी होगी। वहीं, सरकारी इमारतें 15 तल्ले से ज्यादा ऊंची नहीं होगी।
10. अमरावती का ऐतिहासिक, राजनीतिक, धार्मिक और सांस्कृतिक महत्व है। आंध्र सरकार अगर इसे प्राचीन सांस्कृतिक शहर के साथ वर्ल्ड क्लास स्मार्ट सिटी बनाने में सफल रही तो आंध्र प्रदेश को हैदराबाद की कमी नहीं खलेगी।