सीकर: जन आंदोलन के लिए अपनी खास पहचान रखने वाले अन्ना हजारे के निशाने पर अब चुनाव आयोग है। अन्ना ने देश में चल रही चुनाव प्रणाली पर ही सवालिया निशान लगा दिया है और चुनाव आयोग से मांग की है कि बैलेट पेपर से चुनाव चिन्ह हटाए जाएं। अन्ना ने अपनी इस मांग के पीछे सविंधान का हवाला देते हुए कहा है कि सविंधान में चिन्ह के आधार पुर चुनाव कराने की व्यवस्था नहीं होने के बावजूद इस प्रणाली से ही चुनाव हो रहे हैं।
उम्मीदवार के नाम और फोटो का हो प्रयोग
अन्ना हजारे ने आज मीडिया से से बातकरते हुए कहा कि देश को संविधान के आधार पर चलाना है और संविधान में चिन्ह पर चुनाव करवाने की व्यवस्था नहीं है फिर क्यों चिन्ह आधारित चुनाव करवा रहे हैं। उन्होंने कहा कि चुनाव में केवल उम्मीदवार का नाम और उसकी फोटो होनी चाहिए। हमारी लड़ाई सरकार से नहीं चुनाव आयोग से है ।
अच्छे चरित्र वाले उम्मीदवारों को वोट देने की अपील की
हजारे ने भ्रष्टाचार पर अंकुश लगाने के लिए चरित्रवान उम्मीदवारों के पक्ष में मत देने की अपील करते हुए कहा कि कांग्रेस ने भ्रष्टाचार में ग्रेजुएट किया और भाजपा पीएचडी करने में जुटी है। उन्होंने कहा कि कांगे्रस और भाजपा भ्रष्टाचार के नाम पर लोगों को गुमराह कर रही हैं। भ्रष्टाचार को खत्म करने की चाबी मतदाताओं के हाथ में है।
आरक्षण देश के लिए खतरा
हजारे ने आरक्षण को देश के लिए खतरा बताते हुए कहा कि आजादी के समय इसकी जरूरत थी लेकिन आज देश के लिए आरक्षण खतरा बन कर उभर रहा है । उन्होंने कहा कि नेताओं ने आरक्षण को वोट का हथियार बना लिया है ।
68 साल तक गोमांस नजर क्यों नहीं आया
उन्होंने गोमांस मामले में नेताओं को आड़े हाथों लेते हुए कहा कि 68 साल तक इनको गोमांस नजर क्यों नहीं आया, आज हर कोई एक दूसरे पर आरोप लगा रहा है ।