श्रीनगर: कश्मीर में शुक्रवार को भी अशांति बनी रही क्योंकि सेना की गोलीबारी में एक युवक मारा गया जबकि 40 सुरक्षाकर्मियों समेत 47 घायल हो गए। चार दिनों की अशांति के केंद्र कुपवाड़ा के बाहर भी घाटी के कई इलाकों में झड़पें हुईं। एक पुलिस अधिकारी ने बताया कि यहां से करीब 100 किलोमीटर दूर कुपवाड़ा के नाथनुसा इलाके में प्रदर्शन के दौरान सेना के कैंप पर पथराव कर रहे प्रदर्शनकारियों को तितर-बितर करने के लिए सुरक्षाबलों की ओर से की गई गोलीबारी में 18 साल के आरिफ हुसैन डार की मौत हो गई जबकि तीन अन्य घायल हो गए।
मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती ने मौत पर दुख व्यक्त किया और आम लोगों से राज्य में शांति भंग करने को इच्छुक नापाक इरादे वाले तत्वों के विरूद्ध सजग रहने की अपील की। स्थानीय लोग प्रदर्शनकारियों के खिलाफ सुरक्षाबलों की कार्रवाई में चार लोगों की मौत के विरूद्ध प्रदर्शन कर रहे थे। प्रदर्शनकारियों का प्रदर्शन एक लड़की की कथित छेड़खानी के खिलाफ था।
मंगलवार को हंदवाड़ा में तीन व्यक्तियों और बुधवार को ड्रगमुला में एक व्यक्ति की मौत सुरक्षाबलों की कार्रवाई में हुई। अधिकारी के अनुसार शुक्रवार को घायल हुए तीन व्यक्तियों को विशेष इलाज के लिए एसएमएचएस अस्पताल में भेजा गया है। सेना के एक अधिकारी ने बताया कि भीड़ के सैन्य कैंप पर धावा की कोशिश करने के बाद ही सुरक्षाबलों ने गोलियां चलाईं।
सैन्य अधिकारी ने कहा कि प्रदर्शनकारियों का एक समूह सैन्य कैंप पर पथराव कर रहा था लेकिन सैनिकों ने संयम से काम किया। हालांकि स्थिति नियंत्रण से बाहर जाने लगी क्योंकि उनमें से बड़ी संख्या में लोगों ने सभी दिशाओं से कैंप पर हमला करने की कोशिश की। इस मौत के साथ ही मंगलवार को शुरू हुई अशांति में अबतक पांच लोगों की जान जा चुकी है। हंदवाड़ा में एक लड़की की कथित छेड़खानी के बाद मंगलवार को अशांति शुरू हुई थी।
कुपवाड़ा जिले में तो मंगलवार से ही अशांति है, आज बारामूला जिले के सोपोर, पुलवामा जिले के त्राल, अनंतनाग जिले के बिजबेहरा, श्रीनगर और गंदेरबल जिले की कंगन इलाके समेत धाटी के अन्य हिस्सों में प्रदर्शन फैल गया। जचलडारा, क्रालगुंड, क्रालपोरा, मीर मोहल्ला, ड्रगमुल्ला और मैगाम कुपवाड़ा जिले के अन्य क्षेत्र हैं जहां हिंसक प्रदर्शन नजर आया। त्रेहगाम की हीरी इलाके ओर कुपवाड़ा शहर में प्रदर्शन के दौरान दो नागरिक सुरक्षाबलों की कार्रवाई में घायल हो गए।
अधिकारी के अनुसार हीरी में प्रदर्शन के दौरान शौकत अहमद गनई को सिर में आंसू गैस के गोले लग गए और उसे यहां एक अस्पताल में लाया गया। कुपवाड़ा में प्रदर्शन के दौरान पोशपुरा के सजाद अहमद भट के पैर में गोली लगी। एक पुलिस प्रवक्ता के अनुसार झड़पों में 40 से अधिक उसके कर्मी घायल हुए। उत्तर कश्मीर में स्थिति बिगड़ गई है क्योंकि अधिकाधिक लोग सड़कों पर उतरने लगे हैं।
महबूबा ने कहा कि वह बहुत व्यथित हैं क्योंकि हिंसा के चक्र ने एक और युवा की जान ले ली। मेरी संवेदना उस लड़के के शोक संतप्त परिवार के साथ है। इसी बीच, हंदवारा में लोगों की मौत पर चिंता प्रकट करते हुए सीपीएम ने आज मांग की कि केंद्र और राज्य सरकार सुरक्षाबलों को प्रदर्शनकारियों पर गोलियां नहीं चलाने का निर्देश दे और वर्तमान स्थिति से शांतिपूर्ण तरीके से निबटे।
पिछले ऐसे अनुभवों से सीख लेने से इनकार करने को लेकर कानून प्रवर्तन एजेंसियों की आलोचना करते हुए सीपीएम ने नई दिल्ली में चेतावनी दी कि हर मौत से स्थिति और भड़केगी और उसने क्षेत्र में ऐसी लापरवाही तत्काल बंद करने की मांग की। इस वामदल ने मंगलवार की गोलीबारी की भरोसेमंद जांच की मांग की और कहा कि पथराव कर रही निहत्थी भीड पर गोलियां नहीं चलाई जाए।