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कौन है ईरान समर्थित विद्रोही गुट PMF? जिसके लड़ाकों को सऊदी अरब ने इराक में घुसकर मारा, मध्य-पूर्व की जंग में पहली बार अमेरिका के साथ किया ज्वाइंट ऑपरेशन

 Written By: Vinay Trivedi @JournoVinay
 Published : Jul 30, 2026 08:13 am IST,  Updated : Jul 30, 2026 08:18 am IST

सऊदी अरब ने इराक की सीमा में घुसकर हवाई हमले किए हैं और ईरान समर्थित मिलिशिया गुट PMF को निशाना बनाया है। जानें PMF कितना ताकतवर है और सऊदी अरब ने उसके ऊपर हमला क्यों किया है।

Popular Mobilization Forces Iraq- India TV Hindi
सऊदी अरब ने इराक में ईरान समर्थित मिलिशिया गुट PMF को निशाना बनाया है। Image Source : AP

Middle East में जारी जंग की आंच और तेज हो गई है। ऐसा इसलिए क्योंकि खाड़ी में चल रही जंग के बीच पहली बार सऊदी अरब ने मंगलवार-बुधवार की दरमियानी रात अमेरिका के साथ मिलकर ज्वाइंट ऑपरेशन को अंजाम दिया है। अभी तक खाड़ी के सभी देश ईरान के मिसाइल-ड्रोन हमलों को सिर्फ रोकने का काम कर रहे थे। सऊदी अरब का निशाना बने हैं ईरान समर्थित मिलिशिया गुट 'अल-हशद अल-शाबी' उर्फ पॉपुलर मोबिलाइजेशन फोर्सेज (PMF) के फाइटर जो इराक के अलग-अलग 7 प्रांतों में मारे गए। जानें सऊदी अरब ने इराक में घुसकर हवाई हमला क्यों किया और PMF को ही क्यों निशाना बनाया।

सऊदी अरब ने इराक में किए हवाई हमले

सऊदी अरब ने इराक में ईरान समर्थित मिलिशिया PMF की तरफ से इस्तेमाल किए जा रहे कई लॉजिस्टिक्स और हथियारों के भंडारों पर हमला किया। खास बात ये रही कि सऊदी अरब की ये कार्रवाई मिडिल-ईस्ट में शुरू हुई जंग के बाद अमेरिका के साथ पहला ज्वाइंट ऑपरेशन था। माना जा रहा है कि ज्वाइंट ऑपरेशन सऊदी अरब पर हुए ड्रोन अटैक के बाद किया गया है। इन हमलों ने मिडिल-ईस्ट के संघर्ष को और जटिल बना दिया है।

हमले में IRGC के 4 सदस्यों की मौत

ईरान के सरकारी मीडिया के मुताबिक, अमेरिका और सऊदी अरब के ज्वाइंट ऑपरेशन में इराक में कई जगहों को टारगेट किया गया, जिसमें ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स यानी IRGC के कम से कम चार मेंबर भी मारे गए। ईरान की मेहर न्यूज एजेंसी ने कहा कि इराक के उत्तरी दियाला प्रांत में रातभर हुए हवाई हमलों में IRGC के चार सदस्यों की जान चली गई, मृतकों की पहचान अली असगर अस्तानेह, अबोलफजल मोताकी, मोर्तेजा अकबरी और अमीर अब्बास दरहमफोरौश के रूप में हुई है।

20 टेक्निकल एक्सपर्ट्स और ईरानी सलाहकारों के मारे जाने का दावा

वहीं, न्यूयॉर्क टाइम्स ने एक अज्ञात अमेरिकी अफसर के हवाले से बताया कि टेक्निकल एक्सपर्ट्स और IRGC के सदस्यों सहित करीब 20 ईरानी सलाहकार मारे गए हैं। इन सलाहकारों की मौजूदगी की वजह से ही उन जगहों को जानबूझकर टारगेट किया गया था, ताकि ईरान समर्थित मिलिशिया PMF की मिसाइल और UAV को तैनात करने की क्षमता को खत्म की जा सके।

इराक के 7 प्रांतों में PMF के 20 लोग मारे गए

वहीं, पॉपुलर मोबिलाइजेशन फोर्सेज ने घोषणा की कि इराक के बगदाद, दियाला, किरकुक और बसरा समेत 7 प्रांतों में उसके कम से कम 20 मेंबर मारे गए और 32 अन्य जख्मी हो गए। साथ ही, इस एक्शन की पुष्टि करते हुए, अमेरिकी सेंट्रल कमांड यानी CENTCOM ने कहा कि ज्वाइंट ऑपरेशन में पूर्वी इराक में "लॉजिस्टिक्स और हथियारों के ठिकानों" को टारगेट किया गया है। CENTCOM के मुताबिक, यह एक्शन 72 घंटों में हुए 30 से ज्यादा ड्रोन हमलों के बाद किया गया। ये हमले IRGC की तरफ से अमेरिकी सैनिकों और सऊदी एनर्जी फैसिलिटी को निशाना बनाकर किए गए थे।

हमले से नाराज हुआ इराक

इराक ने इसकी कड़ी आलोचना की है। इराकी समाचार एजेंसी की रिपोर्ट के मुताबिक, इराक की नेशनल सिक्योरिटी काउंसिल ने इस ज्वाइंट मिलिट्री एक्शन को "अस्वीकार्य आक्रामकता" करार दिया। काउंसिल ने बताया कि ये हवाई हमले तब हुए हैं जब इराकी अधिकारी सुरक्षा हालात सुधारने को लेकर अमेरिका और सऊदी अरब के प्रतिनिधियों के साथ बातचीत में सक्रिय रूप से शामिल हैं। उधर, अमेरिका-सऊदी अरब की नजदीकी पिछले दिनों काफी बढ़ी है। अमेरिका, सऊदी के साथ सिविल न्यूक्लियर डील पर भी साइन कर चुका है। हालांकि, ईरान के साथ इस डील पर अमेरिका को दिक्कत है और यूरेनियम एनरिचमेंट के मसले पर दोनों ही देश आमने-सामने हैं।

पॉपुलर मोबिलाइजेशन फोर्सेज कैसे बना?

जून 2014 में सुन्नी आतंकी संगठन ISIS के मोसुल पर कब्जे के बाद ग्रैंड अयातुल्ला अली अल-सिस्तानी ने फतवा दिया और उसके बाद, 'अल-हशद अल-शाबी' उर्फ पॉपुलर मोबिलाइजेशन फोर्सेज (PMF) नाम से एक नया मिलिशिया ग्रुप बना। तब PMF में 50 से 70 अलग-अलग मिलिशिया ग्रुप शामिल हो गए थे, जिनकी कम से कम 3 अलग-अलग संगठनों के प्रति वफादारी थी। इसके बाद PMF को इराकी सरकार के एक अंग के रूप में संस्थागत रूप देने की कई बार कोशिशें की गईं लेकिन ये नाकाम रहीं।

PMF को स्वतंत्र सैन्य इकाई के रूप में मिली पहचान

फिर 2016 में PMF को इराक की सरकारी सुरक्षा व्यवस्था में औपचारिक तौर पर शामिल किया गया। इसके लिए इराकी संसद में एक कानून पास किया गया था। तब PMF को एक स्वतंत्र सैन्य इकाई के रूप में पहचान मिली और उसे सशस्त्र बलों के आधिकारिक हिस्से के रूप में शामिल किया। PMF ने ISIS को हराने और इराकी क्षेत्र को वापस पाने में अहम रोल निभाया था।

ईरान के Axis Of Resistance का हिस्सा है PMF

जान लें कि PMF के भीतर कुछ ताकतवर मिलिशिया गुटों के ईरान के IRGC से करीबी संबंध हैं। ये मिलिशिया गुट गाजा में हमास, यमन में हूती और लेबनान में हिज्बुल्लाह जैसे संगठनों के साथ मिलकर मिडिल-ईस्ट में ईरान के Axis Of Resistance का हिस्सा है।

कितना ताकतवर है PMF?

कुर्दिस्तान की Draw Media में छपी रिपोर्ट के मुताबिक, 2014 में PMF में करीब 60 हजार फाइटर थे जो अब बढ़कर 2 लाख 38 हजार हो चुके हैं। अगर इराक की सिक्योरिटी फोर्स की बात करें तो उसमें इनका हिस्सा करीब 16.5 फीसदी का है। इसीलिए इराक में PMF का ठीकठाक दखल है।

(इनपुट- AP, ANI)

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