1. Hindi News
  2. Explainers
  3. EXCLUSIVE: क्या BRICS बन पाएगा 'संयुक्त राष्ट्र' का विकल्प? अगर नहीं भी तो इससे भारत और ग्लोबल साउथ को क्या-क्या फायदे

EXCLUSIVE: क्या BRICS बन पाएगा 'संयुक्त राष्ट्र' का विकल्प? अगर नहीं भी तो इससे भारत और ग्लोबल साउथ को क्या-क्या फायदे

 Written By: Vinay Trivedi
 Published : Sep 13, 2026 06:26 pm IST,  Updated : Sep 13, 2026 07:25 pm IST

BRICS समिट के दौरान भी जब एक बार फिर UNSC में सुधार का मुद्दा उठा तो चर्चा होने लगी क्या आने वाले वक्त में ब्रिक्स ही संयुक्त राष्ट्र जैसी संस्था का विकल्प बन सकता है। और अगर ऐसा ना भी हो तो ब्रिक्स के मजबूत होने से भारत और ग्लोबल साउथ के देशों को क्या-क्या लाभ होंगे। आइए इसके बारे में एक्सपर्ट से जानते हैं।

BRICS समूह, संयुक्त...- India TV Hindi
BRICS समूह, संयुक्त राष्ट्र का विकल्प है या नहीं। Image Source : PTI

ग्लोबल पॉलिटिक्स और अर्थव्यवस्था में बढ़ती BRICS की भूमिका के बीच यह प्रश्न लगातार उठाया जा रहा है कि क्या यह ग्रुप भविष्य में संयुक्त राष्ट्र यानी UN का ऑप्शन बन सकता है? इसको लेकर इंडिया टीवी ने विदेश मामलों के एक्सपर्ट डॉ. श्रीश कुमार पाठक से एक्सक्लूसिव बातचीत की। जिसमें उन्होंने बताया कि BRICS, संयुक्त राष्ट्र का विकल्प नहीं है और न ही BRICS का गठन इस मकसद से किया गया था। हालांकि, मौजूदा वर्ल्ड ऑर्डर में सुधार की बात करने और विकासशील देशों की आवाज को मजबूत बनाने में BRICS अहम रोल अदा कर सकता है।

संयुक्त राष्ट्र से काफी अलग है BRICS समूह

डॉ. श्रीश कुमार पाठक बोले कि संयुक्त राष्ट्र का अपना चार्टर और करीब-करीब सार्वभौमिक सदस्यता है। वहीं, BRICS चुनिंदा देशों का एक ऐसा समूह है, जो अंतरराष्ट्रीय संस्थाओं पर सुधार के लिए दबाव बना सकता है।

ब्रिक्स संयुक्त राष्ट्र का विकल्प नहीं है और न ही इसे ऐसे डिजाइन ही किया गया था। संयुक्त राष्ट्र के पास चार्टर है, लगभग सार्वभौमिक सदस्यता है और शांति स्थापना की संस्थागत व्यवस्था है, जबकि ब्रिक्स मौजूदा वैश्विक व्यवस्था में सुधार के लिए दबाव बनाने वाला मंच है। नई दिल्ली शिखर सम्मेलन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने UNSC को 'विशेषाधिकारों का पिरामिड' बताते हुए उसे 'साझेदारी के मंच' में बदलने और इसके लिए 10 सूत्रीय सुधार रोडमैप की जरूरत बताई: विदेश मामलों के जानकार डॉ. श्रीश कुमार पाठक

UNSC में सुधार के लिए PM मोदी ने उठाई आवाज

गौरतलब है कि नई दिल्ली में 12 और 13 सितंबर आयोजित हुई BRICS समिट में PM मोदी ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की वर्तमान व्यवस्था को लेकर प्रश्न किए थे। उन्होंने UNSC को 'विशेषाधिकारों का पिरामिड' कहते हुए इसे 'साझेदारी के मंच' में बदलने की जरूरत पर जोर दिया था। इसके अलावा, PM मोदी ने संयुक्त राष्ट्र में सुधार के लिए 10 प्रस्ताव का रोडमैप तैयार करने का आह्वान भी किया था। जान लें कि भारत लंबे वक्त से संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में विकासशील देशों और ग्लोबल साउथ का प्रतिनिधित्व बढ़ाने की डिमांड करता आ रहा है।

BRICS से भारत और ग्लोबल साउथ को क्या-क्या फायदे?

डॉ. श्रीश कुमार पाठक के अनुसार, BRICS का रोल किसी नए Global Organization को खड़ा करने में नहीं, बल्कि ब्रिक्स के देशों के प्रभाव और व्यावहारिक विकल्पों को बढ़ाने में कारगर साबित हो सकता है।

भारत और ग्लोबल साउथ के लिए ब्रिक्स का महत्व किसी नई वैश्विक संस्था के निर्माण में नहीं, बल्कि सामूहिक प्रभाव और व्यावहारिक विकल्प बढ़ाने में है। स्थानीय मुद्राओं में वित्त, IMF में सुधार और वैश्विक व्यापार व्यवस्था में बदलाव जैसे मुद्दों पर ब्रिक्स की सामूहिक आवाज अधिक प्रभावी हो सकती है। भारत के लिए क्वाड, G20 और ब्रिक्स जैसे अलग-अलग मंचों में सक्रिय भागीदारी रणनीतिक विकल्पों को बढ़ाती है: विदेश मामलों के जानकार डॉ. श्रीश कुमार पाठक

भारत के लिए बढ़ेंगे रणनीतिक विकल्प

एक्सपर्ट का मानना है कि भारत का G20, क्वाड और BRICS जैसे अलग-अलग समूहों में भागीदार बने रहना हमारे देश की स्ट्रैटेजिक ऑटोनॉमी को मजबूत बनाने का काम करता है। इन समूहों के जरिए भारत, उभरती अर्थव्यवस्थाओं, ग्लोबल साउथ और पश्चिमी देशों के बीच संतुलन कायम कर सकता है। ऐसे में BRICS समूह भले ही संयुक्त राष्ट्र का विकल्प न बने, लेकिन वैश्विक संस्थाओं को ज्यादा प्रतिनिधित्व देने वाला, संतुलित और जवाबदेह बनाने में प्रभावी रोल अदा कर सकता है।

ये भी पढ़ें-

EXCLUSIVE: वेनेजुएला और अमेरिका के बीच तेल-ड्रग और घुसपैठियों ने कैसे कराई दुश्मनी, जंग छिड़ी तो कौन सा देश देगा मादुरो का साथ? एक्सपर्ट से जानें सबकुछ

EXCLUSIVE: ग्लोबल प्रेशर के बावजूद दशकों से कैसे टिकी है भारत-रूस की दोस्ती? एक्सपर्ट ने समझाया एक-एक पहलू

Advertisement

India TV हिंदी न्यूज़ के साथ रहें हर दिन अपडेट, पाएं देश और दुनिया की हर बड़ी खबर। Explainers से जुड़ी लेटेस्ट खबरों के लिए अभी विज़िट करें।