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देश के 33 बुद्धिजीवियों की अपील: देश विरोधी साजिश को असफल करें

 Written By: India TV News Desk
 Published : Feb 21, 2016 05:44 pm IST,  Updated : Feb 21, 2016 09:49 pm IST

जवाहर लाल नेहरू विश्वविद्यालय में घटित घटना पर देश के 33 बुद्धिजीवियों ने अपील की है कि देश विरोधी साजिशों को असफल किया जाए।

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नई दिल्ली: पिछले दिनों दिल्ली के जवाहर लाल नेहरू विश्वविद्यालय में जो घटना घटी वह चिंताजनक है। शैक्षणिक परिसरों में नियोजित ढंग से देश-विरोधी नारे हमारी चेतना को झकझोरते हैं। देश के नामी शैक्षणिक परिसर में दुआ पढ़ी जाए कि ''भारत तेरे टुकड़े हो इंशा अल्लाह, इंशा अल्लाह”। विश्वविद्यालय में भारत की बर्बादी का संकल्प लिया जाए। संसद पर हमला करने वाले अफजल गुरु को शहीद घोषित किया जाए। यह शर्मनाक और व्यथित करने वाला है। हम इसे देशविरोधी ताकतों की सुनियोजित साजिश मानते है। हमें यकीन है कि सोच के स्तर पर ऐसे नारे लगाने वाले आंतकवादी मौलाना मसूद अजहर से कम खतरनाक नहीं है।

सत्ता प्रतिष्ठान के खिलाफ वैचारिक असहमति का हम स्वागत करते है। परंतु ऐसे नारे तो कोई भी देशप्रेमी स्वीकार नहीं करेगा।  जेएनयू की घटना एक खतरे का संकेत है। इस खतरे से सतर्क होने के बजाय कुछ लोग इसे अभिव्यक्ति की आजादी की आड़ में ढक रहे हैं। यह अभिव्यक्ति की  आजादी कैसे हो सकती है, जिसमें अपने राष्ट्र के प्रति कोई आस्था न हो?  जो नफरत पैदा करती है? जो देश के सर्वोच्च न्यायिक फैसले पर सवाल उठाती है? जो यह भूल जाते है कि अफजल गुरु का महिमामंडन देश की प्रभुसत्ता,  सुप्रीम कोर्ट, राष्ट्रपति और संसद का अपमान है।

असहमति और बहस के हक के हम हिमायती है। पर क्या देश की बर्बादी और कश्मीर की आजादी के लिए बहस होनी चाहिए। क्या देश को सोलह टुकड़े करने की मांग पर बहस की गुंजाइश है। क्या अफजल गुरु की फांसी और इंडिया गो बैक के नारे असहमति के दायरे में आते हैं। आपसी राजनैतिक निष्ठा भिन्न हो सकती है पर देश से तो प्यार करें। यह कौन सी वैचारिक आजादी है कि जो नारे सीमा पार से लगे, जो कश्मीर में अलगाववादियों के घरों  से लगाए जाएं। वही दिल्ली और जादवपुर के शैक्षणिक परिसरों से भी लगे और उनके भी समर्थन में वैचारिक जुगाली करते हुए कुछ विवेक शून्य लोग खड़े हों।

हमारा मानना है कि देश विरोधी ताकतों ने एक षडयंत्र के तहत लोगों को भड़काने के लिए ये कार्रवाई की है। ताकि लोग भड़के और इसे देशव्यापी राजनैतिक ध्रुवीकरण का स्वरुप दिया जाए। साजिश रचने वालों को ये भी मालूम है कि ऐसा करने से सरकार इसे रोकने का अपना काम करेगी और इसे सरकारी दमन और आपातकाल से बुरा घोषित कर अस्थिरता का माहौल बनाया जाएगा। हम कथित देशभक्तों की हिंसा का भी समर्थन नहीं करते। पहले असहिष्णुता पर देश में माहौल बनाने की कोशिश हुई। फिर दलित छात्र उत्पीड़न का बनावटी माहौल बना। जब वो सब नहीं चले तो अब वैचारिक आजादी की आंड़ में देश विरोधी साजिश। हम इस साजिश की निंदा एवं विरोध करते है और आमजन से अपील करते है कि वे इन ताकतों के मंसूबों को कामयाब न होने दे।

इन लोगों ने की अपील-

  • श्री अनुपम खेर
  • श्री स्वपन दास गुप्ता
  • श्री एन गोपालास्वामी
  • श्री सुभाष कश्यप
  • श्री रजत शर्मा
  • मिस. बिमला पोद्दार
  • श्री उदित नारायण
  • श्री परेश रावल
  • श्री पी. राजन साजन मिश्रा
  • श्री मधुर भंडारकर
  • श्री नरेंद्र कोहली
  • मिस. चित्रा मुद्गल
  • श्री रामदर्श मिश्रा
  • श्री रामबहादुर राय
  • श्री जवाहर लाल कौल
  • मिस. मालिनी अवस्थी
  • मिस. गिरिजा देवी
  • श्री जितेंद्र बजाज
  • श्री चुन्नुलाल मिश्रा
  • श्री पुष्पेष पंत
  • श्री मनु शर्मा
  • श्री के. किक्रम रॉव(जर्नलिस्ट)
  • प्रो. मकरंद परांजपे
  • श्री कमाल किशोर गोयनका
  • मिस. उषा किरण खान
  • डॉ विवेकी रॉय
  • श्री हिरण्यमाया कार्लेकर
  • श्री रुप कुमार राठौर
  • मिस. सोनाली राठौर
  • श्री बनवारी
  • प्रो. कुलदीप चंद्रा अग्निहोत्री(वीसी हिमाचल केन्द्रीय विश्व विद्यालय)
  • प्रो. हीरामणि तिवारी
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